डिजिटल बैंक दिवालिया होने पर Paraguay के राष्ट्रपति Santiago Peña ने दिया इस्तीफा
एसनसियोन, छह नवंबर (एपी) पराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना ने उनकी सरकार से जुड़े एक बड़े डिजिटल बैंक के दिवालिया होने के बाद इस्तीफा देने की घोषणा की। यूएनो बैंक के इस संकट से लाखों लोगों की जमा-पूंजी फंस गई और देशभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। इस घटनाक्रम के बाद उनकी अपनी पार्टी ने भी उनसे समर्थन वापस ले लिया।
अभियोजकों ने पेना के खिलाफ आपराधिक जांच शुरू करने की घोषणा की है। पेना के इस्तीफे के कुछ ही मिनट बाद संसद के निचले सदन ने शून्य के मुकाबले 78 मतों से उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित कर दिया और आरोप सीनेट को भेज दिए। सांसद शुक्रवार को उनके इस्तीफे को स्वीकार करने पर भी मतदान करेंगे।
इससे उपराष्ट्रपति पेद्रो अलियाना के राष्ट्रपति पद संभालने का रास्ता साफ हो सकता है। अभियोजक कार्यालय ने बृहस्पतिवार को बताया कि यूएनो बैंक संकट को लेकर तीन आपराधिक जांच शुरू की गई हैं। इनमें पेना और वर्तमान व पूर्व सरकारी अधिकारियों की भूमिका, बैंक की निगरानी में नियामकों की कथित लापरवाही और सरकारी धन बैंक में जमा कराने के फैसले की जांच शामिल है।
यूएनो बैंक कभी देश की तेजी से बढ़ती वित्तीय संस्थाओं में शामिल था और पराग्वे के 60 प्रतिशत से अधिक वयस्कों के इसके ग्राहक होने का दावा किया जाता था। लेकिन जांच में बैंक के मालिकों से जुड़ी कंपनियों को नियमों के विरुद्ध बड़े कर्ज देने और पर्याप्त गारंटी नहीं लेने की बात सामने आई। बैंक की वित्तीय स्थिति बिगड़ने पर केंद्रीय बैंक ने मंगलवार को उसका नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया।
बैंक का ऐप, कार्ड और पैसे के लेनदेन की सेवाएं बंद होने से लाखों ग्राहक अपनी बचत नहीं निकाल सके। संकट से करीब सात हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां भी प्रभावित हुई हैं। पेना ने इस्तीफे की घोषणा करते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट एक वीडियो में कहा कि उन्होंने देश की स्थिरता, सामाजिक शांति और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए यह फैसला लिया है।
उन्होंने जनता से माफी भी मांगी, लेकिन संकट की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की। वहीं, प्रदर्शनकारी उनके खिलाफ महाभियोग चलाने और कानूनी छूट खत्म करने की मांग कर रहे हैं।
Georgia House of Representatives में चुने जाने वाले पहले सिख बने भारतीय-अमेरिकी Jyoth Singh
(योषिता सिंह) न्यूयॉर्क, पांच नवंबर अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में इतिहास रचते हुए भारतीय-अमेरिकी ज्योत सिंह जॉर्जिया प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए हैं और वह राज्य की सदन में पहुंचने वाले पहले सिख बन गए हैं। येल यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र ज्योत सिंह ने तीन नवंबर को हुए चुनावों में जॉर्जिया के ‘हाउस डिस्ट्रिक्ट 97’ से शानदार जीत दर्ज की। सिंह ने चुनावी जीत के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘हमने ‘हाउस डिस्ट्रिक्ट 97’ में अपने पूरे समुदाय के लिए एक नया इतिहास रचा है।’’ ज्योत सिंह ने चुनाव से पहले अपनी प्राथमिकताओं को साझा करते हुए कहा था कि जॉर्जिया के नॉरक्रॉस शहर में बड़े होने के दौरान ‘‘मैंने सीखा कि हमारी विविधता केवल एक संख्या नहीं है-यह हमारी ताकत है।
यह ग्विनेथ का एक जटिल और रंगीन ताना-बाना है जहां हर सिलाई का महत्व है... लेकिन मैं यह भी जानता हूं कि किसी ताने-बाने को मजबूत बनाए रखने के लिए हर धागे का सुरक्षित होना जरूरी है। मैंने उन कमियों को देखा है जहां परिवार पिछड़ जाते हैं, जहां स्वास्थ्य सेवा एक विलासिता है और आवास की लागत उन बुनियादों को हिला देती है जिन्हें खड़ा करने के लिए लोगों ने कड़ी मेहनत की है।’’ उन्होंने कहा कि उनका मकसद इस विविधता को बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना है कि हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का समान अवसर मिले। डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रत्याशी सिंह ने 68 प्रतिशत मतों (13,820 वोट) के साथ एकतरफा जीत हासिल की।
उन्होंने अपने निकटतम रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी यासीन मोघाजी को हराया, जिन्हें केवल 32 प्रतिशत (6,509 वोट) मिले। इससे पहले, मई 2026 में आयोजित पार्टी की ‘डेमोक्रेटिक प्राइमरी’ में सिंह ने जैक्स लॉरेंट को हराकर अपनी उम्मीदवारी तय की थी।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









