वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच आईईए देशों का बड़ा फैसला, जारी किया जाएगा 400 मिलियन बैरल तेल
नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच एक अहम कदम उठाते हुए इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) ने बुधवार को घोषणा की कि 32 सदस्य देशों के आपातकालीन भंडार से 400 मिलियन बैरल (40 करोड़ बैरल) तेल जारी किया जाएगा, ताकि वैश्विक तेल बाजार में आई आपूर्ति बाधा को दूर किया जा सके।
यह आपातकालीन तेल भंडार हर सदस्य देश की परिस्थितियों के अनुसार तय समय सीमा में बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, कुछ देश इस कदम के साथ अतिरिक्त आपात उपाय भी लागू करेंगे।
आईईए के सदस्य देशों के पास 1.2 बिलियन बैरल से ज्यादा का आपातकालीन तेल भंडार मौजूद है, जबकि इसके अलावा लगभग 600 मिलियन बैरल उद्योग से जुड़ा तेल भंडार भी सरकारों के नियंत्रण में रखा गया है।
आईईए के इतिहास में यह छठी बार है जब सदस्य देशों ने मिलकर तेल भंडार जारी करने का फैसला किया है। इससे पहले 1991, 2005, 2011 और 2022 में दो बार ऐसा कदम उठाया गया था।
आईईए के अनुसार, यह फैसला सदस्य देशों की एक आपात बैठक के बाद लिया गया, जिसे आईईए के कार्यकारी निदेशक ने बुलाया था। इस बैठक में मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण तेल बाजार की स्थिति का आकलन किया गया और आपूर्ति बाधा से निपटने के विकल्पों पर चर्चा की गई।
आईईए के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने कहा, तेल बाजार में हम जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, वे अभूतपूर्व पैमाने की हैं, इसलिए मुझे बहुत खुशी है कि आईईए सदस्य देशों ने इतिहास की सबसे बड़ी सामूहिक आपात कार्रवाई की है।
उन्होंने आगे कहा कि तेल बाजार वैश्विक होता है, इसलिए बड़े व्यवधानों से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिक्रिया भी जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा सुरक्षा आईईए की स्थापना का मुख्य उद्देश्य है, और सदस्य देशों द्वारा मिलकर उठाया गया यह कदम मजबूत एकजुटता को दर्शाता है।
28 फरवरी से शुरू हुए मिडिल ईस्ट संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले तेल के प्रवाह पर गंभीर असर पड़ा है। मौजूदा समय में कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों का निर्यात संघर्ष से पहले के स्तर के 10 प्रतिशत से भी कम रह गया है।
इस वजह से क्षेत्र की कई कंपनियों को तेल उत्पादन कम करना या अस्थायी रूप से बंद करना पड़ रहा है।
साल 2025 में औसतन रोजाना करीब 20 मिलियन बैरल कच्चा तेल और तेल उत्पाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरते थे, जो दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का लगभग 25 प्रतिशत है।
आईईए ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बायपास कर तेल आपूर्ति के विकल्प फिलहाल काफी सीमित हैं, इसलिए बाजार को स्थिर रखने के लिए यह आपात कदम जरूरी हो गया है।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
Scholarship: इस अमेरिकी यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की हो गई मौज, खाना-पीना और पढ़ाई-लिखाई हो जाएगा माफ
Tata Scholarship for Cornell University: टाटा स्कॉलरशिप फॉर कॉर्नेल यूनिवर्सिटी (Tata Scholarship for Cornell University) मुख्य रूप से भारत के उन मेधावी छात्रों को मिलती है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और कॉर्नेल विश्वविद्यालय में स्नातक (Bachelor's) स्तर की पढ़ाई कर रहे हैं. यह स्कॉलरशिप भारतीय नागरिकों के लिए है, जो खास तौर पर इंजीनियरिंग, वास्तुकला या फिर विज्ञान के क्षेत्र में पढ़ाई कर रहे हैं. आवेदक का प्रथम वर्ष का छात्र होने जरूरी है.
100 प्रतिशत आर्थिक सहायता प्रदान करता है स्कॉलरशिप
टाटा स्कॉलरशिप फॉर कॉर्नेल यूनिवर्सिटी भारतीय अंडरग्रेजुएट्स स्टूडेंट्स के लिए एक नीड-बेस्ट स्कॉलरशिप है. इसके तहत ट्यूशन फीस, रहने और खाने-पीने का खर्च कवर होता है. ये स्कॉलरशिप टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट द्वारा फंडेड है. इसका उद्देश्य योग्य छात्रों को 100 प्रतिशत फाइनेंशियल मदद प्रदान करना है.
क्या है स्कॉलरशिप की पात्रता (Tata Scholarship for Cornell University for Eligibility)
- आवेदक भारत का ही नागरिक होना चाहिए.
- भारत से ही हाई स्कूल (कक्षा 10वीं) की पढ़ाई पूरी की हो.
- कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के किसी भी अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में एडमिशन लिया हो.
- TOEFL (100+) या IELTS (7.0+) स्कोर जरूरी हैं.
स्कॉलरशिप के लिए कैसे आवेदन करें (How to Apply for Tata Scholarship for Cornell University)
- टाटा स्कॉलरशिप के लिए कोई अलग फॉर्म नहीं है.
- आपको कॉमन ऐप (Common App) के माध्यम से कॉर्नेल यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए आवेदन करना होगा.
- आपको आवेदन के समय ही फाइनेंशियल एड के लिए CSS प्रोफाइल भरनी होगी.
- जब आप एडमिशन के लिए आवेदन करते हैं और वित्तीय सहायता का दावा करते हैं, तो विश्वविद्यालय खुद आपकी योग्यता के अनुसार टाटा स्कॉलरशिप पर विचार करता है.
- स्कॉलरशिप के फायदे क्या हैं (Benefits of Tata Scholarship for Cornell University)
- 100% स्कॉलरशिप मिलती है. आसान भाषा में कहें तो ट्यूशन, रहना, खाना और अन्य खर्चों को शामिल किया जा सकता है, जो छात्र की वित्तीय जरूरत (demonstrated need) पर निर्भर करता है.
- चार साल तक के अंडरग्रेजुएट अध्ययन के लिए (GPA 3.0+ अनिवार्य).
स्कॉलरशिप के लिए क्या करें और क्या न करें (Dos and Don'ts for Tata Scholarship for Cornell University)
क्या करें (Dos):
- एडमिशन्स और स्कॉलरशिप की समय सीमा (आमतौर पर जनवरी/नवंबर) को ध्यान में रखें.
- CSS प्रोफाइल में सही आय और एसेट की जानकारी भरें.
- अपनी कहानी और भारत वापस आने के अपने उद्देश्य को स्पष्ट रूप से लिखें.
- आवश्यक दस्तावेज, जैसे- पासपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट और टैक्स रिटर्न तैयार रखें.
क्या न करें (Don'ts):
- स्कॉलरशिप के लिए किसी अलग पोर्टल पर आवेदन न करें. सिर्फ कॉर्नेल के एडमिशन पोर्टल का ही इस्तेमाल करें.
- आवेदन के दौरान, कोई भी जानकारी न छिपाएं.
- डेडलाइन के बाद आवेदन न करें, जिससे ये एक बहुत ही प्रतिस्पर्धी (competitive) स्कॉलरशिप है.
इन स्कॉलरशिप योजनाओं के बारे में जानें….
सरकार दे रही हर साल 20 हजार तक की Scholarship, यहां जानें पात्रता, आवेदन प्रक्रिया सबकुछ
इसके अलावा, अमेरिका में पढ़ाई का सपना देखने वाले स्टूडेंट्स के लिए भी एक खुशखबरी है. आपका सपना अगर अमेरिका से अपना पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा करने का है तो फुलब्राइट-नेहरू मास्टर फेलोशिप (Fulbright-Nehru Master's Fellowships) आपके सपनों को पूरा कर सकती है. अमेरिका में मास्टर डिग्री पूरा करने वाले भारतीय छात्रों के लिए फुलब्राइट-नेहरू मास्टर फेलोशिप सबसे प्रतिष्ठित और पूर्ण वित्त पोषित स्कॉलरशिपों में से एक है. पढ़ें पूरी खबर
सरकार दे रही हर साल 20 हजार तक की Scholarship, यहां जानें पात्रता, आवेदन प्रक्रिया सबकुछ
केंद्र सरकार देश के लाखों छात्रों के लिए एक अहम स्कॉलरशिप योजना चलाती है, जिसका नाम प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन (पीएम‑यूएसपी) छात्रवृत्ति है. आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा के दौरान आर्थिक मदद देना है ही इस स्कॉलरशिप का उद्देश्य है, जिससे पढ़ाई के दौरान उनके रोजमर्रा के खर्च में सहायता मिल सके. पढ़ें पूरी खबर
उत्तर प्रदेश सरकार भी चलाती है स्कॉलरशिप योजना
उत्तर प्रदेश सरकार भी आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की सहायता के लिए ये स्कॉलरशिप योजना चलाती है. इसके तहत सामान्य वर्ग, ओबीसी, एससी और एसटी के साथ-साथ अल्पसंख्यक समुदायों के छात्रों को भी लाभ मिलता है. पढ़ें पूरी खबर
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation





















