वरुण धवन फिल्मों से जा रहे दूर, अब एक्टिंग छोड़ करेंगे ये काम, जानें क्यों लिया इतना बड़ा फैसला?
Varun Dhawan: बॉलीवुड के टैलेंटेड एक्टर वरुण धवन इन दिनों अपनी अपकिंग फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है’ को लेकर चर्चा में हैं. इसी बीच एक्टर को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. जिसे सुनकर फैंस को झटका लग सकता है. हाल ही में वरुण की बॉर्डर-2 (Border 2) फिल्म रिलीज हुई थी जो बड़े पर्दे पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई. लेकिन अब खबर आ रही है कि वरुण फिल्मों से दूर जा रहे हैं और एक्टिंग करते नजर नहीं आएंगे. चलिए जानते हैं क्या है ये पूरा माजरा.
फिल्मों में नजर क्यों नहीं आएंगे वरुण?
वरुण धवन ने कुछ समय पहले ही 'है जवानी तो इश्क होना है’ की शूटिंग पूरी की थी और उसके प्रोमोशन में लग गए थे. हालांकि फिल्म 5 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी लेकिन मेकर्स ने 'यश की टॉक्सिक' फिल्म से टकराव के कराण रिलीज डेट आगे बढ़ा दी है. अब वरुण की अगली फिल्म 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. इसी बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वरुण एक्टिंग से ब्रेक ले रहे हैं और अपने परिवार के साथ टाइम स्पेंड करना चाहते हैं, खासकर पत्नी नशाता और बेटी लारा के साथ.
वरुण की लव लाइफ और फिर शादी
बता दें, वरुण धवन ने 2021 में अपनी बचपन की दोस्त नताशा दलाल से शादी की थी. दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे. जब वरुण धवन छठी क्लास में थे तब से नताशा को जानते हैं. हालांकि शुरू में दोनों की दोस्ती थी लेकिन ये दोस्ती बाद में प्यार में बदल गई. इसके बाद उन्होंने नताशा को डेट करना शुरू कर दिया. वरुण ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने नताशा को एक बार बास्केटबॉल कोर्ट में देखा देखा. शुरू में उन्हें दो-तीन बार रिजेक्शन झेलने पड़े. लेकिन बाद में नताशा ने उनका प्रपोजल एक्सेप्ट कर लिया. जिसके बाद दोनों रिलेशनशिप में आ गए. बता दें कि शादी के तीन साल बाद 2024 में उनकी पत्नी नताशा ने एक बेटी को दिया था.
'है जवानी तो इश्क होना है’ के बारे में
वरुण धवन की अपकमिंग फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है’ उनके पिता डेविड धवन ने निर्देशित की है. वरुण की पिता के साथ ये चौथी फिल्म है. इसमे एक्टर मृणाल ठाकुर, पूजा हेगड़े और मौनी रॉय के साथ पहली बार स्क्रीन शेयर करते नजर आएंगे. जानकारी के मुताबिक, इस फिल्म में 90 की कॉमेडी का तड़का देखने को मिलेगा. इसके अलावा फिल्म में तीन एक्ट्रेस हैं तो लव ट्रायंगल भी देखने को मिल सकता है यानि फिल्म में कॉमेडी के साथ-साथ रोमांस का भरपूर तड़का होगा.
वरुण धवन का फिल्मी करियर
वरुण धवन ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत 2012 में करण जौहर द्वारा निर्देशित फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' से की थी. यह मूवी बॉक्स ऑफिस पर कामयाब रही है. इसमें मुख्य भूमिका में आलिया भट्ट और सिद्धार्थ मल्होत्रा भी दिखाई दिए थे. इसके लिए वरुण को बेस्ट मेल एक्टर का अवार्ड भी मिला. इसके बाद उन्होंने कई हिट और ब्लॉकबस्टर फिल्म दीं. इसमें 'हम्पटी शर्मा की दुल्हनिया' (2014), 'मैं तेरा हीरो' (2014), और 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' (2017) के अलावा 'दिलवाले', 'जुड़वा 2', 'एबीसीडी 2' और 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' शामिल हैं. वरुण ने न केवल रोमांटिक और कॉमेडी फिल्में कीं बल्कि 'बदलापुर' (2015) और 'अक्टूबर' (2018) जैसी गंभीर और डार्क थ्रिलर में भी काम कर रखा है.
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कान से बहने वाले तरल पदार्थ को न करें अनदेखा, इन उपायों से पाएं दर्द पर नियंत्रण
नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। शरीर के बाकी सभी अंगों की तरह कान भी हमारे शरीर का सबसे जरूरी अंग है जो न सिर्फ सुनने में सहायता करता है बल्कि शरीर के संतुलन को भी बनाए रखने में मदद करता है।
कान की स्वच्छता को लेकर लोग आमतौर पर ज्यादा गंभीर नहीं होते हैं, जब तक उसमें दर्द न हो। कान से कभी पीला, सफेद, या पानी जैसा तरल पदार्थ निकलता है, जिसे नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन यह साधारण नहीं बल्कि संक्रमण का भी संकेत हो सकता है।
कान से कभी पीला, सफेद, या पानी जैसा तरल पदार्थ निकलने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। यह कानों में बैक्टीरिया या वायरस के संक्रमण, कान का पर्दा फटने, कान में चोट आने, फंगल संक्रमण, कान में फुंसी हो जाने, या गले में संक्रमण के कारण भी हो सकता है। अगर कान से हल्का लाल पानी या फिर दर्द की शिकायत है, तो तुरंत चिकित्सक से सलाह लें। थोड़ी सी लापरवाही भी कानों को क्षति पहुंचा सकती है।
आयुर्वेद में कानों से बहने वाले तरह के पदार्थ और संक्रमण को रोकने के लिए कई उपाय बताए गए हैं, लेकिन यह तभी कारगर है जब लक्षण गंभीर न हों। इसके लिए लहसुन के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। लहसुन में प्राकृतिक एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं। इसे बनाने के लिए सरसों के तेल में लहसुन की कलियों को पका लें और फिर छान कर अलग निकाल लें। हल्का गुनगुना होने पर कानों में दो बूंद डालें। इससे दर्द और तरल पदार्थ दोनों से आराम मिलेगा।
तुलसी का रस भी संक्रमण से बचाने में मदद करता है। इसे कानों में सीधा नहीं डालना होता है; इसे कान के आसपास के हिस्से में लगाना होता है। इसके अलावा, नीम का तेल भी एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरा होता है। इसे भी कान के बाहरी हिस्से में लगाने से संक्रमण कम होता है।
कान में दर्द और संक्रमण होने पर हल्दी के दूध का सेवन भी लाभकारी होता है। यह दर्द को कम करने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। नियमित भी हल्दी के दूध का इस्तेमाल किया जा सकता है। आयुर्वेद में कान में संक्रमण के रोग को कफ और पित्त दोष से जोड़कर देखा गया है। शरीर में कफ और पित्त दोष की अधिकता से कान में दर्द की संभावना बढ़ जाती है।
--आईएएनएस
पीएस/एएस
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