BJP Padyatra: यूपी में बीजेपी की पदयात्रा के पीछे क्या है असली मकसद, समझिए
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में भाजपा की पद यात्रा हुई. इसकी अगुवाई की उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर वार किया. बड़ा सवाल भाजपा के 2027 के मिशन का है. मुद्दा है कि क्या इस पद यात्रा के जरिए भाजपा 2027 के लिए बड़ा नैरेटिव खड़ा कर पाएगी? पश्चिम यूपी के गाजियाबाद में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में यह बीजेपी की पद यात्रा है. गाजियाबाद में यह बीजेपी का लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ सियासी अभियान है. इस अभियान को यूपी में 2027 की तैयारियों के रूप में देखा जा रहा है.
गाजियाबाद में सीएम योगी ने पद यात्रा में शामिल होने के साथ पार्टी समर्थकों और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. उन्होंने कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया. लोकतंत्र के बारे में आज कांग्रेस हमें उपदेश दे रही है. यह वही कांग्रेस है याद करिए. यह वही कांग्रेस है जिसने 1975 में देश में आपातकाल लागू किया था. देश के अंदर आपातकाल के मंसूबों के साथ चलने वाली कांग्रेस जब आज लोकतंत्र पर उपदेश देती है तो ये बड़ी हास्यास्पद स्थिति सी उनके सामने खड़ी करती है.
बीजेपी की तरफ से भी पलटवार किया जा रहा
वैसे यूपी में चुनाव का वक्त नजदीक है. देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्था के साख को लेकर बवाल हो रहा है. विपक्ष संवैधानिक संस्था की आड़ में केंद्र और बीजेपी को कटघरे में खड़ा कर रहा है. लिहाजा पद यात्रा के जरिए बीजेपी की तरफ से भी पलटवार किया जा रहा है. यूपी में बीजेपी पद यात्रा के जरिए विपक्ष को जवाब दे रही है. पद यात्रा राजनीतिक और संगठनात्मक ताकत के शक्ति प्रदर्शन का माध्यम भी बन रहा है. गाजियाबाद में
यात्रा के जरिए पूरे पश्चिम यूपी को बड़ा संदेश दिया गया. इस अभियान के जरिए चुनाव से पहले पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट किया जा रहा है. यूपी में बीजेपी की पद यात्रा को उसकी आक्रामक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. आक्रामक अंदाज में योगी विपक्ष को आईना दिखा रहे हैं. साथ ही राहुल गांधी पर तंज कस रहे हैं.
रामलला टेंट के नीचे रहने के लिए मजबूर थे: योगी
सीएम योगी ने कहा, कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी की स्थिति गांव के उस लड़के की तरह हो गई जो बार-बार फेल होता है. हिंदुत्व, सांस्कृतिक, राष्ट्रवाद और राम मंदिर भाजपा और योगी आदित्यनाथ की राजनीति की बुनियाद रहे. 2027 से पहले तेज होते संग्राम के बीच योगी आदित्यनाथ राम मंदिर निर्माण के मुद्दे को उठाकर राज्य में विपक्षी समाजवादी पार्टी को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं. याद करिए रामलला 500 वर्षों तक किस रूप में या तो गुलामी के ढांचे के नीचे या टेंट के नीचे रहने के लिए मजबूर थे. हर राम भक्त नारा लगाता था रामलला हम आएंगे मंदिर वही बनाएंगे.
कांग्रेस ने राम मंदिर के मार्ग में रोड़े अटकाए: योगी
उन्होंने कहा, लाठी गोली खाएंगे ये कांग्रेस और सपा के लोग राम मंदिर के खिलाफ लड़ते थे न्यायालय में भी लड़ते थे और सड़कों पर राम भक्तों से भी लड़ते थे और तब हम नारे लगाते थे कि लाठी गोली खाएंगे लेकिन मंदिर वही बनाएंगे लाठी गोली खाएंगे. मंदिर वही बनाएंगे. आज आप देखे होंगे जिन समाजवादी पार्टी ने राम भक्तों पर गोलियां चलाई. जिस कांग्रेस ने राम मंदिर के मार्ग में रोड़े अटकाए. आज उसी अयोध्या में त्रेता युग का स्मरण होता है. भाजपा की यह पद यात्रा वैसे तो एसआईआर और विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों का जवाब बताया जा रहा है. लेकिन यूपी में इसका मकसद व्यापक चुनावी तैयारी भी है.
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