123 साल का सूखा खत्म! भारत के चिन्मय सुतार ने तोड़ा वर्ल्ड क्रिकेट इतिहास का सबसे पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड
Ranji Trophy: भारतीय क्रिकेट का 3 नवंबर 2026 का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है. रणजी ट्रॉफी 2026-27 के एक मुकाबले में भारतीय बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाज बिल पोंसफोर्ड का 123 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया है. मिजोरम की तरफ से खेल रहे 29 वर्षीय चिन्मय अब फर्स्ट क्लास क्रिकेट के शुरुआती करियर में दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाज बन गए हैं.
भारतीय बल्लेबाज ने तोड़ा 123 साल पुराना महा-रिकॉर्ड?
साल 1903 में ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज बिल पोंसफोर्ड ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपना डेब्यू किया था. उन्होंने अपने करियर की शुरुआती 5 पारियों में कुल 724 रन बनाए थे. क्रिकेट की दुनिया में पिछले 123 सालों से कोई भी बल्लेबाज अपने करियर की शुरुआत में इस आंकड़े के आस-पास भी नहीं पहुंच पाया था. लेकिन भारतीय बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने अपनी शुरुआती 5 पारियों में ही 794 रन बनाकर इस वर्ल्ड रिकॉर्ड को हमेशा के लिए अपने नाम कर लिया.
अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ मैच में बनी बात
यह ऐतिहासिक पल मंगलवार 3 नवंबर को अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के बीच चल रहे रणजी मैच के दौरान देखने को मिला. चिन्मय जब अपनी पांचवीं पारी में 89 रन पर खेल रहे थे, तभी उन्होंने बिल पोंसफोर्ड के 724 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. चिन्मय यहीं नहीं रुके, उन्होंने अपना शानदार शतक पूरा किया और मैच के दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक 135 रनों पर नाबाद रहे.
CHINMAY SUTHAR BREAKS 123-YEAR RECORD
— Diganta Guha (@diganta_guha) November 3, 2026
Chinmay Suthar has rewritten the record books again. The 29-year-old, who earlier set a world record by scoring 400 in the Ranji Trophy, finished day two against Arunachal Pradesh unbeaten on 135 off 232 balls.
The Mizoram batter has now… pic.twitter.com/6mcjLJTrXc
ऐसी है चिन्मय सुतार की 5 ऐतिहासिक पारियां
चिन्मय सुतार ने अपने फर्स्ट क्लास करियर की शुरुआत बेहद धमाकेदार अंदाज में की थी. उन्होंने अपने सफर की शुरुआत मणिपुर के खिलाफ पहली पारी में 35 रन बनाकर की, जबकि दूसरी पारी में वे बदकिस्मती से 99 रन पर रन-आउट होकर अपने शतक से चूक गए. इसके बाद नागालैंड के खिलाफ तीसरी पारी में उन्होंने नाबाद 400 रनों की ऐसी ऐतिहासिक पारी खेली जिसने उन्हें रातों-रात वर्ल्ड क्रिकेट का स्टार बना दिया.
उनका यह शानदार फॉर्म आगे भी जारी रहा और उन्होंने मेघालय के खिलाफ चौथी पारी में शानदार 125 रन ठोके. इसके बाद अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ अपनी पांचवीं पारी में नाबाद 135 रन बनाते ही उन्होंने इतिहास रच दिया और इसी पारी के दौरान उन्होंने 123 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया. इस रिकॉर्ड को तोड़ने में चिन्मय की नागालैंड के खिलाफ खेली गई नाबाद 400 रनों की पारी का सबसे बड़ा हाथ रहा. रणजी ट्रॉफी के इतिहास में यह दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है. चिन्मय ने इस पारी के दौरान मुंबई के बल्लेबाज पृथ्वी शॉ के 379 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था.
⚡️HISTORY MADE IN THE RANJI TROPHY⚡️
— Cricbuzz (@cricbuzz) October 19, 2026
Chinmay Sutar, playing just his 2nd FC game, has become the 2nd player in history to smash 400 in a Ranji Trophy encounter.
He finished 400*(517) for Mizoram vs Nagaland.
169 out of those 400 came during the last-wicket stand ???? pic.twitter.com/anc52vfmPg
बता दें कि मुंबई में जन्मे चिन्मय सुतार पहले मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते थे, लेकिन फिर चिन्मय ने अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए 2026-27 के घरेलू सीजन में मुंबई का साथ छोड़ दिया और मिजोरम की तरफ से खेलने का एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया. मिजोरम के लिए खेलते हुए ही अब वे इतिहास रच रहे हैं.
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रिश्वतखोरी के मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा के पूर्व शाखा प्रबंधक को 4 साल की कैद, 30 हजार रुपये का जुर्माना
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में रिश्वतखोरी के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत, लखनऊ ने बैंक ऑफ बड़ौदा के पूर्व शाखा प्रबंधक सुबोध कुमार रस्तोगी को चार साल की कैद की सजा सुनाई है. अदालत ने दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. अदालत ने 2 नवंबर 2026 को सुनवाई पूरी होने के बाद यह फैसला सुनाया.
सीबीआई के मुताबिक, यह मामला 26 अक्टूबर 2015 को दर्ज किया गया था. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसे सोलर लाइट का कारोबार बढ़ाने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा की बलरामपुर शाखा से 5 लाख रुपये का ऋण मंजूर हुआ था. उस समय शाखा प्रबंधक सुबोध कुमार रस्तोगी ने 1.25 लाख रुपये का टर्म लोन जारी करते हुए सीए चार्ज, स्टांप पेपर और फाइल चार्ज के नाम पर शिकायतकर्ता से करीब 25 हजार रुपये ले लिए थे.
इसके बाद शिकायतकर्ता के खाते में 3.75 लाख रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट भी जारी की गई. आरोप है कि शाखा प्रबंधक ने शिकायतकर्ता से इसके एवज में 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी. उसने रिश्वत नहीं देने पर बैंक खाता बंद करने की धमकी भी दी थी.
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और तत्कालीन शाखा प्रबंधक सुबोध कुमार रस्तोगी को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया.
जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 18 दिसंबर 2015 को आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था. मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए चार साल की कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई.
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