Oman तट पर भारतीय कमर्शियल जहाज पर हमला, MEA ने की निंदा और तनाव घटाने की अपील की
भारत ने ओमान के तट के पास भारतीय ध्वज वाले एक व्यावसायिक जहाज पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। इस हमले में एक भारतीय नाविक की जान चली गई। भारत ने क्षेत्रीय तनाव को तुरंत कम करने और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का कूटनीतिक समाधान निकालने का आह्वान किया है। यह घटना सोमवार शाम (2 नवंबर) को ओमान के लिमाह के पास हुई, जिसमें एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई और 13 अन्य लोगों को बचा लिया गया। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पुष्टि की कि 'MSV अल जुसुफी' (MSV AL JUSUFI) नामक जहाज पर सवार सभी 14 लोग भारतीय नागरिक थे। हमले में चालक दल के 13 सदस्य तो बच गए, लेकिन एक नाविक की चोटों के कारण मौत हो गई। मंत्रालय ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि ओमान में भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि बचाए गए चालक दल के सदस्यों की सुरक्षित और जल्द वापसी सुनिश्चित की जा सके, साथ ही मृतक नाविक के पार्थिव शरीर को भी वापस लाया जा सके। बयान में कहा गया हम कल शाम ओमान के लिमाह के पास एक कमर्शियल जहाज 'MSV अल जुसुफी' पर हुए हमले की निंदा करते हैं। जहाज पर सवार 14 भारतीय नागरिकों में से 13 को बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय नागरिक की चोट लगने के कारण दुखद मौत हो गई। हम इस बहुमूल्य जान के नुकसान पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। ओमान में हमारा दूतावास स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और बचाए गए भारतीय नागरिकों तथा मृतक के पार्थिव शरीर को जल्द वापस लाने के लिए ओमान के अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है।
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भारत ने तनाव तुरंत कम करने और कूटनीतिक समाधान निकालने का आग्रह किया
पश्चिम एशिया में कमर्शियल जहाजों (व्यावसायिक जहाजों) के लिए बढ़ते खतरों पर चिंता जताते हुए, नई दिल्ली ने फिर कहा कि चल रहे संघर्षों को कूटनीतिक बातचीत के जरिए खत्म किया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने तनाव को तुरंत कम करने की अपील की और संबंधित पक्षों से कहा कि वे अपनी बातचीत पूरी करें ताकि शांतिपूर्ण समाधान का रास्ता निकल सके। मंत्रालय ने यह भी कहा कि कमर्शियल जहाजों पर लगातार हमले होने से क्षेत्र की शांति और स्थिरता पर व्यापक असर पड़ सकता है।
बयान में कहा गया स क्षेत्र में कमर्शियल जहाजों पर लगातार हो रहे हमले बहुत चिंताजनक हैं। हम फिर से अपील करते हैं कि तनाव को तुरंत कम किया जाए और कूटनीतिक समाधान के लिए चल रही बातचीत को पूरा किया जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता वापस आ सके।" भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे और कमर्शियल जहाजों को सैन्य संघर्षों से दूर रखा जाना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के महत्व पर जोर देते हुए, सरकार ने मांग की कि इस क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही फिर से बहाल की जाए।
बयान में आगे कहा गया, इस क्षेत्र में कमर्शियल जहाजों और आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार, इस क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से जहाजों की स्वतंत्र और निर्बाध आवाजाही तथा व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए।
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शिपिंग मंत्री ने गुजरात के नाविक की मौत की पुष्टि की
मंगलवार को, केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भारतीय चालक दल के एक सदस्य की मौत की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि जहाज से एक अज्ञात हवाई वस्तु टकरा गई थी। त्री के अनुसार, 2 नवंबर को जब 'MSV अल जुसुफी' ओमान के तट के पास से गुजर रहा था, तब उस पर 14 भारतीय नाविक सवार थे। बाद में, ओमान कोस्ट गार्ड ने जहाज से सुरक्षित निकाले गए 13 चालक दल के सदस्यों को बचा लिया। तक की पहचान गुजरात के रहने वाले गंधार नाहिम अजीज के रूप में हुई है। इस घटना पर दुख जताते हुए, सोनोवाल ने कहा कि सरकार भारतीय दूतावास और ओमान के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि बचे हुए लोगों को मदद मिल सके और उन्हें वापस लाने की व्यवस्था की जा सके।
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सोनोवाल ने कहा नवंबर को, 14 भारतीय नाविकों को ले जा रहा भारतीय जहाज 'MSV अल जुसुफी' ओमान के तट के पास एक अज्ञात हवाई वस्तु से टकरा गया। चालक दल के 13 सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया और ओमान कोस्ट गार्ड ने उन्हें बचा लिया, लेकिन मुझे यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि हमारे एक नाविक, गुजरात के गंधार नाहिम अजीज की चोटों के कारण मौत हो गई है।" उन्होंने आगे कहा, "इस गहरे दुख की घड़ी में, मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रियजनों के साथ हैं। मंत्रालय और ओमान में भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं, ताकि बचे हुए 13 लोगों को तुरंत मदद मिल सके और उन्हें वापस लाने के साथ-साथ हमारे दिवंगत नाविक के पार्थिव शरीर को भी स्वदेश लाया जा सके।
मजबूत औद्योगिक मांग के चलते भारत में वेयरहाउसिंग की मांग तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंची: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। मजबूत औद्योगिक मांग और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों में तेजी के चलते भारत के वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र ने 2026 में रिकॉर्ड प्रदर्शन दर्ज किया है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की जुलाई-सितंबर तिमाही में देशभर में 1.058 करोड़ वर्गफुट (10.58 मिलियन स्क्वायर फीट) वेयरहाउस स्पेस का अवशोषण (लीजिंग) दर्ज किया गया, जबकि 2026 के पहले नौ महीनों में कुल अवशोषण बढ़कर 3.26 करोड़ वर्गफुट (32.6 मिलियन स्क्वायर फीट) तक पहुंच गया, जो पिछले तीन वर्षों का सबसे उच्च स्तर है।
वेस्टियन की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और व्यापक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद वेयरहाउसिंग क्षेत्र में मांग मजबूत बनी रही। तिमाही आधार पर लीजिंग गतिविधि में 0.2 प्रतिशत और सालाना आधार पर 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की तीसरी तिमाही के दौरान इस क्षेत्र में 33.2 करोड़ डॉलर (332 मिलियन डॉलर) का संस्थागत निवेश आकर्षित हुआ। यह कुल तिमाही निवेश का 17 प्रतिशत हिस्सा रहा, जो पिछले दो वर्षों में किसी भी तिमाही का सबसे ऊंचा स्तर है।
वेस्टियन के सीईओ श्रीनिवास राव ने कहा कि भारत का वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र अब पारंपरिक मांग स्रोतों से आगे बढ़ रहा है। थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स (3पीएल) के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि लगातार मजबूत मांग, बुनियादी ढांचे में सुधार और सरकारी नीतिगत समर्थन इस क्षेत्र की दीर्घकालिक संभावनाओं को और मजबूत बना रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में बढ़ती खपत, विनिर्माण गतिविधियों का विस्तार और आधुनिक लॉजिस्टिक्स सुविधाओं की बढ़ती जरूरत निवेशकों को आकर्षित कर रही है। यही वजह है कि आधुनिक और तकनीक-आधारित वेयरहाउसिंग परिसंपत्तियों में निवेश का रुझान मजबूत बना हुआ है।
सेक्टोरल हिस्सेदारी की बात करें तो 3पीएल क्षेत्र तीसरी तिमाही में भी सबसे बड़ा लीजिंग सेगमेंट रहा, हालांकि इसकी हिस्सेदारी पिछली तिमाही के 41 प्रतिशत से घटकर 29 प्रतिशत रह गई। इसके बाद इंजीनियरिंग एवं मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की हिस्सेदारी 23 प्रतिशत और ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कंपोनेंट्स क्षेत्र की हिस्सेदारी 14 प्रतिशत रही।
शहरों के आधार पर चेन्नई ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया, जहां 28.9 लाख वर्गफुट (2.89 मिलियन स्क्वायर फीट) का लीजिंग दर्ज किया गया, जो तिमाही आधार पर 320 प्रतिशत और सालाना आधार पर 156 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
मुंबई 27 लाख वर्गफुट (2.70 मिलियन स्क्वायर फीट) के लीजिंग के साथ दूसरे स्थान पर रहा। हालांकि यहां तिमाही आधार पर 46 प्रतिशत और सालाना आधार पर 37 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं पुणे 22 लाख वर्गफुट (2.2 मिलियन स्क्वायर फीट) के अवशोषण के साथ तीसरे स्थान पर रहा और यहां सालाना आधार पर 245 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले समय में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से लगातार बढ़ती मांग आधुनिक और तकनीक-सक्षम वेयरहाउसिंग सुविधाओं के उपयोग को और बढ़ाएगी। इससे स्थापित लॉजिस्टिक्स हब्स के साथ-साथ उभरते हुए वेयरहाउसिंग केंद्रों को भी लाभ मिलने की संभावना है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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