Ishan Kishan Girlfriend: कौन हैं अदिति हुंडिया? वर्ल्ड कप जीत के बाद ईशान किशन संग मैदान पर जश्न मनाती दिखी; PHOTOS
Ishan Kishan Girlfriend: टीम इंडिया ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को हराकर भारत लगातार दूसरी बार चैंपियन बना। इस जीत में स्टार बल्लेबाज ईशान किशन का अहम योगदान रहा। मैच के बाद जब खिलाड़ी जश्न मना रहे थे, उसी दौरान स्टैंड्स से उतरकर मैदान पर आई मॉडल अदिति हुंडिया भी ईशान के साथ सेलिब्रेट करती नजर आई। दोनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
मैदान पर दिखी खास बॉन्डिंग
Hardik Pandya and Ishan Kishan dancing with their girlfriends after India’s historic T20 World Cup 2026 Final victory. ❤️ pic.twitter.com/pehbS6YEW8
— MuFFatLal Bohra (@arshdeep3444) March 9, 2026
खिताबी जीत के बाद ईशान किशन तिरंगे में लिपटे हुए जश्न मनाते दिखाई दिए। इसी दौरान अदिति हुंडिया भी स्टैंड्स से उतरकर मैदान पर पहुंची। दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाकर जीत की खुशी साझा की। इतना ही नहीं, ईशान और अदिति को टीम के अन्य खिलाड़ियों के साथ डांस करते भी देखा गया।
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कौन है अदिति हुंडिया?
अदिति हुंडिया राजस्थान के जयपुर की रहने वाली एक जानी-मानी मॉडल हैं। उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई इंटरनेशनल स्कूल ऑफ जयपुर से पूरी की और बाद में सेंट जेवियर्स कॉलेज, जयपुर से बीबीए की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के बाद उन्होंने मॉडलिंग और फैशन की दुनिया में करियर बनाने का फैसला किया।
ब्यूटी पेजेंट से मिली पहचान
अदिति को साल 2017 में बड़ी पहचान मिली, जब वो फेमिना मिस इंडिया पेजेंट की फाइनलिस्ट बनी। इसके बाद 2018 में उन्होंने मिस दिवा सुपरनेशनल का खिताब अपने नाम किया।
एंटरप्रेन्योर भी हैं अदिति
मॉडलिंग के साथ-साथ अदिति हुंडिया एक एंटरप्रेन्योर भी हैं। उन्होंने अपना फैशन ब्रांड ‘लेबल अदिति हुंडिया’ शुरू किया है, जिसके जरिए वह देसी फैशन को प्रमोट करती हैं। सोशल मीडिया पर भी उनकी अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग है।
2019 से डेट कर रहे आदिति और ईशान
Ishan Kishan with His Trophy ????#T20WorldCup #IndiaVsNewZealand pic.twitter.com/Zrrrf4gj25
— Avay Sha (@avay_69) March 8, 2026
ईशान किशन और अदिति हुंडिया के रिश्ते की खबरें पहली बार आईपीएल 2019 के दौरान सामने आई थी। उस समय अदिति को कई बार स्टेडियम में ईशान को चीयर करते हुए देखा गया था।
उम्र में ईशान से बड़ी हैं अदिति
दिलचस्प बात यह है कि ईशान किशन जहां 27 साल के हैं, वहीं अदिति हुंडिया 29 साल की हैं। यानी अदिति उम्र में ईशान से थोड़ी बड़ी हैं। लेकिन दोनों की केमिस्ट्री देखकर साफ पता चलता है कि उनके बीच मजबूत बॉन्डिंग है।
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india world champion: कैसे गौतम गंभीर ने बिना सुपरस्टार्स के टीम इंडिया को बनाया वर्ल्ड चैंपियन?
india world champion: 8 मार्च 2026... ये तारीख भारतीय क्रिकेट इतिहास में सदियों तक याद रखी जाएगी। इस दिन भारत ने टी20 वर्ल्ड कप जीतकर एक नया अध्याय लिखा। घर में किसी टीम ने पहली बार खिताब जीता और डिफेंडिंग चैंपियन के रुतबे को भी पहली ही मर्तबा किसी टीम ने बरकरार रखा। इस कामयाबी की खास बात यह रही कि पहली बार टीम इंडिया ने कोई बड़ा आईसीसी टूर्नामेंट ऐसे दौर में जीता, जब कोई मेगास्टार या सुपरस्टार बाकी खिलाड़ियों पर या टीम पर भारी नहीं था।
कप भले ही कप्तान सूर्यकुमार यादव ने उठाया, लेकिन यह जीत किसी एक खिलाड़ी की नहीं बल्कि पूरी टीम की थी। सूर्या ने शानदार कप्तानी की, मगर वे कपिल देव, एमएस धोनी या रोहित शर्मा जैसे बड़े करिश्माई कप्तानों की कैटेगरी में नहीं आते। वे सौरव गांगुली या विराट कोहली जैसी लार्जर देन लाइफ यानी 'विराट' छवि भी नहीं रखते। दिलचस्प बात यह है कि सूर्या ने कभी आईपीएल टीम की कप्तानी भी नहीं की और वे टेस्ट या वनडे टीम का हिस्सा भी नहीं हैं। इसके बावजूद उनकी कप्तानी में टीम अजेय नजर आई और ये सिर्फ इस टूर्नामेंट की बात नहीं।
Team India has REPEATED & DEFEATED history????????????
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Come celebrate with us ????https://t.co/G2XKUJshtM pic.twitter.com/0jMNsHXQ3k
भारतीय क्रिकेट में स्टार कल्चर खत्म
2024 में जब भारत ने पिछला टी20 विश्व कप जीता था, उसके बाद से कई बड़े बदलाव हुए। रोहित शर्मा, विराट कोहली जैसे दिग्गजों ने टी20 और टेस्ट से संन्यास लिया। भारतीय टी20 टीम में नए दौर की शुरुआत हुई लेकिन आगाज इतना धमाकेदार रहा जैसा शायद ही किसी ने सोचा होगा। टी20 विश्व कप 2026 में टीम में मौजूद बड़े नाम भी इस बार केंद्र में नहीं थे। हार्दिक पंड्या, जो कभी टीम के सबसे चमकदार सितारों में गिने जाते थे, अब टीम का सिर्फ एक हिस्सा हैं। वे पूर्व कप्तान जरूर हैं, लेकिन फिलहाल किसी नेतृत्व की होड़ में नहीं दिखते।
#SanjuSamson reflects on his T20 World Cup performance and the incredible turnaround in the final three matches. ????????#T20WorldCup #INDvNZ #Champions pic.twitter.com/hvjJ0ojtSB
— Star Sports (@StarSportsIndia) March 9, 2026
बुमराह भी एक तरह से मेंटॉर का रोल निभा रहे
दूसरी ओर जसप्रीत बुमराह टीम के अनुभवी स्तंभ बन चुके हैं- कुछ वैसा ही रोल जैसा कभी सचिन तेंदुलकर निभाते थे। बुमराह अब ड्रेसिंग रूम में एक मजबूत आवाज हैं, लेकिन वे टीम के 'सीईओ' नहीं बल्कि भरोसेमंद सलाहकार की तरह हैं। खिलाड़ी के साथ-साथ मेंटॉर का रोल निभा रहे। उनकी रेस किसी से नजर नहीं आ रहे। बुलंदियों के शिखर पर होने के बावजूद वो अपने क्राफ्ट को मांजने में अभी भी लगे हुए हैं।
इस टीम पर गंभीर की छाप दिख रही
इस पूरी टीम पर अगर किसी एक शख्स की छाप साफ दिखती है तो वो हैं हेड कोच गौतम गंभीर। यह टीम दरअसल गंभीर की सोच का नतीजा है। लंबे समय से भारतीय क्रिकेट के स्टार कल्चर के आलोचक रहे गंभीर ने हमेशा उन खिलाड़ियों का समर्थन किया जिन्हें अक्सर कम आंका जाता था।
पिछले दो सालों में गंभीर ने धीरे-धीरे अपनी टीम तैयार की। उन्होंने कुछ खिलाड़ियों को बाहर किया, कुछ को मौका दिया और कई खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखा। अब यह टीम पूरी तरह उनकी सोच का अक्स बन चुकी है।
भारतीय क्रिकेट अब फुटबॉल मॉडल पर चल निकला
भारतीय क्रिकेट में पहले जीतने वाली टीमों को अक्सर उनके कप्तानों के नाम से पहचाना जाता था- कपिल डेविल्स, धोनी के धुरंधर या रोहित की सेना। लेकिन अब तस्वीर बदल रही। भारतीय क्रिकेट भी अब फुटबॉल की तरह उस मॉडल की ओर बढ़ता दिख रहा, जहां टीम की रणनीति और दिशा तय करने में कोच की भूमिका ही सबसे अहम होती है।
गंभीर के साथ इस बदलाव में चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। दोनों मिलकर ऐसे फैसले ले रहे, जिनमें खिलाड़ी की लोकप्रियता या स्टारडम से ज्यादा टीम की जरूरत को तरजीह दी जा रही।
गंभीर ने गुमनाम सितारों को आगे बढ़ाया
गंभीर की सोच हमेशा से 'अनसंग हीरोज' (गुमनाम सितारों) के पक्ष में रही है। इसका एक दिलचस्प उदाहरण जुलाई 2025 में देखने को मिला, जब इंग्लैंड के द ओवल में आखिरी टेस्ट से पहले वे पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उस दौरान उन्होंने बताया कि वे अक्सर भगत सिंह की जीवनी पढ़ते हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने भगत सिंह के हीरो करतार सिंह सराभा का जिक्र भी किया था- एक ऐसा क्रांतिकारी जिसे इतिहास में कम याद किया जाता है।
गंभीर के लिए यह सिर्फ इतिहास नहीं, बल्कि एक सोच है कि कुछ लोगों को जरूरत से ज्यादा बताना या उनके इर्द-गिर्द ही पूरा सिस्टम खड़ा कर देना। यही बात उन्हें शुरू से ही भारतीय क्रिकेट में खटकती रही और वो गाहे-बगाहे इस पर बेबाक बोलते भी रहे।
The ICC Men's #T20WorldCup 2026 Champions, everyone! ⭐️ ⭐️ ⭐️#INDvNZ #TeamIndia #Champions pic.twitter.com/5FFrQvYcww
— Star Sports (@StarSportsIndia) March 8, 2026
कोच बनने के बाद उन्होंने अपने फैसलों से यह साफ कर दिया। लंबे समय तक खराब फॉर्म से जूझ रहे विराट कोहली और रोहित शर्मा को टीम से बाहर किया गया। इस फैसले पर खूब विवाद हुआ, लेकिन गंभीर अपने रुख पर डटे रहे।
इंग्लैंड दौरे पर शुभमन गिल नए सुपरस्टार के तौर पर उभरे, लेकिन टी20 वर्ल्ड कप से पहले खराब फॉर्म के कारण उन्हें भी टीम से बाहर कर दिया गया। यह साफ संदेश था कि अब टीम में किसी खिलाड़ी को इम्युनिटी नहीं मिलेगी। प्रदर्शन होगा और टीम के संयोजन के हिसाब से जगह बनेगी तो मौका मिलेगा, फिर चाहें वो कितना ही बड़ा खिलाड़ी क्यों न हो।
गंभीर कई बार आलोचना के बावजूद अपने फैसलों पर अडिग रहे। उन्होंने वॉशिंगटन सुंदर को लगातार मौके दिए और कुलदीप यादव को बाहर रखा। दिल्ली के तेज गेंदबाज हर्षित राणा पर भी उनका भरोसा बना रहा।
Hear Gautam Gambhir's raw reactions after winning the ICC Men's #T20WorldCup 2026! ????️ pic.twitter.com/Cs1kokSSRT
— Star Sports (@StarSportsIndia) March 8, 2026
इसी तरह संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ियों को भी उन्होंने लंबा मौका दिया। अभिषेक ने टूर्नामेंट में लगातार तीन बार शून्य बनाया, लेकिन फाइनल में तेज अर्धशतक जड़कर भरोसे का जवाब दिया। गंभीर की यही खासियत है कि वो खिलाड़ियों को जब भरोसा देते हैं तो पीछे नहीं हटते हैं। ये भरोसा पहले कभी स्टार खिलाड़ियों को मिलता था, वो अब नवोदित खिलाड़ियों को भी मिल रहा। यही वजह है कि खिलाड़ी अपने हेड कोच पर पूरा विश्वास करते हैं और उनके फैसलों पर कोई शक नहीं करता।
टी20 वर्ल्ड कप की यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं है। यह उस सोच की जीत है जो कहती है कि क्रिकेट सिर्फ सुपरस्टार्स का खेल नहीं है। यह एक टीम गेम है, जहां हर खिलाड़ी की हिस्सेदारी और भूमिका बराबर होती है। फिर चाहें वो शतक ठोके या सिर्फ एक चौके से टीम को जीत दिला दे।
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