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UNGA में पारंपरिक हथियारों पर नियंत्रण संबंधी प्रस्ताव के विरोध में भारत और Israel ने दिया वोट

(योषिता सिंह) संयुक्त राष्ट्र, तीन नवंबर भारत और इजराइल ने क्षेत्रीय एवं उपक्षेत्रीय स्तर पर पारंपरिक हथियारों पर नियंत्रण से संबंधित पाकिस्तान और बेलारूस के मसौदा प्रस्ताव के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र महासभा में मतदान किया। भारत ने कहा कि देशों की सुरक्षा संबंधी चिंताएं केवल क्षेत्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं होती हैं। सामान्य और पूर्ण निरस्त्रीकरण : क्षेत्रीय एवं उपक्षेत्रीय स्तर पर पारंपरिक हथियारों पर नियंत्रण शीर्षक वाले इस मसौदा प्रस्ताव को सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा की प्रथम समिति ने मंजूरी दी।

प्रस्ताव के पक्ष में 180 वोट पड़े, जबकि दो देशों ने इसके खिलाफ मतदान किया। किसी भी देश ने मतदान में हिस्सा नहीं लेने का विकल्प नहीं चुना। 193 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र में भारत और इजराइल ही ऐसे देश थे, जिन्होंने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया।

भारत के वोट की वजह बताते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव अनमोल शेर बेदी ने कहा कि पारंपरिक हथियारों पर नियंत्रण एक वैश्विक मुद्दा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा की प्रथम समिति में भारत के मतदान के स्पष्टीकरण के दौरान बेदी ने कहा, हम इस बात से पूरी तरह सहमत नहीं हैं कि इस मुद्दे पर मुख्य रूप से क्षेत्रीय और उपक्षेत्रीय संदर्भों में ही आगे बढ़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी पिछली स्थिति के अनुरूप इस प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया है।

भारत ने प्रस्ताव में संयुक्त राष्ट्र निरस्त्रीकरण आयोग से ऐसे सिद्धांत तैयार करने पर विचार करने के अनुरोध पर भी सवाल उठाया, जो पारंपरिक हथियारों पर क्षेत्रीय समझौतों के लिए रूपरेखा का काम कर सकें। बेदी ने कहा, हमने इस अनुरोध को कुछ जिज्ञासा के साथ देखा है। उन्होंने कहा कि आयोग 1993 में क्षेत्रीय निरस्त्रीकरण पर दिशानिर्देश और सिफारिशें, 1999 में पारंपरिक हथियार नियंत्रण एवं निरस्त्रीकरण पर दिशानिर्देश और 2017 में पारंपरिक हथियारों के क्षेत्र में व्यावहारिक विश्वास बहाली उपायों पर सिफारिशें सर्वसम्मति से पहले ही स्वीकार कर चुका है।

बेदी ने कहा, इसका मतलब है कि इसी विषय पर इसी आयोग में सर्वसम्मति से तीन नतीजे पहले ही सामने आ चुके हैं, जबकि अब उसी आयोग से नए सिरे से शुरुआत करने को कहा जा रहा है। उन्होंने कहा, हम यह समझने में असमर्थ हैं कि जिस विषय पर पहले ही व्यापक विचार-विमर्श हो चुका है, उस पर फिर से चर्चा की जरूरत क्यों है, जब तक कि इसका उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र की निरस्त्रीकरण व्यवस्था को व्यस्त रखना नहीं है। बेदी ने क्षेत्रीय या उपक्षेत्रीय स्तर पर रक्षा क्षमताओं के बीच संतुलन बनाए रखने के प्रस्ताव के दृष्टिकोण पर भी आपत्ति जताई।

उन्होंने कहा, इसमें यह मान लिया गया है कि देशों की सुरक्षा संबंधी चिंताएं विनम्रतापूर्वक उनकी क्षेत्रीय सीमाओं पर समाप्त हो जाती हैं। ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा, जैसा कि सभी जानते हैं, सुरक्षा संबंधी चिंताएं सीमित रूप से परिभाषित क्षेत्रों और उपक्षेत्रों से आगे तक फैली होती हैं।

इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी क्षेत्र या उपक्षेत्र में संतुलन बनाए रखने की अवधारणा अवास्तविक प्रतीत होती है। प्रस्ताव में कहा गया है कि पारंपरिक हथियारों पर नियंत्रण का प्रयास मुख्य रूप से क्षेत्रीय और उपक्षेत्रीय संदर्भों में किया जाना चाहिए, क्योंकि शीत युद्ध के बाद के दौर में शांति और सुरक्षा के लिए अधिकांश खतरे मुख्य रूप से एक ही क्षेत्र या उपक्षेत्र में स्थित देशों के बीच पैदा होते हैं। इसमें क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को हथियारों और सैन्य बलों के न्यूनतम संभव स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से समझौतों को बढ़ावा देने की इच्छा भी जताई गई है।

भारत ने दक्षिण एशिया के संदर्भ में पारंपरिक हथियार नियंत्रण से संबंधित प्रस्तावों का उल्लेख करने वाले एक पैराग्राफ के खिलाफ भी अलग से मतदान किया। इस पैराग्राफ में विभिन्न क्षेत्रों में की गई पहलों, जिनमें कुछ लातिन अमेरिकी देशों के बीच परामर्श और दक्षिण एशिया के संदर्भ में पारंपरिक हथियार नियंत्रण के प्रस्ताव शामिल हैं, का विशेष रूप से उल्लेख किया गया था। इसमें क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए पारंपरिक हथियार नियंत्रण की प्रासंगिकता को भी स्वीकार किया गया था।

प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि सैन्य दृष्टि से महत्वपूर्ण देशों और अधिक सैन्य क्षमता वाले देशों की क्षेत्रीय सुरक्षा संबंधी समझौतों को बढ़ावा देने में विशेष जिम्मेदारी है।

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AC नहीं, जमीन के नीचे से आएगी ठंडी हवा! IIT से पढ़े भाइयों ने बनाया अनूठा घर, प्राकृतिक से मिलेगी ठंडक

Nature Friendly Home: उज्जैन के संत नगर में आईआईटी से पढ़े दो भाइयों ने पारंपरिक तकनीक से अनोखा घर तैयार किया है. मिट्टी-गोबर की दीवारों और जमीन में 10 फीट नीचे बिछे एयर डक्ट से बिना एसी प्राकृतिक ठंडक देने का प्रयास किया जा रहा है.

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  Sports

Hardik Pandya की वापसी से सुलझेगी No 7 और 8 की गुत्थी, Shubman Gill का बयान

हार्दिक पंड्या के चोट के कारण लंबे समय तक टीम से बाहर रहने से भारत की वनडे टीम का संतुलन बिगड़ गया है और कप्तान शुभमन गिल का मानना ​​है कि इस ऑलराउंडर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करने पर टीम के सातवें और आठवें नंबर के बल्लेबाज की गुत्थी सुलझ जाएगी। गिल ने कहा कि पंड्या बेजोड़ कौशल के धनी हैं और वह खेल के किसी भी चरण में अपना प्रभाव छोड़ सकते हैं।

 गिल ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे की पूर्व संध्या पर मंगलवार को यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘अगर हार्दिक पंड्या टीम में वापसी करते हैं, तो हमारे नंबर सात और नंबर आठ बल्लेबाज के स्थान भी तय हो जाएंगे। इससे बल्लेबाजी के लिहाज से हमारी टीम कहीं अधिक संतुलित नजर आएगी।’’ हार्दिक आमतौर पर छठे या सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं। वह आईपीएल के बाद चोटिल होने के कारण टीम से बाहर हैं। जब वह भारतीय टीम में वापसी के करीब थे तभी उनकी पिंडली में खिंचाव आ गया था। 

गिल ने कहा, ‘‘वह (पंड्या) शानदार खिलाड़ी हैं। उनके जैसा कौशल बहुत कम खिलाड़ियों में देखने को मिलता है। एक ऐसा ऑलराउंडर टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है जो खेल के प्रत्येक चरण में गेंदबाजी कर सकता है और बल्लेबाजी में भी उपयोगी योगदान दे सकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि वह आईपीएल के बाद से खेल नहीं पाए हैं।’’ गिल ने कहा कि वह इस 32 वर्षीय खिलाड़ी के संपर्क में हैं और उम्मीद है कि वह भारतीय टीम में वापसी से पहले कुछ घरेलू मैच खेलेंगे।

 उन्होंने कहा, ‘‘हमारी कई बार बातचीत हुई है। उन्हें भारत ए की तरफ से कुछ मैच खेलने थे लेकिन उससे ठीक पहले वह चोटिल हो गए। उम्मीद है कि वह जल्द ही फिट होकर घरेलू क्रिकेट में कुछ मैच खेलेंगे और फिर टीम में वापसी करेंगे।’’ गिल का मानना ​​है कि भारत अगर न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ वनडे श्रृंखला जीतता है तो इससे अगले साल होने वाले विश्व कप से पहले खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि कोई भी भारतीय टीम किसी भी अन्य टीम को हराने में सक्षम है।

 अगर युवा खिलाड़ी यहां अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो उन्हें काफी आत्मविश्वास हासिल होगा।’’ गिल ने कहा, ‘‘इससे हमें यह आत्मविश्वास भी मिलेगा कि अगर किसी कारण से हम विश्व कप में अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम नहीं उतर पाते हैं तो भी हमारी टीम किसी भी परिस्थिति में अन्य टीम को हराने में सक्षम है।’’ उन्होंने कहा कि पांचवें और छठे नंबर के बल्लेबाजी के स्थान हमेशा थोड़ा लचीले होने चाहिए और टीम की जरूरत के अनुसार बल्लेबाजी क्रम में बदलाव किया जा सकता है। गिल ने कहा, ‘पांचवें और छठे नंबर पर किस बल्लेबाज को उतारा जाए इसको लेकर हम लचीला रवैया अपनाते हैं। अगर आप हमारे शीर्ष चार बल्लेबाजों को देखें तो वे लगभग तय हैं। हम सभी दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। 

अगर हमें लगता है कि हमें पांचवें नंबर पर बाएं हाथ के बल्लेबाज की जरूरत है, तो हम अक्षर पटेल को बल्लेबाजी के लिए भेजते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर हमें लगता है कि मंच तैयार हो चुका है और केएल राहुल को तेजी से बल्लेबाजी करने की जरूरत है तो हम उसी के अनुसार फैसला करते हैं।’’ ईडन पार्क एक ऐसा मैदान है जहां बाउंड्री काफी छोटी है। 

इससे यहां पहली बार खेलने वाले बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को हैरानी हो सकती है। गिल ने कहा, ‘‘यह मेरे लिए निश्चित रूप से लुभावना है, क्योंकि सीधी बाउंड्री केवल 50-55 मीटर की है। यह बात हमारे दिमाग में जरूर रहेगी। हम जिन परिस्थितियों में खेल रहे हैं वह अन्य देशों की तुलना में दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों से कहीं अधिक मिलती-जुलती हैं।’’

Tue, 03 Nov 2026 14:00:00 +0530

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