Responsive Scrollable Menu

पीएम मोदी की पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर करीब से नजर, भारतीयों की सुरक्षा मुख्य चिंता: एस. जयशंकर

नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोमवार को राज्यसभा को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया में बदलते हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं। गल्फ देशों में भारी संख्या में भारतीय नागरिक रहते हैं। ताजा हालात को देखते हुए भारतीय नागरिकों को सुरक्षित भारत लाने का ऑपरेशन तेजी से जारी है।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं, इसलिए यह लड़ाई भारत के लिए खास चिंता की बात है।

राज्यसभा में सत्र शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के दौरान भारतीय नागरिकों की मौत के मुद्दे को उठाने की कोशिश की, जिस पर विरोध शुरू हो गया। इसके बाद अध्यक्ष सी.पी. राधाकृष्णन ने खड़गे से अपने हस्तक्षेप को समाप्त करने का आग्रह किया और विदेश मंत्री को सदन में अपना बयान देने के लिए आमंत्रित किया।

सदन में जोरदार नारेबाजी के बीच विदेश मंत्री जयशंकर ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद शुरू हुआ, जिसके परिणामस्वरूप व्यापक विनाश और इस्लामी शासन के कई वरिष्ठ नेताओं की मौत हुई और तब से हालात और खराब हो गए हैं।

उन्होंने बताया कि यह तनाव कई देशों में फैल गया है। सरकार ने 28 फरवरी को एक बयान जारी कर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की थी और सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ने से बचने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया था।

हमारा मानना ​​था और तनाव कम करने और अंदरूनी मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी अपनाई जानी चाहिए। यह भी जरूरी है कि इस क्षेत्र के सभी देशों की संप्रभुता और प्रादेशिक अखंडता का सम्मान किया जाए।

डॉ. जयशंकर ने बताया, हालात की गंभीरता को देखते हुए 1 मार्च को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट सुरक्षा समिति (सीसीएस) की मीटिंग हुई। इसमें ईरान में हुए एयरस्ट्राइक और उसके बाद कई खाड़ी देशों में हुए हमलों के बारे में जानकारी दी गई। सीसीएस इस इलाके में भारतीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंतित थी। इसने इलाके की सुरक्षा और आर्थिक और कमर्शियल गतिविधियों पर पड़ने वाले असर पर भी ध्यान दिया।

उन्होंने कहा कि कमेटी को इस इलाके में आने-जाने वाले भारतीय यात्रियों और इन देशों में तय परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों को होने वाली मुश्किलों के बारे में बताया गया। इसने सभी संबंधित मंत्रालयों और विभागों को इन समस्याओं से निपटने के लिए सही कदम उठाने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री नए डेवलपमेंट पर करीब से नजर रख रहे हैं और संबंधित मंत्रालय असरदार जवाब देने के लिए सहयोग कर रहे हैं।

भारत के विदेश मंत्री ने कहा, लड़ाई लगातार बढ़ रही है और इलाके में सुरक्षा की हालत काफी खराब हो गई है। हमने देखा है कि असल में, लड़ाई दूसरे देशों में भी फैल गई है और तबाही और मौतें बढ़ रही हैं। पूरे इलाके में सामान्य जीवन और आर्थिक गतिविधियों पर साफ असर पड़ा है और कुछ मामलों में तो रुक भी गई हैं।

इसलिए, हमने 3 मार्च को बातचीत और डिप्लोमेसी की अपनी अपील दोहराई और लड़ाई को जल्द खत्म करने की बात कही। मुझे यकीन है कि पूरा सदन भी जानमाल के नुकसान पर दुख जताने में मेरे साथ है।

--आईएएनएस

केके/वीसी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

भारत और सेशेल्स के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘लामितिये–2026’ हुआ आरंभ

नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। भारत की सशस्त्र सेनाओं का एक संयुक्त दल हिंद महासागर के द्वीपीय देश सेशेल्स पहुंच गया है। यहां यह भारतीय सैन्य दल सेशेल्स रक्षा बलों के साथ एक संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘लामितिये–2026’ में भाग ले रहा है।

यह सैन्य अभ्यास 9 मार्च से 20 मार्च तक सेशेल्स की रक्षा अकादमी में आयोजित किया जा रहा है। अभ्यास के दौरान भारत और सेशेल्स के सैनिक संयुक्त रूप से प्रशिक्षण लेंगे, विभिन्न मिलिटरी मिशनों की योजनाएं बनाएंगे और अलग-अलग सामरिक गतिविधियों को अंजाम देंगे। इसमें अर्ध-शहरी वातावरण में संभावित खतरों को निष्क्रिय करने के लिए कई प्रकार की युद्धक कार्रवाई की जाएंगी।

इसके साथ ही नई पीढ़ी के सैन्य उपकरणों और आधुनिक तकनीक के उपयोग का अभ्यास भी किया जाएगा। ‘लामितिये’ शब्द क्रियोल भाषा का है, जिसका अर्थ मित्रता होता है। यह अभ्यास हर दो वर्ष में आयोजित किया जाता है और वर्ष 2001 से नियमित रूप से सेशेल्स में आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष यह इस महत्वपूर्ण अभ्यास का ग्यारहवां संस्करण है।

भारत और सेशेल्स के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर दोनों पक्षों का मुख्य फोकस है। साथ ही, दोनों देशों की सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से इस अभ्यास का आयोजन किया जाता है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार का अभ्यास विशेष महत्व रखता है, ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें पहली बार भारत की तीनों सेनाएं शामिल हो रही हैं। यहां पहुंचे भारतीय सैन्य दल में थल सेना, नौसेना और वायु सेना के जवान शामिल हैं। ये सभी एक साथ इस अभ्यास में भाग ले रहे हैं।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय सैन्य दल में मुख्य रूप से असम रेजिमेंट के सैनिक शामिल हैं। इसके साथ ही, भारतीय नौसेना का युद्धपोत ‘आईएनएस त्रिकंड’ तथा भारतीय वायु सेना का भारी परिवहन विमान ‘सी–130’ भी इस अभ्यास में भाग ले रहा है। इस संयुक्त सैन्य अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच समन्वय, सहयोग और संयुक्त कार्य क्षमता को मजबूत बनाना है। अभ्यास के दौरान विशेष रूप से अर्ध-शहरी क्षेत्रों में होने वाले अभियानों से जुड़े प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जाएगा।

इसके अलावा शांति स्थापना से जुड़े अभियानों के दौरान दोनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने का भी प्रयास किया जाएगा। करीब बारह दिनों तक चलने वाले इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में मैदानी प्रशिक्षण, सामरिक चर्चा, अध्ययन उदाहरण, व्याख्यान और प्रदर्शन जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभ्यास के अंतिम चरण में दो दिनों का अंतिम संयुक्त अभ्यास किया जाएगा, जिसमें अब तक सीखे गए सभी कौशलों और रणनीतियों का परीक्षण किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के संयुक्त सैन्य अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी विश्वास, समझ और सहयोग को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे सैनिकों को एक-दूसरे के अनुभव, कौशल और श्रेष्ठ सैन्य तरीकों को साझा करने का अवसर मिलता है। भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से घनिष्ठ रक्षा संबंध रहे हैं।

हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत बनाने के लिए दोनों देश समय-समय पर इस प्रकार के संयुक्त सैन्य अभ्यास आयोजित करते रहे हैं। ‘लामितिये–2026’ अभ्यास भी दोनों देशों के सैन्य संबंधों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

संसद में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी में TMC, बीजेपी के लिए काम करने का लगाया गंभीर आरोप

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में SIR (संभवतः मतदाता सूची से संबंधित) को लेकर चुनाव आयोग के साथ बढ़ते टकराव के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने अब एक बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी शुरू कर दी है। … Mon, 09 Mar 2026 19:09:24 GMT

  Videos
See all

Iran US Israel War को लेकर क्या बोले नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi? #aajtak #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-09T13:33:37+00:00

Aaj Tak Live: London से Mumbai जा रही IndiGo फ्लाइट 12 घंटे से फंसी | IndiGo| Aaj Tak #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-09T13:33:29+00:00

Saudi Arabia on Iran : ईरान को लेकर सऊदी का बड़ा ऐलान | Middle East | War News | #Shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-09T13:33:35+00:00

Israel-Iran War: थिएटर कमांड सिस्टम से और भी मजबूत होगी Indian army | #ytshorts #india #indianarmy #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-09T13:45:06+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers