Bihar Politics: Rahul Raj की BJP में वापसी पर JDU ने उठाए सवाल, सियासी गलियारों में चर्चा तेज
बिहार की राजनीति में हर दिन नए समीकरण बनते और बिगड़ते नजर आते हैं. इस बीच राहुल राज के भारतीय जनता पार्टी के दफ्तर पहुंचने और पार्टी की सदस्यता दोबारा लेने की चर्चाओं ने राज्य के सियासी पारे को एकाएक चढ़ा दिया है. जैसे ही इस बात की खबर सामने आई, वैसे ही एनडीए में शामिल जनता दल यूनाइटेड ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने इस मसले पर खुलकर अपनी बात रखी और बीजेपी के इस कदम पर नाराजगी जताई है. उनके इस बयान के बाद गठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक न होने की चर्चाएं भी अब जोरों पर शुरू हो गई हैं.
15 दिन पहले निकाला और अब वापसी की तैयारी
जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने सीधे तौर पर कहा कि अनुशासनहीनता के आरोप में जिस व्यक्ति को पार्टी ने छह साल के लिए निष्कासित किया था, उसकी इतनी जल्दी वापसी आखिर किस आधार पर हो रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि महज पंद्रह दिनों के भीतर ऐसा क्या बदल गया कि जिस नेता पर बड़ी कार्रवाई हुई थी, उसे फिर से दल में शामिल करने की तैयारी की जाने लगी. कुशवाहा ने साफ शब्दों में कहा कि यह फैसला कई गंभीर सवाल खड़े करता है. किसी भी बड़े दल में अनुशासन सबसे बड़ा आधार होता है, ऐसे में अगर इतनी जल्दी कार्रवाई को भुला दिया जाएगा तो इससे कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जाएगा.
उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों की आ गई मौज, सीएम धामी ने दी बोनस को हरी झंडी, चेक करें अपनी पात्रता
Uttarakhand News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ने दीपावली के अवसर पर राज्य के कार्मिकों को बड़ी सौगात देते हुए वर्ष 2025-26 के लिए उत्पादकता असंबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) के भुगतान को स्वीकृति प्रदान की है. इस निर्णय से राज्य सरकार के हजारों कर्मचारियों के साथ ही विभिन्न राजकीय विभागों के कार्यप्रभारित कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों तथा पात्र दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा.
कर्मचारियों के योगदान की सराहना
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार अपने कार्मिकों के हितों और कल्याण के प्रति संवेदनशील है. प्रदेश के विकास में सरकारी कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है. कर्मचारियों के परिश्रम, समर्पण और योगदान से ही सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों को धरातल पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जाता है. सरकार का प्रयास है कि कार्मिकों के हितों का ध्यान रखते हुए उन्हें समय-समय पर प्रोत्साहन एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं.
किसे मिलेगा इस बोनस का फायदा
वित्त विभाग द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार राज्य सरकार के समूह 'ग' एवं 'घ' के कर्मचारियों तथा समूह 'ख' के उन सभी अराजपत्रित कर्मचारियों को तदर्थ बोनस अनुमन्य किया गया है, जिनका ग्रेड वेतन ₹4,800 (पुनरीक्षित वेतनमान ₹47,600-1,51,100, लेवल-8) तक है तथा जो उत्पादकता से संबद्ध किसी अन्य बोनस योजना के अंतर्गत नहीं आते हैं.
बोनस की राशि और गणना का गणित
स्वीकृत व्यवस्था के अंतर्गत पात्र कर्मचारियों को 30 दिन की परिलब्धियों के बराबर तदर्थ बोनस दिया जाएगा. इसके लिए अधिकतम मासिक परिलब्धियों की गणना सीमा ₹7,000 निर्धारित की गई है. इस आधार पर पात्र कर्मचारी को अधिकतम लगभग ₹6,908 का बोनस प्राप्त होगा.
दैनिक वेतनभोगियों का भी रखा पूरा ध्यान
इस निर्णय में कैजुअल एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है. छह कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में पिछले तीन वर्ष अथवा उससे अधिक अवधि में प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन तथा पांच कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में प्रत्येक वर्ष कम से कम 206 दिन कार्य करने वाले पात्र दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी तदर्थ बोनस का लाभ मिलेगा. इनके लिए बोनस की गणना ₹1,200 की निर्धारित मासिक सीमा के आधार पर की जाएगी, जो अधिकतम लगभग ₹1,184 होगी.
पात्रता की शर्तें और स्थानीय निकायों के नियम
शासनादेश के अनुसार बोनस के लिए वही कर्मचारी पात्र होंगे, जो 31 मार्च, 2026 को सेवा में कार्यरत थे तथा जिन्होंने 31 मार्च, 2026 तक न्यूनतम छह माह की निरंतर एवं संतोषजनक सेवा पूरी की हो. छह माह से एक वर्ष तक की सेवा अवधि वाले पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार आनुपातिक आधार पर बोनस का भुगतान किया जाएगा.
इसके साथ ही स्थानीय निकायों एवं विकास प्राधिकरणों के लाभ में होने की स्थिति में वहां कार्यरत पात्र कार्मिकों को भी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार तदर्थ बोनस का लाभ दिया जाएगा. इसका भुगतान संबंधित निकाय एवं विकास प्राधिकरण अपने संसाधनों से करेंगे.
सकरात्मक कार्य वातावरण तैयार करना धामी सरकार का उद्देश्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार कार्मिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनके कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है. सरकार का उद्देश्य एक ऐसा सकारात्मक कार्य वातावरण तैयार करना है, जिसमें प्रत्येक कार्मिक पूरी प्रतिबद्धता और उत्साह के साथ प्रदेश की प्रगति में अपना योगदान दे सके.
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली खुशियों, उत्साह, समृद्धि और आपसी सद्भाव का पर्व है. इस अवसर पर कार्मिकों को तदर्थ बोनस की सौगात उनके और उनके परिवारों के लिए त्योहार की खुशियों को और बढ़ाने वाली होगी. राज्य सरकार भविष्य में भी कार्मिकों के हितों एवं कल्याण से जुड़े विषयों पर सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ निर्णय लेती रहेगी.
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