बिहार के स्कूलों में बदला टाइम टेबल, जानें शनिवार को लेकर क्या हुआ फैसला
बिहार के स्कूलों में टाइम टेबल को लेकर सरकार ने अहम फैसला लिया है. सरकार के शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों के संचालन समय में बदलाव किया है. इसके मुताबिक अब नई व्यवस्था के तहत सोमवार से शुक्रवार तक सभी सरकारी स्कूलों में सुबह 9.30 बजे से शाम 4 बजे तक स्कूल संचालित होंगे. जबकि शनिवार को आधा दिन ही स्कूल चलाए जाएंगे. यानी शनिवार को हाफ डे घोषित किया गया है.
किन स्कूलों के समय में हुआ बदलाव
बिहार के सरकारी स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है. इसके तहत सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 9:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक संचालित होंगे. वहीं, शनिवार को विद्यालयों में हाफ डे रहेगा और स्कूल सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक खुलेंगे.
शिक्षा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह नई व्यवस्था 6 अगस्त 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी हो गई है. विभाग ने सभी जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारियों को इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं.
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सीएम योगी का बड़ा ऐलान, बारिश से नुकसान का 24 घंटे में होगा समाधान, मिलेगा मुआवजा
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है. कई स्थानों पर जलभराव, सड़कें बाधित होने और निचले इलाकों में पानी भरने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं. मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसके बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है.
बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए सरकार ने भी एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं. राज्य सरकार का फोकस राहत, बचाव और प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने पर है.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए फील्ड में उतरने के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लें. उन्होंने कहा कि जहां भी बारिश, बाढ़ या आकाशीय बिजली से नुकसान हुआ है, वहां राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए.
मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि प्रभावित परिवारों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और हरसंभव सरकारी सहायता समय पर उपलब्ध कराई जाए. साथ ही स्थानीय प्रशासन को लगातार हालात पर नजर बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं.
24 घंटे के भीतर मुआवजा देने का आदेश
सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों के लिए राहत प्रक्रिया को तेज करने का फैसला लिया है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि आकाशीय बिजली, अतिवृष्टि या अन्य वर्षाजनित घटनाओं से यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, पशुधन का नुकसान होता है या संपत्ति को क्षति पहुंचती है, तो उसका तत्काल सर्वे कराया जाए.
उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद पात्र प्रभावितों को 24 घंटे के भीतर अनुमन्य राहत राशि उपलब्ध कराई जाए. इसके साथ ही पुनर्वास कार्यों को भी तेजी से पूरा करने पर जोर दिया गया है.
लोगों से सतर्क रहने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भी सावधानी बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा कि यदि आकाशीय बिजली गिरने की आशंका हो तो अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें. खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें.
उन्होंने यह भी कहा कि तेज बारिश के दौरान नदियों, तालाबों और अन्य जलाशयों में प्रवेश करने या स्नान करने से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसी परिस्थितियों में दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है. प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करना सभी नागरिकों के लिए आवश्यक है.
कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
भारतीय मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. जिन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है, उनमें आगरा, अलीगढ़, अमेठी, औरैया, अयोध्या, बागपत, बांदा, बाराबंकी, भदोही, बुलंदशहर, चित्रकूट, इटावा, फतेहपुर, फिरोजाबाद, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, हमीरपुर और हापुड़ सहित कई अन्य जिले शामिल हैं. मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह भी दी है.
राहत एवं बचाव दल पूरी तरह सक्रिय
सरकार ने सभी जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि जलभराव वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को तुरंत मौके पर भेजा जाए. इसके अलावा संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखने, नालों और जलनिकासी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा आपातकालीन सेवाओं को तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए हैं.
राज्य सरकार का कहना है कि किसी भी आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है. प्रशासन, मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों के बीच समन्वय बनाकर हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि बारिश से होने वाले नुकसान को न्यूनतम रखा जा सके.
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