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मालदीव ने ईरान के हमलों और खाड़ी क्षेत्र में तनाव पर जताई चिंता, युद्धविराम की अपील

नई दिल्ली, 10 मार्च (आईएएनएस)। ईरान की ओर से सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और अन्य भाईचारे वाले देशों पर किए गए हमलों की मालदीव सरकार ने कड़ी निंदा की। साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया है कि वह क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा लाने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज करे।

मालदीव सरकार की ओर से कहा गया क‍ि नागरिक इलाकों जैसे हवाई अड्डों और खाड़ी क्षेत्र में तेल सुविधाओं पर हुए हमले बेहद च‍िंता का विषय हैं। यह अंतरराष्ट्रीय कानून और जिनेवा संधियों का स्पष्ट उल्लंघन है। मालदीव सरकार ने इस बात पर भी अफसोस जताया कि इन हमलों के बावजूद खाड़ी देशों की ओर से कोई प्रतिकार नहीं किया गया।

मालदीव सरकार मध्य पूर्व की बिगड़ती स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की, जो इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए सैन्य हमलों के बाद बनी। इन हमलों में एक लड़कियों के स्कूल पर हमला शामिल है, जिसमें सौ से अधिक नागरिक हताहत हुए थे। साथ ही अस्पतालों और तेल सुविधाओं पर हमले भी हुए, जिससे व्यापक नुकसान हुआ।

मालदीव इस बात पर गहरी चिंता जताता है कि इन कार्रवाइयों ने खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ा दिया है। क्षेत्र में जारी हिंसा किसी भी शांति की संभावना को कमजोर करती है और मालदीव सभी पक्षों से तुरंत युद्धविराम की अपील करता है।

मिडिल ईस्ट में हमले रोकने की अपील करते हुए भारत में इटली के राजदूत एंटोनियो बार्टोली ने कहा, इस युद्ध में इटली और भारत की एक ही प्राथमिकताएं हैं यानी दोनों पक्षों को तनाव कम करने, डिप्लोमैटिक बातचीत और शांति के लिए बढ़ावा देना, ताकि युद्ध को जल्द से जल्द रोका जा सके। हम खाड़ी क्षेत्र और विदेशों में इटली के हजारों नागरिकों का ध्यान रख रहे हैं। उदाहरण के लिए 1,500 पर्यटक मालदीव में फंस गए थे तो हम सिर्फ युद्ध के मैदान की बात नहीं कर रहे हैं। इसे जल्द से जल्द खत्म करना जरूरी है, ताकि सही कीमतों पर एनर्जी की रेगुलरिटी और स्थिरता बनी रहे। हम नहीं चाहते कि तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाए।

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भी कहा कि वर्तमान में खाड़ी क्षेत्र की स्थिति लगातार तनावपूर्ण होती जा रही है, जिससे बहरीन की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि चीन इस स्थिति पर गहरी नजर बनाए हुए है। वांग यी ने दोहराया कि चीन का रुख हमेशा स्पष्ट रहा है कि सभी देशों की प्रभुसत्ता और प्रादेशिक अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। साथ ही आम नागरिकों और गैर-सैन्य ठिकानों पर होने वाले हमलों की निंदा की जानी चाहिए।

वांग यी ने आगे कहा कि इस समय सबसे महत्वपूर्ण कार्य सैन्य कार्रवाइयों को तुरंत रोकना है, ताकि संघर्ष के और अधिक फैलने से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों का रणनीतिक साझेदार और एक जिम्मेदार प्रमुख देश होने के नाते चीन हमेशा शांति की वकालत करने और संघर्ष को रोकने के प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है।

--आईएएनएस

एवाई/वीसी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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विदेशी विद्वानों के विचार में चीन के 'दो सत्रों' में निश्चितता और अवसर हैं

बीजिंग, 10 मार्च (आईएएनएस)। हर साल मार्च के शुरू में चीन की राजधानी पेइचिंग में आयोजित एनपीसी और सीपीपीसीसी के वार्षिक सम्मेलन (दो सत्र) न केवल चीन के राष्ट्रीय राजनीतिक जगत में प्रमुख घटना हैं, बल्कि दुनिया के लिए चीन को देखने और समझने के लिए एक महत्वपूर्ण खिड़की भी हैं। 2026 के दो सत्रों की कार्यसूची ने अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया है।

इन दिनों, चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) के पत्रकारों के साथ विशेष साक्षात्कार में विभिन्न देशों के अधिकारियों, विशेषज्ञों, विद्वानों और मीडिया हस्तियों ने कहा कि वैश्विक परिवर्तनों के बीच, चीन एक बार फिर स्थिरता, शांतिपूर्ण विकास और दुनिया को लाभ पहुंचाने का सकारात्मक संकेत दे रहा है। उनके विचार में 15वीं पंचवर्षीय योजना के पूर्णतः लागू होने के साथ, चीन द्वारा वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचार को और बढ़ावा देने, एक मजबूत घरेलू बाजार बनाने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का विस्तार करने के उपाय वैश्विक अर्थव्यवस्था में अधिक निश्चितता और सहयोग के अवसर लाएंगे।

श्रीलंकाई कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष वीरसुमाना वीरसिंघे ने चीन द्वारा 2025 के विकास लक्ष्यों को हासिल करने की जमकर प्रशंसा की और इसे जटिल एवं चुनौतीपूर्ण घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय परिवेश के बीच एक उल्लेखनीय उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार परिवेश में चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक संघर्षों के दबाव के बावजूद चीनी अर्थव्यवस्था द्वारा प्रदर्शित लचीलापन और सुरक्षा विशेष रूप से सराहनीय है, जो 15वीं पंचवर्षीय योजना की सफल शुरुआत के लिए एक ठोस आधार प्रदान करती है।

वीरसिंघे ने यह भी कहा कि चीन की ठोस विकासात्मक उपलब्धियों ने उसकी राजनीतिक व्यवस्था की श्रेष्ठता को प्रदर्शित किया है, जिससे विकासशील देशों को अपने आधुनिकीकरण प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण और मूल्यवान सबक मिलते हैं।

चीन में नेपाली दूतावास की कार्यवाहक राजदूत रोशन खनाल ने कहा कि दो सत्रों की पहली बार पर्यवेक्षक के रूप में, वह चीन के इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम को देखने के लिए बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य ध्यान 15वीं पंचवर्षीय योजना पर है। वह चीन के विकास के प्रमुख क्षेत्रों, जिनमें नवाचार को बढ़ावा देना, आधुनिक औद्योगिक प्रणाली का निर्माण करना और उच्च स्तरीय उदारीकरण का विस्तार करना शामिल है, पर बहुत ध्यान देती हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि चीन नवाचार-संचालित विकास में नई ऊंचाइयों को हासिल करेगा।

पाकिस्तान के प्रख्यात राजनीतिक अर्थशास्त्री शकील रेमी ने बताया कि 15वीं पंचवर्षीय योजना चीन के भविष्य के विकास की दिशा निर्धारित करती है, जो चीन के आधुनिकीकरण के खाके को साकार करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। वैश्विक आर्थिक विकास में लगातार लगभग 30 प्रतिशत का योगदान देने वाली अर्थव्यवस्था के रूप में, चीन के नीतिगत निर्णयों का विश्व पर गहरा प्रभाव पड़ता है। साथ ही, चीन की समाजवादी बाजार अर्थव्यवस्था प्रणाली में निरंतर सुधार होगा, जिससे विश्व को नवाचार और स्थिरता को मिलाकर एक नया विकास पथ प्राप्त होगा।

बांग्लादेशी सरकारी अधिकारी और शिक्षा विद्वान एमडी सैफुल इस्लाम ने कहा कि वह व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण में सुधार, डिजिटल शिक्षा के विकास और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभा आदान-प्रदान को बढ़ाने के लिए चीन के प्रयासों में बहुत रुचि रखते हैं, और छात्रवृत्ति, संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम और डिजिटल शिक्षा जैसे क्षेत्रों में बांग्लादेश के साथ चीन के सहयोग को और गहरा करने की उम्मीद करते हैं।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

डीकेपी/

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अबरार अहमद पर सनराइजर्स लीड्स ने तोड़ी चुप्पी, बताया क्यों पाकिस्तानी प्लेयर को खरीदा

Daniel Vettori reaction on Abrar Ahmed: द हंड्रेड में अबरार अहमद को लेकर चल रहे विवाद पर सनराइजर्स लीड्स के कोच डेनियल विटोरी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. विटोरी ने अपने बताया कि आखिर क्योंकि उनकी टीम ने ऑक्शन में पाकिस्तानी स्पिनर के लिए बोली लगाई. भारतीय मालिकों वाली टीम में सिर्फ सनराइजर्स ने ही पाकिस्तानी खिलाड़ी को साइन किया है. Fri, 13 Mar 2026 14:04:10 +0530

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