LPG Cylinder: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच LPG की कमी की आशंका, गैस बचाने के लिए अपनाएं ये 6 आसान तरीके
LPG Cylinder: इजराइल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब पूरी दुनिया पर दिखाई देने लगा है. मिडिल ईस्ट में चल रहे इस संघर्ष के कारण ऊर्जा सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है. खासतौर पर एलपीजी गैस की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है. दरअसल, महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से जहाजों का आवागमन प्रभावित हुआ है. इसी रास्ते से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई होती है. इस स्थिति के कारण एलपीजी टैंकर जहाजों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है. कई राज्यों से गैस सिलेंडर की कमी की खबरें भी सामने आने लगी हैं. ऐसे में लोगों के बीच यह डर बढ़ रहा है कि आने वाले समय में घरेलू गैस सिलेंडर मिलना मुश्किल हो सकता है.
सरकार ने गैस सिलेंडर रिफिल की अवधि बढ़ाई
स्थिति को देखते हुए सरकार ने भी एक अहम फैसला लिया है. अब घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग का अंतराल 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है. इसका मकसद यह है कि लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर स्टॉक न करें और सभी को गैस की सप्लाई मिलती रहे.
गैस बचाने के लिए अपनाएं ये 6 तरीके
हालांकि घबराने की जरूरत नहीं है. अगर आप कुछ छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करें, तो एक गैस सिलेंडर को पहले से ज्यादा दिनों तक आसानी से चला सकते हैं. खासकर छोटे परिवारों के लिए ये उपाय काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं.
1. आंच और बर्तन की दूरी सही रखें
खाना बनाते समय यह ध्यान रखें कि बर्तन और गैस की आंच के बीच सही दूरी हो. अगर बर्तन बहुत ऊपर रखा होगा, तो गर्मी सही तरीके से नहीं पहुंचेगी और गैस ज्यादा खर्च होगी. सही दूरी पर बर्तन रखने से खाना जल्दी पकता है और गैस की बचत होती है.
2. ढक्कन का इस्तेमाल जरूर करें
खाना पकाते समय बर्तन को ढककर रखना बहुत फायदेमंद होता है. इससे भाप और गर्मी अंदर ही रहती है और खाना जल्दी पक जाता है. दाल, चावल या सब्जी बनाते समय ढक्कन का इस्तेमाल करने से गैस की खपत काफी कम हो जाती है.
3. प्रेशर कुकर का ज्यादा उपयोग करें
प्रेशर कुकर गैस बचाने का सबसे आसान तरीका है. दाल, चावल और सब्जियां कुकर में जल्दी पक जाती हैं, जिससे गैस कम खर्च होती है और समय भी बचता है.
4. खाना बनाने से पहले तैयारी कर लें
गैस जलाने से पहले सब्जियां काट लें, मसाले तैयार रखें और बाकी सामग्री भी तैयार कर लें. इससे खाना बनाने में समय कम लगेगा और गैस बेवजह ज्यादा देर तक नहीं जलेगी.
5. गैस लीक और फ्लेम की जांच करते रहें
अगर गैस की आंच कमजोर है या कहीं हल्का गैस लीक हो रहा है, तो सिलेंडर जल्दी खत्म हो सकता है. इसलिए समय-समय पर बर्नर, पाइप और नॉजल की जांच जरूर कराते रहें.
6. इंडक्शन का करें इस्तेमाल
अगर आप सिलेंडर को अधिक दिनों तक चलाना चाहते हैं तो आपको गैस के अल्टरनेटिव ऑप्शन जैसे इंडक्शन स्टोव को भी इस्तेमला करना चाहिए. हर छोटे बड़े काम के लिए गैस का इस्तेमाल न करें. चाय बनाने, दूध गर्म करने या फिर पानी गर्म करने के लिए आप इंडक्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं.
इन आसान उपायों को अपनाकर आप गैस की बचत कर सकते हैं और एक सिलेंडर को सामान्य से 15-20 दिन ज्यादा चला सकते हैं.
यह भी पढ़ें- LPG Cylinder: गैस की टंकी को लेकर हो रही परेशानी, इन नंबरों पर करें शिकायत
मध्य पूर्व में संघर्ष के बाद भी वित्त वर्ष 27 में 7 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी भारत की अर्थव्यवस्था : नोमुरा
नई दिल्ली, 12 मार्च (आईएएनएस)। दिग्गज जापानी इन्वेस्टमेंट बैंक नोमुरा ने कहा कि मध्य पूर्व में संघर्ष के बाद भी वित्त वर्ष 27 में भारत की अर्थव्यवस्था 7 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी।
नोमुरा ने आगे कहा कि अगर मध्य पूर्व में तनाव जारी रहता है तो यह भारत के गोल्डीलॉक्स पीरियड के लिए एक टेस्ट होगा।
गोल्डीलॉक्स, अर्थव्यवस्था की उस स्थिति को कहते हैं, जब जीडीपी वृद्धि दर मजबूती होती है और महंगाई न्यूनतम स्तर पर स्थिर रहती है।
नोमुरा की भारत और एशिया (जापान को छोड़कर) की मुख्य अर्थशास्त्री सोनल वर्मा ने ऑरोदीप नंदी के साथ मिलकर लिखे एक नोट में कहा, वित्त वर्ष 2027 के लिए, हम अपने चालू खाता राजस्व (सीएडी) के पूर्वानुमान को 0.4 प्रतिशत बढ़ाकर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 1.6 प्रतिशत और अपने सीपीआई पूर्वानुमान को 0.7 प्रतिशत बढ़ाकर 4.5 प्रतिशत कर रहे हैं, जबकि अपने जीडीपी पूर्वानुमान को 0.1 प्रतिशत घटाकर 7.0 प्रतिशत कर रहे हैं।
नोमुरा के अनुसार, कैलेंडर वर्ष 2026 की पहली तिमाही के शुरुआती आंकड़ों से पता चलता है कि उपभोग और उद्योग में गति जारी रहेगी, लेकिन निर्यात और सरकारी खर्च कमजोर रहेंगे। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण ऊर्जा की कमी, विशेष रूप से प्राकृतिक गैस की कमी, घरेलू स्तर पर औद्योगिक और सेवा गतिविधियों को बाधित कर सकती है।
हालांकि, नोमुरा को उम्मीद है कि भारत में पिछली नीतिगत ढील, संरचनात्मक सुधारों, उच्च वेतन वृद्धि और अमेरिका के साथ व्यापार तनाव में कमी के कारण चक्रीय सुधार होगा।
ऊर्जा की बढ़ती कीमतों पर नोमुरा ने कहा कि इससे कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है और अधिक एशियाई अर्थव्यवस्थाओं में महंगाई बढ़ेगी, जो कि फिलहाल न्यूनतम स्तर पर है।
ब्याज दरों पर इन्वेटमेंट बैंक ने कहा कि अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण अधिकतर केंद्रीय बैंक रेपो रेट को होल्ड पर रख सकते हैं। हालांकि, अब ब्याज दर बढ़ने की संभावना पैदा होने लगी हैं।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation

















