Georgia House of Representatives में चुने जाने वाले पहले सिख बने भारतीय-अमेरिकी Jyoth Singh
(योषिता सिंह) न्यूयॉर्क, पांच नवंबर अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में इतिहास रचते हुए भारतीय-अमेरिकी ज्योत सिंह जॉर्जिया प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए हैं और वह राज्य की सदन में पहुंचने वाले पहले सिख बन गए हैं। येल यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र ज्योत सिंह ने तीन नवंबर को हुए चुनावों में जॉर्जिया के ‘हाउस डिस्ट्रिक्ट 97’ से शानदार जीत दर्ज की। सिंह ने चुनावी जीत के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘हमने ‘हाउस डिस्ट्रिक्ट 97’ में अपने पूरे समुदाय के लिए एक नया इतिहास रचा है।’’ ज्योत सिंह ने चुनाव से पहले अपनी प्राथमिकताओं को साझा करते हुए कहा था कि जॉर्जिया के नॉरक्रॉस शहर में बड़े होने के दौरान ‘‘मैंने सीखा कि हमारी विविधता केवल एक संख्या नहीं है-यह हमारी ताकत है।
यह ग्विनेथ का एक जटिल और रंगीन ताना-बाना है जहां हर सिलाई का महत्व है... लेकिन मैं यह भी जानता हूं कि किसी ताने-बाने को मजबूत बनाए रखने के लिए हर धागे का सुरक्षित होना जरूरी है। मैंने उन कमियों को देखा है जहां परिवार पिछड़ जाते हैं, जहां स्वास्थ्य सेवा एक विलासिता है और आवास की लागत उन बुनियादों को हिला देती है जिन्हें खड़ा करने के लिए लोगों ने कड़ी मेहनत की है।’’ उन्होंने कहा कि उनका मकसद इस विविधता को बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना है कि हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का समान अवसर मिले। डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रत्याशी सिंह ने 68 प्रतिशत मतों (13,820 वोट) के साथ एकतरफा जीत हासिल की।
उन्होंने अपने निकटतम रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी यासीन मोघाजी को हराया, जिन्हें केवल 32 प्रतिशत (6,509 वोट) मिले। इससे पहले, मई 2026 में आयोजित पार्टी की ‘डेमोक्रेटिक प्राइमरी’ में सिंह ने जैक्स लॉरेंट को हराकर अपनी उम्मीदवारी तय की थी।
मध्य प्रदेश के व्यक्ति को दुबई से एयर एम्बुलेंस के जरिए वापस लाया गया, दिल्ली एम्स में भर्ती
भोपाल, 6 नवंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के व्यक्ति को दुबई से एयर एम्बुलेंस के जरिए भारत वापस लाया गया है। अनूपपुर जिले के रहने वाले ज्ञानेंद्र तिवारी को 15 अक्टूबर को कार्डियक अरेस्ट आने के बाद दुबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे पिछले तीन सप्ताह से अधिक समय तक कोमा में रहे।
विदेश में लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने के कारण, तिवारी का परिवार उनकी हालत को लेकर चिंतित था और उन्हें आगे के इलाज के लिए भारत वापस लाने के इंतजामों को लेकर परेशान था। कई हफ्तों की अनिश्चितता के बाद, तिवारी को एयर एम्बुलेंस से भारत लाया गया और दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।
गुरुवार देर रात मध्य प्रदेश सरकार की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनकी वापसी के लिए पहल की और जरूरी समन्वय के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से संपर्क किया। बयान में कहा गया, मुख्यमंत्री की पहल पर प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ जरूरी समन्वय किया गया।
इसमें बताया गया कि उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और शहडोल की सांसद हिमाद्री सिंह ने भी तिवारी की सुरक्षित वापसी और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए। बयान के अनुसार, सरकारी और प्रशासनिक स्तर पर किए गए संयुक्त प्रयासों के बाद तिवारी को दुबई से एयर एम्बुलेंस के जरिए लाने के इंतजाम किए गए। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए दिल्ली एम्स ले जाया गया।
ज्ञानेंद्र की वापसी से उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है। परिवार उनकी सेहत को लेकर चिंतित था और दूसरे देश से एक गंभीर रूप से बीमार मरीज को वापस लाने में आने वाली मुश्किलों के कारण उनके भारत पहुंचने का बेसब्री से इंतजार कर रहा था।
तिवारी के रिश्तेदार देवेंद्र तिवारी ने बताया कि परिवार उनकी वापसी को लेकर काफी चिंतित था। उन्होंने उन सभी लोगों का धन्यवाद किया जिन्होंने उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाने में मदद की। उन्होंने परिवार की ओर से केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार के साथ-साथ उन अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों का भी आभार जताया, जिन्होंने इस पूरी प्रक्रिया में मदद की।
--आईएएनएस
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