भास्कर अपडेट्स:पीएम मोदी 'प्रशांति कुटीरम' के गोल्डन जुबली समारोह की शुरुआत करेंगे; 13 नवंबर को इवेंट
पीएम मोदी 13 नवंबर को बेंगलुरु के 'प्रशांति कुटीरम' के 50 साल पूरे होने पर आयोजित होने वाले गोल्डन जुबली समारोह की शुरुआत करेंगे। यह संस्थान पिछले पांच दशकों से योग, बेहतर स्वास्थ्य, पढ़ाई और समाज सेवा के क्षेत्र में काम कर रहा है। इसी कार्यक्रम के दौरान जाने-माने विचारक एच. वी. शेषाद्रि की 100वीं जयंती भी मनाई जाएगी। आज की अन्य खबरें… राजनाथ बोले- देश की सुरक्षा मजबूत तकनीक और अपने कारखानों पर टिकी, जंग का तरीका बदल चुका रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा है कि आज के दौर में देश की सुरक्षा मजबूत तकनीक और अपने कारखानों पर टिकी है। उन्होंने कहा कि भारत को अपने जरूरी हथियार और तकनीक खुद बनानी होगी, ताकि संकट के समय देश को किसी दूसरे देश के भरोसे न रहना पड़े। दिल्ली में आयोजित एक रक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि दुनिया में अब जंग का तरीका बदल चुका है; लड़ाई जमीन, पानी और हवा के साथ-साथ इंटरनेट और स्पेस तक पहुंच गई है, जहां सस्ते ड्रोन भी बड़े और महंगे हथियारों को टक्कर दे रहे हैं। दिल्ली में त्योहारों के बीच भारी जाम, पीक ऑवर में सेंट्रल, साउथ और नॉर्थ दिल्ली की सड़कें ठप त्योहारों की भीड़, गाड़ियों की खराबी और शाम के पीक-ऑवर के चलते मंगलवार को दिल्ली में भारी ट्रैफिक जाम लग गया। इस वजह से मध्य, दक्षिण और उत्तरी दिल्ली के कई मुख्य इलाकों में गाड़ियां घंटों रेंगती नजर आईं और लोगों का सफर दोगुने से तिगुने समय में तय हुआ। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, त्योहार की खरीदारी के कारण सड़कों पर अचानक गाड़ियों की तादाद बढ़ गई, वहीं कुछ गाड़ियां खराब होने से जाम और बढ़ गया। रिंग रोड, आउटर रिंग रोड, बारापुला कॉरिडोर, डीएनडी (DND) फ्लाईवे, गुरुग्राम-दिल्ली हाईवे (NH-48), दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और विकास मार्ग जैसे मुख्य रास्तों पर लंबा जाम लगा रहा।
जरूरत की खबर- दिवाली का त्योहार पेट्स की मुसीबत:पेट्स में डर के 8 संकेत, उन्हें पटाखों के शोर से बचाएं, ये 9 बातें ध्यान रखें
दिवाली पर घरों में रंग-बिरंगी सजावट होती है, मिठाइयां बनती हैं और आतिशबाजी के साथ त्योहार की रौनक बढ़ जाती है। लोग खुशियां मनाने में जुटे रहते हैं। लेकिन इसी बीच घर के किसी कोने में कोई ऐसा भी होता है, जो पटाखों और तेज म्यूजिक के शोर से सहमा हुआ रहता है। हम बात कर रहे हैं पेट्स यानी पालतू जानवरों की। दरअसल, कुत्ते, बिल्लियां और पक्षी तेज आवाज के प्रति संवेदनशील होते हैं। ‘अमेरिकन वेटरनरी मेडिकल एसोसिएशन’ (AVMA) के मुताबिक, आतिशबाजी की तेज आवाज से पालतू जानवरों में गंभीर तनाव और घबराहट होती है। कुछ मामलों में इसका असर उनकी हेल्थ पर भी पड़ता है। यही वजह है कि ‘पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स’ (PETA) समेत कई एनिमल वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन दिवाली पर जानवरों की सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान चलाते हैं। ऐसे में थोड़ी-सी सावधानी बरतकर पेट्स को डर, तनाव और बड़े खतरों से बचाया जा सकता है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में बात करेंगे कि दिवाली पर पेट्स की देखभाल कैसे करें। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. आदर्श शर्मा, पेट्स फिजिशियन, भोपाल सवाल- क्या दिवाली जैसा त्योहार पेट्स के लिए सेफ नहीं है? जवाब- ऐसा नहीं है। त्योहार अपने आप में बुरा और अनसेफ नहीं होता है। दिवाली भी पेट्स के लिए खुशियों का हिस्सा हो सकती है, बशर्ते उनकी जरूरतों और सहजता का ध्यान रखा जाए। सवाल- कौन-सी चीजें पेट्स के लिए सेफ नहीं हैं? जवाब- दिवाली पर पटाखों की तेज आवाज, धुआं और कई अन्य चीजें पेट्स की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं, जैसेकि- सवाल- पटाखों से पेट्स को क्या-क्या नुकसान होता है? जवाब- कुत्तों और बिल्लियों की सुनने की क्षमता इंसानों से अधिक संवेदनशील होती है। वे ऐसी ऊंची फ्रीक्वेंसी वाली आवाजें भी सुन सकते हैं, जिन्हें इंसान नहीं सुन पाते। इसलिए पटाखों का तेज शोर उन्हें डरा सकता है और तनाव में डाल सकता है। इससे वे घबराकर कांपने, छिपने या इधर-उधर भागने लग सकते हैं। कई बार इसका असर उनके व्यवहार और सेहत पर भी पड़ सकता है। सभी संभावित खतरे ग्राफिक में देखिए- सवाल- कैसे जानें कि वे पटाखों के शोर से डर रहे हैं? जवाब- पटाखों के शोर से डरने पर पेट्स के व्यवहार में कुछ बदलाव दिखते हैं। सभी संकेत ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या दीये, मोमबत्ती भी पेट्स के लिए रिस्की हो सकते हैं? जवाब- हां, दिवाली पर जलाए जाने वाले दीये और मोमबत्तियां भी पेट्स के लिए खतरा बन सकते हैं। उत्सुकता में पेट्स इनके करीब जा सकते हैं या इन्हें गिरा सकते हैं। इससे कई तरह की दुर्घटनाएं हो सकती हैं, जैसेकि- सवाल- क्या इलेक्ट्रिक डेकोरेशन और बिजली की झालरों से भी पेट्स को खतरा हो सकता है? जवाब- हां, इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- पेट्स की सेफ्टी के लिए वेट (पशु चिकित्सक) से बात करके पहले से क्या तैयारियां करके रखें? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- पेट्स को पटाखों के शोर से कैसे बचाएं? जवाब- इसके लिए घर में शांत माहौल बनाना और उन्हें सुरक्षित महसूस कराना जरूरी है। इसके लिए ये उपाय अपनाएं- सवाल- किन स्थितियों में तुरंत वेट के पास जाएं? जवाब- दिवाली के दौरान पेट्स की तबीयत अचानक बिगड़ सकती है। ऐसे में कुछ लक्षणों को नजरअंदाज न करें, तुरंत वेट के पास ले जाएं। ग्राफिक में देखिए- सवाल- दिवाली पर डॉग को टहलाने कैसे ले जाएं? इस दौरान किन बातों का ध्यान रखें? जवाब- दिवाली पर पटाखों के शोर और भीड़ के कारण डॉग को टहलाने ले जाते समय खास सावधानी बरतें, जैसेकि- सवाल- क्या पटाखे सिर्फ जानवरों के लिए ही नुकसानदेह हैं? जवाब- नहीं, इनके धुएं और तेज आवाज का हमारी सेहत पर भी बुरा असर पड़ सकता है। इससे ये समस्याएं हो सकती हैं- सवाल- घरेलू और सड़क के जानवरों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदारी से त्योहार कैसे मनाएं? जवाब- इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखें- ***************** ग्राफिक्स- अजीत सिंह ……………….. यह खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- दिवाली शॉपिंग में पैसे कैसे बचाएं: फिजूलखर्ची से बचें, न करें ये 10 गलतियां, कुछ भी खरीदने से पहले पूछें ये 5 सवाल दिवाली के मौके पर बाजारों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर कई तरह के ऑफर्स चल रहे हैं। इस चक्कर में अक्सर लोग जरूरत से ज्यादा खरीदारी करते हैं और सस्ते के चक्कर में गैरजरूरी सामान भी खरीद लेते हैं। इससे त्योहार का बजट बिगड़ जाता है और बाद में आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। पूरी खबर पढ़ें…
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