टीम इंडिया को 2011 वर्ल्ड कप चैंपियन बनाना वाला दिग्गज बना श्रीलंका क्रिकेट का हेड कोच, सनथ जयसूर्या ने छोड़ा पद
Gary Kirsten: T20 विश्व कप 2026 (T20 World Cup 2026) में श्रीलंका क्रिकेट टीम का प्रदर्शन खराब रहा. श्रीलंका की टीम सुपर-8 से ही बाहर हो गई थी, जिसके बाद सनथ जयसूर्या ने हेड कोच का पद से इस्तीफा दे दिया था. अब श्रीलंका ने अपने नए हेड कोच का ऐलान कर दिया है. श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने साउथ अफ्रीका के पूर्व दिग्गज गैरी कर्स्टन को अपना नया हेड कोच नियुक्त किया है. बता दें कि गैरी कर्स्टन की कोचिंग में भारत ने वनडे वर्ल्ड कप 2011 का खिताब जीता था.
श्रीलंका क्रिकेट टीम के हेड कोच बने गैरी कर्स्टन
गैरी कर्स्टन 15 अप्रैल से श्रीलंका के हेड कोच की पद को संभालेंगे. उन्हें 2 साल के कॉन्ट्रैक्ट के साथ हेड कोच नियुक्त किया गया है. बता दें कि टी20 विश्व कप 2026 में गैरी कर्स्टन नामीबिया टीम के कंसल्टेंट थे.
Sri Lanka Cricket has appointed former South African cricketer Gary Kirsten as the new head coach of the national men's team, effective from April 15, 2026, on a two-year contract ending on April 14, 2028.- Hiru pic.twitter.com/t7C71pQPEI
— Sri Lanka Tweet ???????? (@SriLankaTweet) March 9, 2026
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अफगानिस्तान तनाव से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था डगमगाई, आईएमएफ फंडिंग पर संकट
नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर चल रहे युद्ध के कारण पाकिस्तान को मिलने वाली आईएमएफ (अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष) फंडिंग की अगली किस्त खतरे में पड़ गई है। एक मीडिया रिपोर्ट में यह बात कही गई है।
आईएमएफ की एक टीम इस समय पाकिस्तान के दौरे पर है और वह देश की अर्थव्यवस्था की तीसरी समीक्षा कर रही है। इस समीक्षा के बाद ही अगली फंडिंग जारी होगी। टीम यह देख रही है कि पाकिस्तान सरकार की ओर से लिए जा रहे आर्थिक फैसले उन शर्तों के अनुसार हैं या नहीं, जो आईएमएफ ने तय की हैं, ताकि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था सुधर सके और वह कर्ज चुका सके।
अफगानिस्तान के साथ चल रहा युद्ध और बढ़ता हुआ सैन्य खर्च इन शर्तों को पूरा करना मुश्किल बना रहा है। इससे देश में निवेश का माहौल खराब हुआ है और महंगाई भी बढ़ गई है। ये सभी बातें आईएमएफ की टीम ध्यान में रखेगी जब वह यह तय करेगी कि पाकिस्तान को आगे कर्ज दिया जाए या नहीं।
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान जैसे देश के लिए आईएमएफ से मदद पाने के कुछ जरूरी नियम होते हैं, जैसे आर्थिक सुधारों को जारी रखना, संरचनात्मक बदलाव करना और वित्तीय अनुशासन बनाए रखना। किसी बड़ी सीमा पर युद्ध होना इन सभी चीजों पर नकारात्मक असर डालता है और उन आर्थिक आंकड़ों को बिगाड़ देता है जिनकी आईएमएफ सबसे ज्यादा जांच करता है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर आईएमएफ का कार्यक्रम रुक जाता है तो निवेशकों का भरोसा भी कम हो सकता है, जो पिछले एक साल में काफी बेहतर हुआ था।
इसके अलावा, अफगानिस्तान के साथ युद्ध चीन के निवेश के लिए भी खतरा बन सकता है। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) लगभग 65 अरब डॉलर की बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना है, जो चीन की बेल्ट एंड रोड पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है और पाकिस्तान के संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरती है। सीमा पर तनाव बढ़ने से इस परियोजना को भी खतरा हो सकता है।
इसी बीच, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध ने एशिया में तेल और गैस की सप्लाई को भी प्रभावित किया है। इससे ऊर्जा और परिवहन की लागत बढ़ गई है, जिससे पाकिस्तान में महंगाई और बढ़ने की आशंका है और उसकी पहले से कमजोर अर्थव्यवस्था पर और दबाव पड़ेगा।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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