भू-राजनीतिक तनावों के बीच साइबर सुरक्षा और परिचालन को मजबूत करें कंपनियां : नैसकॉम
नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। आईटी इंडस्ट्री के बड़े निकायों में से एक नैसकॉम ने सोमवार को सदस्य कंपनियों को एक सलाह जारी करते हुए मध्य पूर्व में विकसित हो रही भू-राजनीतिक स्थिति के चलते साइबर सुरक्षा ढांचे में सतर्कता बढ़ने और परिचालन को मजबूत करने के लिए कहा।
नैसकॉम ने कहा कि हालांकि वर्तमान में व्यावसायिक गतिविधियां स्थिर बनी हुई हैं, कंपनियां स्थिति बिगड़ने की स्थिति में संभावित व्यवधानों को कम करने के लिए आकस्मिक योजनाओं की समीक्षा कर रही हैं और लचीलेपन के उपायों को मजबूत कर रही हैं।
नैसकॉम के अनुसार, कई कंपनियों ने क्षेत्रीय व्यवधानों की स्थिति में निर्बाध सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए प्रभावित देशों से जुड़े अपने परिचालनों के लिए व्यावसायिक निरंतरता योजनाओं को सक्रिय करना या उनकी समीक्षा करना शुरू कर दिया है।
संगठन कर्मचारियों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दे रहे हैं, प्रभावित क्षेत्रों में स्थित कर्मचारियों के लिए घर से काम करने की व्यवस्था कर रहे हैं और जमीनी स्तर पर हो रहे घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।
इसके अलावा, कंपनियां इस क्षेत्र में क्लाउड प्लेटफॉर्म और डेटा केंद्रों की मजबूती सुनिश्चित करने और महत्वपूर्ण प्रणालियों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक बुनियादी ढांचे के विकल्पों का मूल्यांकन कर रही हैं।
नैसकॉम की सलाह के अनुसार, कंपनियों को इस क्षेत्र से होकर गैर-जरूरी यात्रा सीमित करने की सलाह दी गई है, क्योंकि यह एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट सेंटर है, और जहां आवश्यक हो, वैकल्पिक यात्रा मार्गों पर विचार करने को कहा गया है।
कंपनियां ग्राहकों के साथ भी लगातार संपर्क में हैं और उन्हें सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी दे रही हैं।
सलाह में आगे चेतावनी दी गई है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता के दौर में अकसर समन्वित साइबर खतरों, दुष्प्रचार अभियानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की घटनाओं में वृद्धि देखी जाती है, जिससे कंपनियों को अपनी साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की आवश्यकता होती है।
अनुशंसित प्रमुख साइबर सुरक्षा उपायों में संगठन-व्यापी क्रेडेंशियल रीसेट और महत्वपूर्ण कमजोरियों के त्वरित पैचिंग के साथ-साथ वीपीएन, रिमोट डेस्कटॉप सिस्टम और क्लाउड एडमिनिस्ट्रेशन प्लेटफॉर्म जैसे बाहरी एक्सेस पॉइंट्स पर मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (एमएफए) लागू करना शामिल है।
नैसकॉम ने कंपनियों को आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा ऑडिट करने की भी सलाह दी, विशेष रूप से मध्य पूर्व में कारोबार करने वाले विक्रेताओं के लिए, यह देखते हुए कि किसी भी तीसरे पक्ष के आपूर्तिकर्ता की सुरक्षा में सेंध लगने से व्यापक क्षेत्र में व्यवधान उत्पन्न हो सकता है।
अन्य अनुशंसित उपायों में संभावित डिस्ट्रीब्यूटेड डिनायल-ऑफ-सर्विस (डीडीओएस) हमलों के लिए तैयारी करना, महत्वपूर्ण प्रणालियों के लिए ऑफलाइन और अपरिवर्तनीय बैकअप बनाए रखना और मौजूदा तनाव से जुड़े सोशल इंजीनियरिंग और दुष्प्रचार अभियानों का मुकाबला करने के लिए कर्मचारी जागरूकता कार्यक्रम चलाना शामिल है।
नैसकॉम ने यह भी कहा कि वह क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रहा है और स्थिति का आकलन करने और आवश्यकतानुसार सहायता प्रदान करने के लिए मध्य पूर्व परिषद के संपर्क में है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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Rajasthan News: 'मा वाउचर योजना' गर्भवती महिलाओं को प्राइवेट सेंटर पर मुफ्त सोनोग्राफी की सुविधा दे रही है राजस्थान सरकार
Rajasthan News: राजस्थान सरकार ने प्रदेश की गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार कई महत्वपूर्ण योजनाएं ला रही है. इस कड़ी में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार ने 'मा वाउचर योजना' शुरू की है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को समय पर और नि:शुल्क सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध करवाना है, जिससे मां और शिशु दोनों के सेहत की सही तरीके से निगरानी की जा सके.
क्या है मा वाउचर योजना?
मा वाउचर योजना के तहत राज्य की गर्भवती महिलाओं को पर्सनल सोनोग्राफी केंद्रों पर मुफ्त जांच कराने की सुविधा दी जा रही है. इसके लिए सरकार महिलाओं को विशेष वाउचर दे रही है. इस वाउचर की मदद से गर्भवती महिलाएं किसी भी अधिकृत निजी सोनोग्राफी सेंटर पर जाकर बिना किसी शुल्क के जांच करवा सकती हैं.
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ग्रामीण महिलाओं के लिए विशेष सुविधा
दरअसल, कई ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में मौजूद सरकारी अस्पतालों में सोनोग्राफी की सुविधा सीमित होती है. ऐसे में महिलाओं को जांच कराने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है या फिर निजी केंद्रों पर ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ते हैं. मा वाउचर योजना इसी समस्या को दूर करने के लिए शुरू की गई है.
गर्भावस्था के दौरान जांच क्यों है जरूरी?
बता दें कि गर्भावस्था के दौरान सोनोग्राफी करवाना एक महत्वपूर्ण जांच होती है. इसके जरिए गर्भ में पल रहे शिशु की स्थिति, विकास और स्वास्थ्य के बारे में जानकारी मिलती है. साथ ही गर्भ में किसी भी तरह की जटिलता या जोखिम का समय से पता लगाया जा सकता है.
मा वाउचर योजना का उद्देश्य
मा वाउचर योजना के माध्यम से राजस्थान सरकार सुनिश्चित करना चाहती है कि आर्थिक कारणों से कोई भी गर्भवती महिला जरूरी जांच से वंचित न रह जाए. हर जाति और हर वर्ग को सभी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सके.
कैसे मिलेगा योजना का फायदा?
इस योजना का लाभ पाने के लिए गर्भवती महिला को अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में पंजीकरण करवाना होता है. रजिस्ट्रेशन के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से पात्र महिलाओं को मा वाउचर प्रदान किए जाते हैं.
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा, प्रदेश की गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए, मा वाउचर योजना संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत प्रदेश की महिलाओं को प्राइवेट सोनोग्राफी सेंटर पर, नि:शुल्क सोनोग्राफी की सुविधा… pic.twitter.com/WXN99AvRzV
— Government of Rajasthan (@RajGovOfficial) March 9, 2026
वाउचर मिलने के बाद महिला राज्य सरकार द्वारा सूचीबद्ध किसी भी निजी सोनोग्राफी सेंटर पर जाकर जांच करवा सकती है. जांच का पूरा खर्च सरकार उठाएगी, जिससे महिलाओं को आर्थिक राहत मिलती है.
ग्रामीण महिलाओं को मिल रही बड़ी राहत
मा वाउचर योजना से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को बड़ी राहत मिली है. पहले जहां कई महिलाएं पैसों की कमी या सुविधाओं की अनुपलब्धता के कारण सोनोग्राफी नहीं करवा पाती थीं. वहीं, अब इस योजना के जरिए उन्हें आसानी से जांच की सुविधा मिलेगी. इससे गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य निगरानी भी संभव हो रही है.
मातृ और शिशु मृत्यु दर कम करने का प्रयास
राज्य सरकार का उद्देश्य इस योजना से मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम करना है. समय पर जांच और उचित चिकित्सा सुविधा मिलने से गर्भावस्था के दौरान होने वाली कई गंभीर समस्याओं से बचाव किया जा सकता है.
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की पहल
मा वाउचर योजना से प्रदेश की हजारों गर्भवती महिलाओं को लाभ मिल रहा है. इससे न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ी है बल्कि महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच कराने के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है. CM भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और महिलाओं को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है. मा वाउचर योजना भी उसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है.
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