Mitchell Starc कपिल देव के रिकॉर्ड के करीब पहुंचे, Test में चटकाए 433 विकेट
ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में भारत के महान कप्तान कपिल देव की बराबरी से सिर्फ एक विकेट दूर हैं। स्टार्क ने कहा टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक विकेट लेने वाले शीर्ष 10 गेंदबाजों की सूची में जगह बनाना उनके लिए गर्व की बात है। स्टार्क ने 105 टेस्ट मैचों में 433 विकेट लिए हैं, जबकि कपिल देव के नाम 434 विकेट दर्ज हैं।
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13 अगस्त से बांग्लादेश के खिलाफ शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला में उनके पास कपिल को पीछे छोड़ने के साथ-साथ दक्षिण अफ्रीका के महान तेज गेंदबाज डेल स्टेन (439 विकेट) से भी आगे निकलने का मौका होगा। इस उपलब्धि के बारे में पूछे जाने पर स्टार्क ने ‘ऑस्ट्रेलियन एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा, ‘‘इसका मतलब है कि मैंने काफी क्रिकेट खेल ली है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कपिल देव और डेल स्टेन जैसे महान खिलाड़ियों के साथ मेरा नाम लिया जाना बेहद सम्मान की बात है।जब तक आप खेल रहे होते हैं, तब तक ऐसे आंकड़ों पर ज्यादा ध्यान नहीं देते। मैं अभी भविष्य के बारे में ज्यादा नहीं सोच रहा हूं।’’ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र में स्टार्क सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं।
उन्होंने आठ मैचों में 46 विकेट हासिल किए हैं। टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की सूची में उनसे आगे शेन वार्न (708), नाथन लियोन (567) और ग्लेन मैक्ग्रा (563) हैं। इस 36 वर्षीय बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चुनौतियों का सामना करने के लिए उन्होंने अपनी फिटनेस पर लगातार मेहनत की है।
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स्टार्क इस साल आईपीएल में कुछ मैच खेलने के बाद मैदान पर नजर नहीं आए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप 36 साल के होते हैं और 16 वर्षों से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे होते हैं, तो उम्मीद रहती है कि आपने अपने खेल में कुछ न कुछ सुधार जरूर किया होगा।
बढ़ते सड़क हादसों को लेकर लोगों में आक्रोश, किया चक्का जाम, सरकार को भेजा शिकायत पत्र, आंदोलन की चेतावनी
जबलपुर-भोपाल के बीच शहपुरा का ब्रिज टूटने के बाद ट्रैफिक को पाटन होते हुए डायवर्ट किया कर दिया गया है। पाटन-जबलपुर रोड पर भारी वाहनों का बोझ पड़ने पर लोगों को पिछले 6 महीने से कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दावा किया जा रहा है कि बीते 6 माह के अंदर 40 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें लोगों की जान चली गई है। इसको लेकर गुरुवार को सैकड़ो लोगों ने पाटन चौराहे पहुंचकर चक्का जाम कर दिया।
नाराज स्थानीय लोगों ने वाहनों को भी सड़क पर खड़ा कर दिया, जिसके चलते जबलपुर,कटंगी, दमोह ,शहपुरा रोड पर काफी देर तक जाम लग गया। जानकारी लगते ही पाटन थाना पुलिस का अमला मौके पर पहुंचा और जाम हटाने की कवायद में जुटा रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ो रुपए खर्च करने के बाद शहपुरा में फ्लाईओवर ब्रिज बनाया गया। लेकिन यह कुछ ही महीने में ही टूट गया। जिसके कारण भोपाल से जबलपुर आने वाले बड़े वाहनों को पाटन क्षेत्र से गुजरना पड़ रहा है। ऐसे में 24 घंटे बड़े वाहनों की आवाजाही से स्थानीय लोग तो परेशान है, ही इसके साथ ही लगातार सड़क दुर्घटनाएं भी हो रही हैं।
सरकार को 18 अगस्त का अल्टिमेटम, आंदोलन की चेतवानी
पूर्व जिला पंचायत सदस्य ठाकुर उदय भान सिंह के नेतृत्व में आज सैकड़ो लोग पाटन चौराहा पहुंचे और जाम लगा दिया। उदय भान सिंह ने कहा कि, “जबलपुर पाटन फोर लाइन स्वीकृत हो चुका है, इसका बजट भी सेंशन हो चुका है। इसके बावजूद निर्माण की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा रही है।” उन्होंने कहा कि, “इससे पहले भी कई बार स्थानीय प्रशासन से शिकायत की गई है। लेकिन इस और ध्यान नहीं दिया गया है। अब 18 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया गया है। अगर इसके बावजूद भी हमारी मांगों पर सरकार विचार नहीं करती है, तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा।”
फाॅर लेन स्वीकृत, लेकिन निर्माण कार्य में देरी
उदयभान सिंह का कहना है कि लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह को भी यह जानकारी है कि फाॅर लेन स्वीकृत हो गया है और उन्हें इस रोड पर जल्द से जल्द काम लगवाना भी चाहिए, लेकिन इस और ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसकी वजह अभी तक पता नहीं चल पाई है। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों में भी कई बार इसकी मांग की लेकिन उनकी बातों में भी ध्यान नहीं दिया गया। यही वजह है कि अब जनता सड़क पर उतरने को मजबूर है। लोगों का कहना है कि जबलपुर पाटन रोड में भारी वाहन चल रहे हैं। जिसके चलते परिवार वाले भी हमेशा यह सोचते रहते हैं कि जिस तेजी से ट्रैफिक चल रहा है। उसको देखते हुए हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
एसडीएम ने क्या कहा?
पाटन चौराहे पर जाम की स्थिति की जानकारी लगते ही एसडीएम मानवेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए उनका कहना है कि स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन के दौरान मांग की है कि शहपुरा का ब्रिज टूटने के बाद ट्रैफिक को पाटन शहर कस्बे के बीच से डायवर्ट किया गया है। उसको लेकर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। स्थानीय लोगों की शिकायत पत्र को लेने के बाद वरिष्ठ अधिकारी और राज्य सरकार को भेजा जा रहा है।
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