अमेरिका के 8 राज्यों में वोटिंग खत्म, काउंटिंग शुरू:हाउस में डेमोक्रेटिक पार्टी 9 सीटों पर आगे, ट्रम्प की रिपब्लिकन को 5 पर बढ़त
अमेरिका में 2026 के मिडटर्म चुनाव के लिए कई राज्यों में वोटिंग खत्म हो गई है। जॉर्जिया, साउथ कैरोलाइना और वर्मोंट समेत 8 राज्यों में मतदान पूरा होने के बाद वोटों की गिनती शुरू हो गई है। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (प्रतिनिधि सभा) के शुरुआती रुझानों में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी 9 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि राष्ट्रपति ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी 5 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। हाउस में कुल 435 सीटें हैं और सभी सीटों पर चुनाव हो रहा है। वहीं, सीनेट की 100 में से 35 सीटों पर चुनाव हो रहा है। इन सीटों के लिए भी वोटों की गिनती शुरू हो गई है। फिलहाल सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के पास 53 सीटें हैं, जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 45 सीटें हैं। दो निर्दलीय सांसद भी डेमोक्रेट्स के साथ हैं। इस तरह दोनों पक्षों के बीच संख्या का अंतर 53-47 है।
किंग चार्ल्स ने गुलामी के इतिहास को शर्मनाक बताया:बोले- याद करके डर लगता है, दुख होता है; कैरिबियाई देश माफी-मुआवजा मांग रहे
ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय ने अपने देश के गुलामी के इतिहास पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि गुलामों के व्यापार में ब्रिटेन की रोल इतिहास का शर्मनाक हिस्सा है। इसे याद कर उनका दिल दहलता है और उन्हें गहरा दुख होता है। चार्ल्स ने मंगलवार को एंटीगुआ और बारबुडा में कॉमनवेल्थ देशों के नेताओं की बैठक की शुरुआत करते हुए यह बात कही। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब कैरिबियाई देश ब्रिटेन से गुलामी के लिए माफी और मुआवजा मांग रहे हैं। चार्ल्स बोले- इतिहास को बदल नहीं सकते, उससे सीख सकते हैं किंग चार्ल्स ने कहा कि गुलामी का इतिहास आज भी कैरिबियाई देशों और कॉमनवेल्थ के दूसरे सदस्यों को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि इतिहास में हमारे पूर्वजों के अच्छे काम भी हैं और गलतियां भी। हम उनके किए कामों को बदल नहीं सकते, लेकिन उनसे सीख जरूर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अन्याय के खिलाफ हिम्मत और मजबूत इरादों से लड़ाई लड़ी जा सकती है। चार्ल्स ने गुलामों के व्यापार को खत्म करने में ब्रिटिश रॉयल नेवी की भूमिका का भी जिक्र किया। कैरिबियाई देश ब्रिटेन से माफी और मुआवजा मांग रहे कैरिबियाई देशों का कहना है कि गुलामी के दौरान उनके लोगों और अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ था। इसलिए ब्रिटेन को अपनी भूमिका के लिए माफी मांगनी चाहिए और मुआवजा देना चाहिए। ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने भी कहा है कि सरकार कॉमनवेल्थ देशों से औपचारिक माफी मांगने के प्रस्ताव पर विचार कर सकती है। हालांकि, बकिंघम पैलेस ने साफ किया है कि मुआवजा देने का फैसला राजा नहीं कर सकते। यह ब्रिटिश सरकार का मामला है। 1500 से 1800 के बीच ब्रिटेन ने अफ्रीका से लोगों को गुलाम बनाकर अपने उपनिवेशों में भेजा। ब्रिटिश संसद ने भी इस कारोबार को बढ़ावा देने के लिए कई कानून बनाए। ब्रिटेन ने 32 लाख अफ्रीकी लोगों को गुलाम बनाया मुआवजे की जगह कर्ज में राहत देने की तैयारी ब्रिटिश सरकार कॉमनवेल्थ देशों के लिए 'डेट रीसेट' योजना लाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत उन देशों को कर्ज के बढ़ते ब्याज से राहत देने की बात है। इसे गुलामी के लिए माफी और मुआवजे की मांग के बीच ब्रिटेन के एक वैकल्पिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है। कॉमनवेल्थ देशों की यह बैठक हर दो साल में होती है। इसमें संगठन के 56 सदस्य देशों के नेता और प्रतिनिधि शामिल होते हैं। ----------------------- यह खबर भी पढ़ें… ब्रिटेन गुलामी प्रथा के लिए माफी मांग सकता है:मुआवजा देने से इनकार किया; 400 साल चला लोगों को गुलाम बनाने का कारोबार ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम के मुताबिक उनका देश अफ्रीकी लोगों को गुलाम बनाकर बेचने के लिए माफी मांगने पर विचार कर रहा है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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