‘जिस तरह मेरे परिवार पर…’ नीतीश कुमार का नाम लेते ही रोने लगीं महिला मंत्री, जानें वजह
बिहार की राजनीति इन दिनों उस समय भावुक हो गई जब पूर्णिया में आयोजित जनसभा के दौरान राज्य की एक महिला मंत्री मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जिक्र करते-करते खुद को संभाल नहीं सकीं. मंच से संबोधन के दौरान मंत्री लेशी सिंह अचानक भावुक हो गईं और बोलते-बोलते उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े.
यह घटना उस समय हुई जब मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा के दौरान पूर्णिया में कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इस दौरान मंत्री ने मुख्यमंत्री के साथ अपने निजी अनुभवों को साझा किया और उन्हें अपने जीवन में “कृष्ण” के समान बताया.
मंच से भावुक हुईं मंत्री लेशी सिंह
दरअसल पूर्णिया में आयोजित कार्यक्रम में जब लेशी सिंह संबोधन दे रही थीं, तब उन्होंने कहा कि उनके जीवन में कई ऐसे कठिन दौर आए जब उन्हें भारी चुनौतियों और परेशानियों का सामना करना पड़ा. ये कहते हुए वह काफी भावुक हो गईं. उन्होंने कहा, 'जिस तरह से मेरे परिवार पर और मुझ पर आपत्ति-विपत्ति आई, उस समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कृष्ण के रूप में ढाल बनकर मेरे साथ खड़े हुए.'
इतना कहते-कहते उनकी आवाज भर्रा गई और वे भावुक होकर रोने लगीं. कुछ क्षणों तक उन्होंने खुद को संभालने की कोशिश की, लेकिन भावनाएं इतनी प्रबल थीं कि उन्हें अपना भाषण बीच में ही रोकना पड़ा और वे मंच पर ही बैठ गईं. सभा में मौजूद लोगों ने भी इस भावुक पल को महसूस किया और माहौल कुछ देर के लिए शांत हो गया.
समृद्धि यात्रा का तीसरा दिन
बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों बिहार में समृद्धि यात्रा के तहत अलग-अलग जिलों का दौरा कर रहे हैं. 10 मार्च से शुरू हुई यह यात्रा राज्य के विकास कार्यों और योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के उद्देश्य से निकाली जा रही है.
गुरुवार को इस यात्रा का तीसरा दिन था और इस दिन मुख्यमंत्री का कार्यक्रम पूर्णिया और कटिहार जिलों में तय किया गया था. पूर्णिया के इंदिरा गांधी स्टेडियम परिसर में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री कटिहार के प्राणपुर प्रखंड के लिए रवाना हो गए, जहां भी जनसभा और विकास योजनाओं से जुड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया.
राज्यसभा जाने की चर्चा के बीच भावुक हो रहे लोग
हाल के दिनों में यह चर्चा तेज है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जा सकते हैं. इस खबर के बाद से जेडीयू कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भावनात्मक प्रतिक्रिया भी देखने को मिल रही है.
हालांकि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि वे बिहार की राजनीति और विकास कार्यों से जुड़े रहेंगे. उन्होंने कहा है कि राज्य के विकास के लिए उनका काम और मार्गदर्शन जारी रहेगा. इसी पृष्ठभूमि में जब समृद्धि यात्रा के दौरान नेता और मंत्री मुख्यमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा कर रहे हैं, तो कई जगहों पर भावुक माहौल भी बन रहा है.
जनसभा में विपक्ष पर भी साधा निशाना
पूर्णिया की जनसभा में मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान राज्य में कानून-व्यवस्था और विकास को लेकर भी विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि जब 24 नवंबर 2005 को एनडीए की सरकार बनी, तब से बिहार में कानून का राज स्थापित हुआ है.
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पहले राज्य में शाम के बाद लोग घर से बाहर निकलने से डरते थे, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली जैसे क्षेत्रों में हुए सुधारों का भी जिक्र किया. साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले बिहार में विकास की स्थिति बेहद कमजोर थी, लेकिन अब राज्य लगातार आगे बढ़ रहा है.
पूर्णिया की यह जनसभा इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि यहां राजनीति के साथ-साथ भावनाओं का भी ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने पूरे कार्यक्रम को खास बना दिया.
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मिडिल ईस्ट तनाव के बीच एयर इंडिया ने डीजीसीए से उड़ान ड्यूटी नियमों में राहत की मांग की
नई दिल्ली, 12 मार्च (आईएएनएस)। मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच एयर इंडिया ने विमानन नियामक डीजीसीए से फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों में अस्थायी ढील देने की मांग की है। गुरुवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई।
एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने डीजीसीए से अनुरोध किया है कि कुछ लंबी दूरी की उड़ानों को तीन पायलट की बजाय दो पायलट के साथ संचालित करने की अनुमति दी जाए। इसके साथ ही अधिकतम उड़ान समय की सीमा बढ़ाने की भी मांग की गई है।
एनडीटीवी प्रॉफिट के सूत्रों के अनुसार, एयर इंडिया ने उड़ान के अनुमत समय में 1 घंटा 3 मिनट की बढ़ोतरी की मांग की है। इससे अधिकतम उड़ान समय 10 घंटे से बढ़कर करीब 11 से 11.5 घंटे हो जाएगा।
इसके अलावा एयरलाइन ने अधिकतम फ्लाइट ड्यूटी पीरियड (एफडीपी) को भी बढ़ाने का अनुरोध किया है। इसके तहत ड्यूटी समय 13 घंटे से बढ़ाकर 14 घंटे 45 मिनट करने की मांग की गई है, यानी करीब 1 घंटा 45 मिनट की अतिरिक्त अवधि।
रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र के कई हिस्सों में हवाई क्षेत्र प्रतिबंधित होने और पाकिस्तान का एयरस्पेस भारतीय एयरलाइंस के लिए बंद रहने के कारण उड़ानों को लंबा रास्ता लेना पड़ रहा है।
इन परिस्थितियों में एयरलाइंस को अरब सागर, मध्य एशिया और अफ्रीका के कुछ हिस्सों के ऊपर से होकर लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है, जिससे उड़ान का समय काफी बढ़ गया है।
इस कारण ईंधन की खपत भी बढ़ रही है और क्रू की ड्यूटी समय सीमा पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि डीजीसीए ने हाल ही में भारतीय एयरलाइंस को मध्य पूर्व के 11 देशों के हवाई क्षेत्र से बचने की सलाह दी है, क्योंकि इन्हें उच्च जोखिम वाले क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है।
एयर इंडिया के लिए ईरान और इराक के हवाई क्षेत्र से बचने के कारण कई लंबी दूरी की उड़ानों का समय काफी बढ़ गया है। इसी वजह से एयरलाइन को इस सप्ताह कई उड़ानें रद्द भी करनी पड़ी हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया का यह प्रस्ताव फिलहाल डीजीसीए के पास विचाराधीन है और नियामक इसकी जांच कर रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि विमानन उद्योग की अन्य कंपनियां भी इसी तरह की रूट संबंधी चुनौतियों का सामना कर रही हैं, लेकिन फिलहाल इंडिगो की ओर से डीजीसीए को ऐसा कोई अनुरोध नहीं मिला है।
हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि एयर इंडिया ने इस मामले में क्रू की थकान से जुड़े संभावित मुद्दों पर पूछे गए सवालों का तुरंत जवाब नहीं दिया।
--आईएएनएस
डीबीपी/
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