CM ने नगला तराई में आयोजित रामलीला में की शिरकत, भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने का किया आह्वान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को नगला तराई में आयोजित रामलीला कार्यक्रम में सम्मिलित होकर भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र और उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संदेश दिया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन हम सभी को एकजुट होकर धर्म और नैतिकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है. मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को दोहराते हुए कहा कि सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों को सहेजने के लिए पूरी दृढ़ता से कार्य कर रही है.
छद्म वेशधारियों के खिलाफ सख्त कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केदारनाथ पुनर्निर्माण और केदारखंड व मानसखंड के मंदिरों के जीर्णोद्धार का कार्य तेजी से चल रहा है. इसके साथ ही, प्रदेश की पवित्रता और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए सरकार किसी भी प्रकार के अवैध अतिक्रमण और छद्म वेशधारियों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है.
स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में अनेक ऐतिहासिक कार्य हुए. गरीबों के लिए पक्के मकानों का निर्माण और हर घर तक नल से जल व गैस कनेक्शन पहुँचाया गया है.गरीबों के लिए 5 लाख रुपये तक का इलाज पूरी तरह मुफ्त किया गया है. महिलाओं को 'लखपति दीदी' और 'ड्रोन दीदी' योजना से जोड़ा गया तथा युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया गया है.
किसान सम्मान निधि दी जा रही
किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए किसान सम्मान निधि दी जा रही है. सैनिकों को आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं, सर्जिकल व एयर स्ट्राइक जैसी सख्त कार्रवाई की गई हैं और पूर्व सैनिकों के लिए 'वन रैंक, वन पेंशन' लागू की है. इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत अजय मौर्य,नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी,जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया,एसएसपी अजय गणपति, ग्राम प्रधान दीपू मेहरा सहित रामलीला कमेटी के पदाधिकारी उपस्थित रहे.
Bihar Politics: Rahul Raj की BJP में वापसी पर JDU ने उठाए सवाल, सियासी गलियारों में चर्चा तेज
बिहार की राजनीति में हर दिन नए समीकरण बनते और बिगड़ते नजर आते हैं. इस बीच राहुल राज के भारतीय जनता पार्टी के दफ्तर पहुंचने और पार्टी की सदस्यता दोबारा लेने की चर्चाओं ने राज्य के सियासी पारे को एकाएक चढ़ा दिया है. जैसे ही इस बात की खबर सामने आई, वैसे ही एनडीए में शामिल जनता दल यूनाइटेड ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने इस मसले पर खुलकर अपनी बात रखी और बीजेपी के इस कदम पर नाराजगी जताई है. उनके इस बयान के बाद गठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक न होने की चर्चाएं भी अब जोरों पर शुरू हो गई हैं.
15 दिन पहले निकाला और अब वापसी की तैयारी
जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने सीधे तौर पर कहा कि अनुशासनहीनता के आरोप में जिस व्यक्ति को पार्टी ने छह साल के लिए निष्कासित किया था, उसकी इतनी जल्दी वापसी आखिर किस आधार पर हो रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि महज पंद्रह दिनों के भीतर ऐसा क्या बदल गया कि जिस नेता पर बड़ी कार्रवाई हुई थी, उसे फिर से दल में शामिल करने की तैयारी की जाने लगी. कुशवाहा ने साफ शब्दों में कहा कि यह फैसला कई गंभीर सवाल खड़े करता है. किसी भी बड़े दल में अनुशासन सबसे बड़ा आधार होता है, ऐसे में अगर इतनी जल्दी कार्रवाई को भुला दिया जाएगा तो इससे कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जाएगा.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation











