यूएई ने यूएनएससी में ईरान की निंदा वाले प्रस्ताव का किया स्वागत, तुरंत हमले रोकने की उठाई मांग
नई दिल्ली, 12 मार्च (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने बुधवार को खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों के खिलाफ प्रस्ताव को पारित कर दिया। ईरान के खिलाफ ये प्रस्ताव बहरीन की ओर से रखा गया, जिसमें खाड़ी देशों पर ईरान के हालिया मिसाइल और ड्रोन हमलों की निंदा की गई। यूएन के इस प्रस्ताव का समर्थन करने के साथ ही यूएई ने मांग की है कि ईरान इन हमलों को तुरंत रोके।
यूएन में यूएई के स्थायी प्रतिनिधि एम्बेसडर मोहम्मद अबुशाहाब ने सुरक्षा परिषद की ओर से उठाए गए कदम का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “135 देशों द्वारा को-स्पॉन्सर किए गए इस प्रस्ताव को अपनाने से एक साफ और एक जैसा संदेश जाता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय हमारी संप्रभुता पर हमलों या आम लोगों और जरूरी ढांचों को जानबूझकर टारगेट करने को बर्दाश्त नहीं करेगी। यूएई इस मुश्किल समय में अपने और हमारे इलाके के नेतृत्व और लोगों के साथ खड़े रहने के लिए यूएनएससी का शुक्रिया अदा करता है। हम अंतरराष्ट्रीय कानून को बनाए रखने, स्थिरता और अपने इलाके में और ज्यादा तनाव को रोकने के लिए यूएन और अपने साथियों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
यूएई की सरकार ने कहा कि इस प्रस्ताव का नेतृत्व खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) में शामिल बहरीन ने किया था। यूएई इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने में बहरीन की काबिलियत के लिए बहुत शुक्रिया अदा करता है।
प्रस्ताव के अनुसार ईरान की ओर से किए जा रहे हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा भी हैं। यूएई सरकार ने बताया कि प्रस्ताव में मांग की गई है कि ईरान तुरंत और बिना किसी शर्त के पड़ोसी देशों को उकसाने या धमकी देने का कोई भी तरीका बंद करे। कतर सरकार ने कहा, यूएन में पेश किया गया यह प्रस्ताव ईरानी हमलों के जवाब में सेल्फ डिफेंस के अधिकार की भी पुष्टि करता है, जिसे यूनाइटेड नेशंस चार्टर के आर्टिकल 51 में मान्यता दी गई है।
यूएई ने मांग की है कि ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तरह से माने, खासकर हथियारों वाली लड़ाई में आम लोगों और आम चीजों की सुरक्षा के मामले में और ऐसी किसी भी धमकी या काम से दूर रहे जो इलाके की स्थिरता और वैश्विक आर्थिक सुरक्षा को कमजोर कर रहा है।
इस प्रस्ताव को अपनाने से पहले जीसीसी देशों और यूएई ने यूएनएससी के अध्यक्ष और अमेरिकी सेक्रेटरी-जनरल को कई चिट्ठी भी भेजी थी। इन चिट्ठियों में यूएई और बड़े इलाके पर ईरान के हमलों के पैमाने और उसके प्रभाव के बारे में विस्तार से बताया गया था। यूएनएससी समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत कार्रवाई करने की अपील की गई थी। यूएई सरकार ने कहा है कि ईरान अपने गैरकानूनी हथियारों से किए गए हमलों की वजह से प्रभावित देशों को हुए सभी नुकसान के लिए जिम्मेदार है।
--आईएएनएस
केके/वीसी
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US-Iran War: अमेरिका ने ईरान के 5000 टार्गेट्स को बनाया निशाना, ताबड़तोड़ अटैक का जारी किया VIDEO
US-Iran War: अमेरिका और इस्राइल लगातार ईरान पर हमले कर रहे हैं. आज युद्ध का 13वां दिन है. इस बीच, अमेरिका की सेना ने ईरान पर हमले भारी और तेज कर दिए हैं. अमेरिका के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के पहले 10 दिनों में ईरान के अंदर करीब पांच हजार लक्ष्यों पर हमले करने का दावा किया है. इन हमलों के दौरान, अमेरिकी सेना ने कम से कम 50 ईरानी जहाजों को नुकसान पहुंचाया या फिर उन्हें तबाह कर दिया है.
CENTCOM ने ईरानी हमलों का एक वीडियो भी शेयर किया है. इसमें एक भूमिगत मिसाइल लॉन्च पर हमले को दिखाया गया. वीडियो में प्रोजेक्टाइल गिरते बड़ा धमाका होता है. CENTCOM ने अपने पोस्ट में लिखा कि ईरानी शासन अपने मिसाइल लॉन्चरों को छिपाने में लगा हुआ लेकिन अमेरिकी सेना उन्हें खोजकर नष्ट कर देगी.
The Iranian regime is losing air capability day by day. U.S. forces aren’t just defending against Iranian threats, we are methodically dismantling them. pic.twitter.com/CrJj2nFtHB
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 12, 2026
28 फरवरी को शुरु हुआ था युद्ध
बता दें, ईरान के खिलाफ अमेरिका और इस्राइल ने संयुक्त रूप से 28 फरवरी सो हमला शुरू किया था. इस हमले का मकसद ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करना और परमाणु ठिकानों को नष्ट करना है. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई अमेरिका-ईरान की रडार पर थे, जिन्हें अमेरिका-इस्राइल ने अपने पहले दिन के हमले में ही ढेर कर दिया. अब अली खामेनेई की जगह उनके बेटे मोजतबा खामेनेई ने संभाल ली है. वे ईरान के नए सुप्रीम लीडर बन गए हैं. खास बात है कि अमेरिका-इस्राइल के हमले में मोजतबा खामेनेई भी घायल हो गए हैं. हालांकि वे अभी सुरक्षित हैं. CENTCOM ने साफ कर दिया है कि ईरान पर उनके हमले जारी रहेंगे.
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अमेरिका के निशाने पर ईरान के अहम टारगेट
CENTCOM ने साफ किया कि 5,000 लक्ष्यों में ईरानी सेना के कमांड और कंट्रोल सेंटर, बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स, इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम, नौसेना के जहाज और पनडुब्बियां, सैन्य संचार व्यवस्था, एंटी-शिप मिसाइलें और बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन बनाने वाली फैक्टरियां शामिल हैं. इन हमलों से ईरान की मिसाइलें और ड्रोन क्षमताओं को भारी नुकसान हुआ है. CENTCOM का दावा है कि ईरानी नेवी के 50 से अधिक जहाज क्षतिग्रस्त या फिर तबाह हो गए हैं. वीडियो में अमेरिका की सेना की सटीक हथियारों की ताकत साफ दिखाई दे रही है.
इन हथियारों और विमानों का अमेरिका ने किया इस्तेमाल
अमेरिका ने ऑपरेशन में कई शक्तिशाली हथियार और फ्लेटफॉर्म्स तैनात किए हैं, जिसमें B-1 बॉम्बर, B-2 स्टील्थ बॉम्बर, B-52 बॉम्बर, LUCAS ड्रोन, पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम, THAAD एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम शामिल हैं.
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ट्रंप का दावा- युद्ध लगभग खत्म
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि करीब-करीब पूरा हो चुका है. ईरान की नौसेना की संचार व्यवस्था और एयरफोर्स करीब खत्म हो चुकी है. अमेरिका अपने लक्ष्यों से बहुत आगे निकल आया है. जल्द ही युद्ध खत्म हो सकता है. इसके अलावा, अमेरिका की ओर से एक बार कहा गया था कि अमेरिका ने कई जीत हासिल की हैं लेकिन अब तक काफी नहीं जीता. हम अंतिम जीत तक कोशिश करते रहेंगे.
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ईरान बोला- लंबी लड़ाई के लिए तैयार
अमेरिका और इस्राइल के साथ जारी संघर्ष को लेकर ईरानी अधिकारियों ने संघर्ष खत्म होने की बात को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि उनकी सेना लंबी और कड़ी लड़ाई के लिए पूरी तरह से तैयार है. ईरान के विदेश मंत्रालय ने नौ मार्च को कहा था कि सैन्य हमले जब तक जारी रहेंगे, तब तक कूटनीति के लिए कोई गुंजाइश नहीं है. लंबे वक्त तक चलने वाले टकराव के लिए ईरान खुद को मजबूत कर चुका है. ईरान ने अपना रुख साफ कर दिया है कि आसानी से वह झुकने वाला नहीं है.
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