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रिटायरमेंट के बाद दोबारा नौकरी मिली तो क्या मिलेगी पूरी सैलरी और पेंशन? सुप्रीम कोर्ट ने दिया जवाब

कई बार आपके दिल में सवाल आता होगा कि क्या रिटायरमेंट के बाद दोबारा नौकरी मिलने पर पूरी सैलरी और पेंशन मिलेगी? तो आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में इस पर जवाब दिया है, जिसको जानना आपके लिए जरूरी है।

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योगी सरकार ने बड़ा डिजिटल एक्शन प्लान किया तैयार, न्याय व्यवस्था को बेहतर बनाने की योजना

उत्तर प्रदेश में अपराध नियंत्रण और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए योगी सरकार ने डिजिटल आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. सरकार की योजना पुलिस थानों से लेकर फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं, अभियोजन विभाग, जेलों और अदालतों तक को एक साझा डिजिटल नेटवर्क से जोड़ने की है. इसके लिए इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS 2.0) और क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (CCTNS) को मजबूत किया जा रहा है. इस व्यवस्था के लागू होने से अपराध की रिपोर्ट दर्ज होने से लेकर जांच, साक्ष्य जुटाने और अदालत में सुनवाई तक की प्रक्रिया में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस पूरी व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया जा रहा है.

सरकार का लक्ष्य है कि न्याय व्यवस्था से जुड़े अलग-अलग विभागों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान आसान हो और जांच में होने वाली देरी को कम किया जा सके. डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से केस से संबंधित जानकारियां संबंधित विभागों तक तेजी से पहुंच सकेंगी. इससे पुलिस और न्यायिक संस्थाओं के बीच समन्वय बेहतर होने की उम्मीद है.

नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में यूपी का स्कोर बढ़ा

उत्तर प्रदेश में नए आपराधिक कानूनों (NCL) को लागू करने की दिशा में भी प्रगति दर्ज की गई है. 12 सितंबर 2026 के एनसीएल रैंकिंग डैशबोर्ड के मुताबिक, प्रदेश का कुल स्कोर बढ़कर 85.99 अंक हो गया है. 25 जून 2026 को यह 78.13 अंक था. यानी करीब ढाई महीने में प्रदेश ने 7.86 अंकों का सुधार किया है. डैशबोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, 20 जुलाई को प्रदेश का स्कोर 82.05 और 19 अगस्त को 84.92 अंक था. वहीं, एक सितंबर को यह बढ़कर 85.47 अंक पहुंच गया था. लगातार बढ़ता स्कोर नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन और तकनीकी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के प्रयासों को दर्शाता है.

ई-साक्ष्य और जांच की निगरानी के लिए अलग डैशबोर्ड

नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सरकार ने केवल डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करने पर ही ध्यान नहीं दिया है, बल्कि उनकी नियमित निगरानी की व्यवस्था भी बनाई है. प्रत्येक महीने होने वाली क्राइम मीटिंग में इनकी प्रगति की समीक्षा की जाती है.

इसके अलावा ई-साक्ष्य के इस्तेमाल और 60 तथा 90 दिनों के भीतर जांच पूरी करने से जुड़े मानकों की निगरानी के लिए अलग डैशबोर्ड विकसित किया गया है. न्यायालयों से संबंधित मानकों में सुधार के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट को भी एनसीएल डैशबोर्ड का एक्सेस दिया गया है. इसका उद्देश्य जांच और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े कामकाज में बेहतर तालमेल स्थापित करना है.

ई-फॉरेंसिक 2.0 से ऑनलाइन होगी जांच की प्रक्रिया

अपराधों की जांच में वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका बढ़ाने के लिए प्रदेश में ई-फॉरेंसिक 2.0 व्यवस्था लागू की गई है. जुलाई 2026 से शुरू हुई इस प्रणाली के तहत अब तक 6,334 केस प्राप्त हुए हैं, जबकि 535 मामलों की रिपोर्टिंग की जा चुकी है. इस डिजिटल व्यवस्था में केस का रजिस्ट्रेशन, संबंधित अधिकारियों को आवंटन, जांच रिपोर्ट तैयार करना और रिपोर्ट भेजने जैसे काम ऑनलाइन किए जा रहे हैं. इससे फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने और मामलों की प्रगति पर नजर रखने में मदद मिलेगी.

1,982 थानों और 18 फॉरेंसिक लैब को जोड़ने की तैयारी

आईसीजेएस 2.0 के तहत प्रदेश के सभी 1,982 पुलिस थानों और 18 फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं की नेटवर्क कनेक्टिविटी मजबूत करने की योजना पर काम चल रहा है. इसके लिए एसडी-वैन आधारित नेटवर्क व्यवस्था विकसित करने और आवश्यक तकनीकी संसाधन खरीदने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है. पुलिस विभाग में डेस्कटॉप, यूपीएस, टैबलेट, मल्टीफंक्शन प्रिंटर, वेबकैम और क्यूआर कोड रीडर जैसे उपकरण उपलब्ध कराने की तैयारी है. इन संसाधनों से पुलिसकर्मियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने और जांच से जुड़ी जानकारियां तेजी से साझा करने में सुविधा मिलेगी.

 

 

 

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  Sports

40 करोड़ दो वरना ऑक्शन में जाएंगे... आईपीएल नीलामी से पहले खिलाड़ियों ने बढ़ाई टीमों की टेंशन

40 Crore retention demand: आईपीएल के अगले मेगा ऑक्शन से पहले ट्रेड विंडो और रिटेंशन को लेकर टीमों की राह कठिन दिख रही है. कई टॉप खिलाड़ियों ने रिटेन होने के लिए 40 करोड़ की भारी-भरकम फीस की मांग रखी है. श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत के ऑक्शन में जाकर बड़ी रकम हासिल करने के बाद अन्य खिलाड़ी भी खुले बाजार का रुख कर सकते हैं. 150 करोड़ पर्स होने की संभावना से यह मांग पूरी होना असंभव तो नहीं, लेकिन टीमों के बजट का बड़ा हिस्सा दांव पर लग जाएगा. Thu, 5 Nov 2026 23:48:55 +0530

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