Mahieka vs Natasa Net Worth: हार्दिक पांड्या की गर्लफ्रेंड या एक्स वाइफ, नेटवर्थ में कौन है सबसे आगे?
Mahieka Sharma vs Natasa Net Worth: क्रिकेटर हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) एक तरफ जहां टी20 मैच में शानदार प्रदर्शन कर छाए हुए हैं. तो वहीं, दूसरी तरफ वो एपनी गर्लफ्रेंड माहिका शर्मा की वजह से भी चर्चा में हैं. न्यूजिलैंड से मैच जीतने के बाद माहिका हार्दिक के साथ स्टेडियम में पहुंची और क्रिकेटर पर जमकर प्यार लुटाया. अब गर्लफ्रेंड संग वायरल हो रही वीडियोज के बीच हार्दिक की एक्स पत्नी नताशा के बारे में भी लोग बात करने लगे हैं. तो ऐसे में जानते हैं, क्रिकेटर की गर्लफ्रेंड और एक्स वाइफ में किसकी नेटवर्थ ज्यादा है.
क्या करती हैं माहिका शर्मा?
हार्दिक पांड्या की गर्लफ्रेंड माहिका शर्मा (Hardik Pandya Girlfriend) एक मशहूर मॉडल हैं, वो कई बड़े-बड़े फैशन डिजाइनर्स के लिए रैम्प वॉक कर चुकी हैं. इसके अलावा उन्होंने कई म्यूजिक वीडियो और शॉर्ट फिल्म्स में भी काम किया है. उन्होंने कई बड़े ब्रांड्स के साथ भी काम किया है. माहिका इंडियन फैशन अवार्ड्स में ‘मॉडल ऑफ द ईयर’ भी रह चुकी हैं. माहिका कुछ समय पहले ही 25 साल की हुई हैं और इस सम हार्दिका की वजह से सुर्खियों में हैं.
माहिका शर्मा की कितनी है नेटवर्थ?
माहिका के नेटवर्थ की बात करें तो इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा कहीं भी घोषित नहीं किया गया है, लेकिन उनकी कमाई मॉडलिंग और एड से होती है. वहीं कई रिपोर्ट में माहिका की नेटवर्थ (Mahieka Sharma Net Worth) का खुलासा करते बताया गया है कि उनकी पास कुल संपत्ति 3.5 करोड़ रुपए की संपत्ति है.
कितनी है नताशा की नेटवर्थ?
एक तरफ जहां हार्दिक पांड्या अपनी गर्लफ्रेंड के साथ जिंदगी में आगे बड़ गए हैं. तो वहीं, नताशा सिंगल हैं और अपने बेटे के साथ लाइफ बिता रही है. अगर माहिका की नेटवर्थ के आगे हार्दिक की एक्स पत्नी नताशा स्टेनकोविक (Hardik Pandya Ex-Wife) की संपत्ति की बात करें तो वो लगभग 5 से 6 गुना ज्यादा है. एक्ट्रेस लगभग 20 करोड़ रुपये की मालकिन (Natasa Stankovic Net Worth) हैं.
कहां से कमाई करती हैं हार्दिक की एक्स पत्नी?
नताशा स्टेनकोविक ((Natasa Stankovic) की कमाई के जरिए की बात करें तो वो कई प्रोजेक्ट्स और एड के जरिए पैसे कमाती हैं. इसके अलावा, वो कई म्यूजिक वीडियोज में भी दिखती हैं. बता दें, नताशा मॉडलिंग और एक्टिंग दोनों करती हैं. उन्हें शादी से पहले यारम, झूठा कहीं का, फुकरे रिटर्न्स, डैडी, 7 आवर्स टू गो, प्रॉमिस डैड, एक्शन जैक्सन, ढिश्कियाऊं और सत्याग्रह जैसी फिल्मों में देखा जा चुका है.
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आपूर्ति बाधित होने के बावजूद भारत में फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने की संभावना कम
नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं, लेकिन बावजूद इसके भारत में फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने की संभावना कम बताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार को फिलहाल उम्मीद है कि सरकारी तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में बढ़ोतरी के असर को झेल लेंगी और तेल की कीमतें स्थिर रहेंगी। इसके कारण तेल कंपनियों को कुछ समय के लिए कम मुनाफे के साथ काम करना पड़ सकता है।
इस बीच वैश्विक बाजार में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) का भाव लगभग 27 प्रतिशत बढ़कर 116 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, तो वहीं ब्रेंट क्रूड का भाव भी लगभग 28 प्रतिशत बढ़कर 116 डॉलर प्रति बैरल हो गया। साल 2022 के बाद यह पहली बार है जब दोनों प्रमुख सूचकांकों का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा है।
तेल की कीमतों में यह तेज उछाल मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने के कारण आया है।
इसके बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम पूरे देश में अभी स्थिर बने हुए हैं। आम तौर पर भारत में ईंधन की कीमतें वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों के अनुसार बदली जाती हैं, लेकिन जब बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है, तो सरकार कभी-कभी तेल कंपनियों से कीमतों का बोझ खुद उठाने को कहती है।
इससे पहले सरकारी सूत्रों ने शनिवार को भी कहा था कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ेंगी। उन्होंने बताया कि भारत के ऊर्जा भंडार की स्थिति पहले से बेहतर हो रही है और हालात धीरे-धीरे स्थिर हो रहे हैं।
ऊर्जा भंडार में सुधार से सरकार को ईंधन आपूर्ति को संभालने में ज्यादा भरोसा मिला है। इसके साथ ही भारत ने कच्चे तेल के आयात को विविध बनाने के लिए कदम उठाए हैं, ताकि संवेदनशील समुद्री मार्गों पर निर्भरता कम हो सके।
सूत्रों के अनुसार, पहले भारत के कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर के स्रोतों से आता था, लेकिन अब यह हिस्सा बढ़कर करीब 70 प्रतिशत हो गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से पहली तेल खेप फिर से रवाना हो चुकी है, जिससे संकेत मिलता है कि तेल की आपूर्ति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।
इस बीच कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने चेतावनी दी है कि अगर मध्य पूर्व में युद्ध कुछ दिनों तक और जारी रहता है तो खाड़ी देशों के निर्यातक फोर्स मेज्योर घोषित कर सकते हैं, जिससे तेल की आपूर्ति रुक सकती है। ऐसी स्थिति में कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल तक और प्राकृतिक गैस की कीमत 40 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू तक पहुंच सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेल की कीमतों में आई तेजी का बचाव करते हुए कहा कि यह ईरान के परमाणु खतरे का सामना करने की अस्थायी कीमत है। उन्होंने कहा कि जब यह खतरा खत्म हो जाएगा तो तेल की कीमतें फिर से कम हो जाएंगी।
--आईएएनएस
डीबीपी/
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