Hardik Pandy National Flag Insult | टी20 विश्व कप जश्न में विवाद! क्रिकेटर हार्दिक पंड्या पर तिरंगे के अपमान का आरोप, पुणे में शिकायत दर्ज
यह बेहद शर्मनाक और खेदजनक है कि जिस तिरंगे की आन-बान-शान के लिए खिलाड़ी मैदान पर पसीना बहाते हैं, उसी राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा को जश्न के शोर में तार-तार कर दिया गया। टी20 विश्व कप की जीत का उन्माद इतना गहरा था कि स्टार क्रिकेटर हार्दिक पंड्या राष्ट्र के सबसे बड़े प्रतीक का सम्मान करना ही भूल गए। अहमदाबाद की सड़कों पर जीत का जश्न मनाते हुए जिस तरह तिरंगे को शरीर पर लपेटकर अश्लील हरकतें करने के आरोप उन पर लगे हैं, वह न केवल एक खिलाड़ी की छवि पर दाग है, बल्कि हर उस भारतीय के दिल को ठेस पहुँचाने वाला है जो तिरंगे को अपनी जान से प्यारा मानता है। जीत बड़ी हो सकती है, लेकिन वह देश के आत्मसम्मान से बड़ी कभी नहीं हो सकती। पुणे में दर्ज यह शिकायत इस बात की गवाह है कि जनता अब अपने नायकों से केवल 'मैदान पर प्रदर्शन' ही नहीं, बल्कि 'मैदान के बाहर नैतिकता' और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति अटूट सम्मान की भी उम्मीद रखती है।
गुजरात के अहमदाबाद में टी20 विश्व कप की ऐतिहासिक जीत के जश्न के दौरान राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगे) का कथित तौर पर अपमान करने के आरोप में उनके खिलाफ महाराष्ट्र के पुणे में एक शिकायत दर्ज कराई गई है। अहमदाबाद में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की शानदार जीत के बाद आयोजित विजय जुलूस और जश्न के दौरान हार्दिक पंड्या पर तिरंगे की गरिमा को ठेस पहुँचाने का आरोप लगा है। स्थानीय वकील वाजिद खान ने पुणे के शिवाजी नगर थाने में इस संबंध में एक लिखित शिकायत दी है।
इसे भी पढ़ें: Samsung Galaxy S26 की अब होगी Instant Delivery, Quick Commerce ने बदला स्मार्टफोन मार्केट का खेल
शिकायत में लगाए गए गंभीर आरोप
वकील वाजिद खान ने अपनी शिकायत में पंड्या के व्यवहार पर कड़े सवाल उठाए हैं। शिकायत के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
तिरंगे का अनुचित उपयोग: आरोप है कि जश्न मनाते समय हार्दिक ने तिरंगे को अपने शरीर पर गलत तरीके से लपेटा।
अश्लील हरकतें: शिकायतकर्ता का दावा है कि मैदान पर जश्न के दौरान हार्दिक ने कुछ ऐसी 'अश्लील हरकतें' कीं, जो राष्ट्रीय ध्वज की मौजूदगी में अशोभनीय थीं।
कानूनी उल्लंघन: खान ने तर्क दिया कि यह कृत्य 'राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम' के तहत एक दंडनीय अपराध है।
शिवाजी नगर थाने के एक अधिकारी ने बुधवार को वकील वाजिद खान द्वारा शिकायत दर्ज कराये जाने की पुष्टि की लेकिन उन्होंने इसके बारे में विस्तार से नहीं बताया। खान ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि हार्दिक पंड्या ने रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की जीत का जश्न मनाते हुए तिरंगे को अपने शरीर पर लपेटा और मैदान पर अश्लील हरकतें कीं। शिकायत में आरोप लगाया गया, “यह कृत्य संबंधित कानून के तहत अपराध है और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
इसे भी पढ़ें: Middle East Crisis: हवाई सफर पर दोहरी मार, महंगा हुआ Fuel और हजारों Flights हुईं रद्द
पुलिस की प्रतिक्रिया
शिवाजी नगर थाने के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को पुष्टि की कि उन्हें वकील वाजिद खान की ओर से शिकायत प्राप्त हुई है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने या आगे की जांच के बारे में कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। पुलिस फिलहाल शिकायत के कानूनी पहलुओं की जांच कर रही है।
ऑफ कटर से गच्चा खा रहे मॉडर्न बैटर:वर्ल्ड कप के 357 विकेट पेसर्स को, इसमें 68 ऑफ कटर पर गिरे, बुमराह इसके उस्ताद
टी-20 क्रिकेट को हमेशा से बल्लेबाजों का गेम माना जाता है, लेकिन टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में तेज गेंदबाजों ने ‘स्लोअर गेंदों’ (पेस-ऑफ) के जरिए जोरदार वापसी की। इस पूरे टूर्नामेंट में तेज गेंदबाजों द्वारा फेंकी गई कुल गेंदों में स्लोअर का प्रतिशत 15.88% रहा, यानी लगभग हर छठी गेंद गति कम करके फेंकी गई। यह पिछले चार संस्करणों में सबसे ज्यादा है। आधुनिक क्रिकेट में तेज गेंदबाजों के पास लेग-कटर, नकल-बॉल और स्प्लिट-फिंगर जैसी कई नई और जटिल स्लोअर गेंदें मौजूद हैं। लेकिन, इन तमाम वेरिएशंस के बीच गेंदबाजों का सबसे मारक हथियार बनी एक पुरानी और बेसिक गेंद-‘ऑफ-कटर’। विकेट निकालने के लिए गेंदबाजों ने स्लोअर गेंदों की वैरायटी में से इसी साधारण गेंद पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया। फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ जसप्रीत बुमराह ने इसी स्विंग होती ऑफ-कटर का इस्तेमाल करके 4 कीवी बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा और भारत को शानदार जीत दिलाई। बुमराह ने फाइनल में अपने 4 ओवर के स्पैल में 18 गेंदें ऑफ कटर फेंकी बुमराह ने इस वैरिएशन का सबसे ज्यादा फायदा उठाया। फाइनल में फेंकी गई अपनी 24 गेंदों में से 18 गेंदें उन्होंने ऑफ-कटर ही रखीं। फाइनल में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनने के बाद बुमराह ने कहा था, ‘अपने अनुभव और यहां के पाटा विकेटों पर खेलने की वजह से मैंने सीखा है कि ज्यादा तेज गेंद फेंकने से बल्लेबाजों को शॉट खेलने में आसानी होती है। इसलिए मैंने स्मार्ट तरीके से खेला और यह सोचने की कोशिश की कि बल्लेबाज क्या करने की कोशिश कर रहे हैं।’ गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी स्टेडियम बुमराह का होमग्राउंड है। अहमदाबाद में सबसे खतरनाक रहा यह वैरिएशन क्योंकि मैदान बड़ा क्या होती है ऑफ कटर? क्रिकेट में ‘ऑफ-कटर’ तेज गेंदबाजों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले स्लोअर वेरिएशन का एक प्रकार है। यह एक तेज गेंदबाज द्वारा फेंकी गई ऑफ-स्पिन गेंद होती है। जब कोई तेज गेंदबाज इसे फेंकता है, तो वह अपने सामान्य रन-अप और एक्शन के साथ ही आता है, लेकिन गेंद को रिलीज करते समय अपनी उंगलियों को सीम पर दाईं ओर (घड़ी की सुई की दिशा में) तेजी से फेरता है। इसे ही तकनीकी भाषा में गेंद को ‘कट’ करना कहते हैं। अंगुलियों के इस खास एक्शन की वजह से गेंद की गति अपने आप काफी कम हो जाती है। पिच पर टप्पा खाने के बाद यह गेंद दाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए बाहर (ऑफ स्टंप) से अंदर (लेग स्टंप या शरीर) की तरफ आती है। चूंकि बल्लेबाज रन-अप को देखकर एक तेज गेंद की उम्मीद कर रहा होता है, इसलिए गति में अचानक आए इस बदलाव से उसकी टाइमिंग पूरी तरह बिगड़ जाती है। गेंद पिच पर थोड़ी रुक कर आती है, जिससे बल्लेबाज अक्सर अपना शॉट जल्दी खेल बैठता है। इसका नतीजा यह होता है कि गेंद हवा में खड़ी हो जाती है या बल्लेबाज सीधे बोल्ड और एलबीडब्ल्यू हो जाता है। टी-20 क्रिकेट में यह गेंद सबसे बड़े हथियारों में से एक है। विशेष रूप से जब पिच सूखी या ग्रिपी हो, तो यह गेंद टप्पा खाकर पिच को ज्यादा पकड़ती है और बल्लेबाजों के लिए इसे पढ़ना बेहद मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में तेज गेंदबाज रन रोकने और अहम मौकों पर विकेट निकालने के लिए इसी ‘ऑफ-कटर’ पर सबसे ज्यादा भरोसा जताते हैं। जसप्रीत बुमराह, ड्वेन ब्रावो, मुस्तफिजुर रहमान और हर्षल पटेल जैसे गेंदबाज इस कला में दुनिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाज माने जाते हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi













.jpg)







