Nepal Election Result: नेपाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर! बालेन शाह की पार्टी RSP ऐतिहासिक जीत की ओर; जश्न शुरू
Nepal Election Result: नेपाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. काठमांडू महानगर के मेयर और पूर्व रैपर बालेन शाह (Balendra Shah) की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (Rastriya Swatantra Party – RSP) ने संसदीय चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया है. शुरुआती रुझानों और पार्टी के दावों के मुताबिक RSP को संसद में दो-तिहाई बहुमत मिल सकता है. इसी खबर के बाद पूरे नेपाल में पार्टी समर्थकों के बीच जश्न का माहौल बन गया है.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो
सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें बालेन शाह के समर्थक सड़कों पर उतरकर नाचते-गाते और जश्न मनाते दिखाई दे रहे हैं. समर्थक बालेन शाह की तारीफ में बने गानों पर नाच रहे हैं और इस जीत को देश में नए बदलाव की शुरुआत बता रहे हैं.
#WATCH | Kathmandu, Nepal: Celebration visuals coming from Nepal, where Balen Shah’s Rastriya Swatantra Party (RSP) is inches away from victory in the General Election 2026. pic.twitter.com/lzbO5lx3V8
— ANI (@ANI) March 6, 2026
शुक्रवार से जारी थी गिनती
नेपाल की प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) की 165 सीटों के लिए फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट (FPTP) प्रणाली के तहत वोटों की गिनती शुक्रवार से शुरू हुई. इन सीटों पर गुरुवार को मतदान हुआ था. इस चुनाव में लगभग 60 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जो नेपाल के लिहाज से अच्छी मानी जा रही है.
क्या कहती है रिपोर्ट
रिपोर्ट्स के अनुसार, RSP ने कई सीटों पर बढ़त बना ली है और पार्टी का दावा है कि उसे संसद में दो-तिहाई बहुमत मिल सकता है. अगर ऐसा होता है तो बालेन शाह नेपाल के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं. बालेन शाह पहले एक रैपर के रूप में लोकप्रिय हुए थे और बाद में राजनीति में आए. काठमांडू के मेयर बनने के बाद उन्होंने प्रशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया, जिससे युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी.
पिछले वर्ष हुआ था आंदोलन
इस चुनाव की पृष्ठभूमि भी काफी महत्वपूर्ण रही है. पिछले साल नेपाल में Gen-Z युवाओं का बड़ा आंदोलन हुआ था, जिसने तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार को गिरा दिया था. उस आंदोलन के बाद देश में राजनीतिक बदलाव की मांग तेज हो गई थी. कई युवा मतदाता पारंपरिक पार्टियों से नाराज थे और वे नई राजनीति चाहते थे. इसी माहौल का फायदा RSP को मिला.
RSP उपाध्यक्ष ने बताया एजेंडा
RSP के उपाध्यक्ष डोल प्रसाद अर्याल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी का सबसे बड़ा एजेंडा भ्रष्टाचार को लगभग खत्म करना है. उन्होंने कहा कि दुनियाभर में नेपाल की चर्चा अक्सर भ्रष्टाचार के कारण होती है और उनकी पार्टी इसे बदलना चाहती है.
अर्याल ने कहा, 'जब हमने RSP की शुरुआत की, तो हमारा मकसद था कि नेपाल में भ्रष्टाचार को लगभग शून्य तक लाया जाए. हमारी कोशिश है कि हर नागरिक को महसूस हो कि यह सरकार उसके लिए काम कर रही है. देश में विकास और बेहतर कामकाज हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है.'
अन्य दलों का क्या है हाल
दूसरी ओर, पारंपरिक राजनीतिक दल इस चुनाव में काफी पीछे दिखाई दे रहे हैं. नेपाली कांग्रेस ने अभी तक दो सीटें जीत ली हैं और 12 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं सीपीएन-यूएमएल (CPN-UML) करीब 10 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. इसके अलावा नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी ने एक सीट जीती है और छह सीटों पर आगे बताई जा रही है.
जारी है सीटों की गिनती
हालांकि अभी सभी सीटों की गिनती पूरी नहीं हुई है, लेकिन शुरुआती नतीजों और रुझानों ने साफ संकेत दे दिए हैं कि इस बार नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. अगर RSP वास्तव में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लेती है, तो यह देश के राजनीतिक इतिहास में एक ऐतिहासिक जीत मानी जाएगी.
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
विशेषज्ञों का मानना है कि यह चुनाव नेपाल के युवाओं की नई सोच को भी दर्शाता है. बड़ी संख्या में युवा मतदाताओं ने पारंपरिक पार्टियों की बजाय नए नेतृत्व पर भरोसा जताया है. अब सभी की नजर अंतिम नतीजों पर टिकी हुई है, जिससे साफ होगा कि बालेन शाह वास्तव में नेपाल के नए प्रधानमंत्री बनते हैं या नहीं.
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तकनीकी खराबी के कारण ईरानी युद्धपोत 'आईआरआईएस लवन' कोच्चि में किया गया डॉक
कोच्चि, 6 मार्च (आईएएनएस)। केरल के कोच्चि में शुक्रवार को एक ईरानी नौसैनिक जहाज आईआरआईएस लवन डॉकिंग करने आया। भारत ने तकनीकी खराबी की रिपोर्ट मिलने के बाद आपातकालीन अनुमति दी। यह घटना उस समय हुई जब जियोपॉलिटिकल बदलाव के हालात बने हुए हैं। अभी हाल की ताजा घटना में एक ईरानी युद्धपोत के अमेरिकी टॉरपीडो से डूबने की घटना के बाद हलचल मची हुई है।
ईरानी युद्धपोत चार मार्च को कोच्चि पहुंचा, जब केंद्र सरकार ने तेहरान के अनुरोध को मंजूरी दी, जिससे जहाज तकनीकी कारणों से तत्काल रुक सके।
इससे पहले जहाज को इस इलाके में काम करते समय 28 फरवरी को एक तकनीकी खराबी का पता चला था। उसने जरूरी जांच और मदद के लिए डॉक करने के लिए भारत से मदद मांगी थी। जहाज आईआरआईएस लवन इस क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू में भाग लेने के लिए पहुंचा था।
केंद्र सरकार ने एक मार्च को इस अनुरोध को मंजूरी दी, जिससे जहाज को कोच्चि बंदरगाह में प्रवेश करने का रास्ता मिल गया। जांच के दौरान जहाज कोच्चि में ही खड़ा है। युद्धपोत पर मौजूद 183 नाविकों के लिए शहर में भारतीय नौसेना की विशेष सुविधाओं में व्यवस्था की गई है।
नौसैनिक अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि चालक दल के लिए आवश्यक सभी लॉजिस्टिक और मानवतावादी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएं।
यह घटना इसलिए भी ध्यान आकर्षित कर रही है क्योंकि आईआरआईएस लवन कोच्चि पहुंचा, जबकि कुछ ही दिनों पहले एक अन्य ईरानी युद्धपोत, आईआरआईएस डेना, कथित तौर पर एक अमेरिकी टॉरपीडो से डूब गया था।
आईआरआईएस डेना की घटना ने कूटनीतिक और राजनीतिक बहस को जन्म दिया है, जिससे क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा स्थिति और इसके प्रभाव पर सवाल उठ रहे हैं।
पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती तनावपूर्ण स्थिति के बीच एक ईरानी नौसैनिक जहाज का भारतीय बंदरगाह पर होना रणनीतिक सर्कल में भी ध्यान का केंद्र बन गया है।
हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि जहाज को डॉकिंग की अनुमति मानवतावादी आधार पर दी गई, क्योंकि ईरान ने तकनीकी खराबी के बाद तत्काल सहायता का अनुरोध किया था।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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