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भारत का बेटा है कीवियों का ब्रह्मास्त्र... फाइनल में टीम इंडिया के लिए बनेगा सबसे बड़ा कांटा

Why Rachin Ravindra biggest challenge for Team India: आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 का फाइनल मुकाबला भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा. दोनों टीमें इस खिताबी भिड़ंत के लिए अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में उतरेगी. इस मैच में टीम इंडिया के लिए कीवी टीम के रचिन रविंद्र सबसे बड़ा चुनौती साबित हो सकते हैं.

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अमेरिका ने समुद्र में ईरानी युद्धपोत को डुबाकर किया अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन? UNCLOS क्या कहता है, जानिए नियम

4 मार्च को सुबह खबर आई कि अमेरिका की सबमरीन के द्वारा ईरानी वॉरशिप आईआरआईएस डेना को भारत की जमीनी सीमा कन्याकुमारी से कम से कम 380 किमी दूर समुद्र में अमेरिका के द्वारा डुबो दिया गया है।  श्रीलंका के नेवल कोस्ट से केवल 70 कि.मी. दूर समुद्र में यह घटना हुई। इसलिए श्रीलंका की नेवी ने रेस्क्यू कार्यक्रम चलाकर ईरानी नेवी के कुछ लोगों को बचा लिया है। इस हमले के बाद भारत से लेकर श्रीलंका तक में बवाल मचा हुआ है। एक तरफ जहां 
ईरानी वॉरशिप के भारत में हुए मिलन 2026 नामक एक अभ्यास कार्यक्रम में हिस्सा लेकर वापस लौटने के दौरान हुए हमले का आरोप लगाकर विपक्ष सरकार को घेर रही है। वहीं दूसरी तरफ श्रीलंका की विपक्षी पार्टियों ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अमेरिकी पनडुब्बी के हमले को श्रीलंका की सुरक्षा से जोड़कर सरकार से कई सवाल पूछे हैं। श्रीलंकाई विपक्ष के नेता सजित प्रेमदासा ने संसद में सवाल उठाया कि सरकार की जानकारी के बिना एक विदेशी सबमरीन श्रीलंका के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में कैसे घुस गई। 

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क्या अमेरिका का हमला अवैध था? 

बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, श्रीलंका सरकार ने संसद में बताया कि जिस स्थान पर ईरानी युद्धपोत को डुबोया गया, वह दक्षिण श्रीलंका के गॉल हार्बर से लगभग 19 नॉटिकल मील (करीब 35 किलोमीटर) दूर था। अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के मुताबिक, यदि कोई देश अंतरराष्ट्रीय सशस्त्र संघर्ष में शामिल है तो उसके युद्धपोतों को सामान्यतः वैध सैन्य लक्ष्य माना जाता है। ऐसे में उन पर हमला करना कानूनन वैध हो सकता है। आमतौर पर इस तरह के हमले खुले समुद्र में या फिर संघर्ष में शामिल देशों के 12 नॉटिकल मील तक के क्षेत्रीय जल में किए जा सकते हैं। लेकिन किसी तटस्थ देश के क्षेत्रीय जल के भीतर सैन्य हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार वैध नहीं माना जाता।

क्या है समुद्री युद्ध का कानून?

UNCLOS समुद्री युद्ध का कानून के नाम से भी जाना जाता है, सशस्त्र संघर्ष के कानून का एक हिस्सा है जो समुद्र में होने वाले युद्ध में शामिल लड़ाकों, नागरिकों और तटस्थ देशों के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े नियम तय करता है। यह कानून इस बात से ही स्वतंत्र रूप से लागू होता है कि युद्ध शुरू करने का फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत वैध था या नहीं। इस कानून का एक केंद्रीय विचार यह है कि समुद्री क्षेत्र से संबंधित सभी मुद्दे आपस में घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं और उनका समग्र रूप से समाधान किया जाना चाहिए। इसके प्रावधानों को लागू करने के लिए, UNCLOS ने तीन अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की स्थापना की है

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1. अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून न्यायाधिकरण (ITLOS): यह संस्था समुद्री कानून संबंधी विवादों का निपटारा करती है। इसका मुख्य कार्य समुद्र के कानून संबंधी समझौते (UNCLOS) की व्याख्या और उसके अनुप्रयोग से जुड़े विवादों का निर्णय करना है। यदि दो देशों के बीच समुद्री सीमा, जहाजों की गिरफ्तारी या समुद्री अधिकारों को लेकर विवाद होता है, तो ITLOS उस पर फैसला दे सकता है।
2. अंतरराष्ट्रीय समुद्रतल प्राधिकरण (ISA): यह संस्था उन क्षेत्रों में खनिज संसाधनों की खोज और खनन गतिविधियों को नियंत्रित करती है जो किसी एक देश के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते और अंतरराष्ट्रीय समुद्रतल क्षेत्र में स्थित होते हैं। इसका उद्देश्य समुद्रतल के संसाधनों का समान और जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित करना है।
3. महाद्वीपीय शेल्फ की सीमाओं पर आयोग (CLCS): यह आयोग तटीय देशों द्वारा किए गए दावों की जांच और सिफारिश करता है, जिनमें वे अपने महाद्वीपीय शेल्फ की बाहरी सीमा तय करने का दावा करते हैं। CLCS यह सुनिश्चित करता है कि देशों के दावे समुद्री कानून के नियमों के अनुसार सही हों।

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IND vs NZ Final: भारत-न्यूजीलैंड फाइनल अगर बारिश से धुला तो कौन बनेगा चैंपियन? जानें सारे समीकरण

IND vs NZ T20 World cup Final: भारत रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में न्यूज़ीलैंड से भिड़ेगा। भारत के पास खिताब बचाने का मौका है। हालांकि, इससे पहले कोई भी टीम ऐसा नहीं कर पाई है। ऐसे में अगर सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली टीम इंडिया को ऐसा करना है तो 19 साल का इतिहास बदलना होगा। भारत सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराकर फाइनल में पहुंचा और पाकिस्तान और श्रीलंका के बाद लगातार टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी टीम बन गई।

आईसीसी टूर्नामेंट में अगर किसी एक टीम ने भारत को सबसे ज्यादा परेशान किया है तो वो न्यूजीलैंड है। कीवी टीम टी20 विश्व कप में कभी भी भारत से हारी नहीं है। इतने बड़े मैच के साथ, फैंस यह भी जानना चाहते हैं कि अगर मौसम या दूसरी स्थितियों ने फाइनल पर असर डाला तो क्या होगा।

आईसीसी के नियमों के मुताबिक, ऑर्गनाइज़र पहले तय दिन पर मैच पूरा करने की कोशिश करेंगे, भले ही बारिश के कारण मैच को छोटा ही क्यों न करना पड़े। अगर उस दिन मैच पूरा नहीं हो पाता है, तो एक रिज़र्व डे रखा जाता है। खेल वहीं से जारी रहेगा जहां से रुका था, न कि दोबारा शुरू होगा। हालांकि, अगर रिज़र्व डे के बाद भी बारिश किसी नतीजे को रोकती है, तो दोनों टीमों को टूर्नामेंट का जॉइंट विनर घोषित किया जाएगा। एक और चांस यह भी है कि मैच टाई हो जाए। ऐसे में, विनर का फैसला सुपर ओवर से होगा, जिसमें दोनों टीमों को बैटिंग और बॉलिंग के लिए एक एक्स्ट्रा ओवर मिलेगा।

अगर सुपर ओवर भी टाई हो जाता है, तो तब तक सुपर ओवर होगा, जब तक नतीजा न आ जाए। यह नियम 2019 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल के विवादित नतीजे के बाद लाया गया था। पहले, सिर्फ एक सुपर ओवर खेला जाता था और अगर वह टाई होता था, तो जिस टीम के हिस्से ज्यादा बाउंड्री (चौके-छक्के) आई होती थी, वो जीत जाती थी। अब, सुपर ओवर तब तक जारी रहेंगे जब तक कोई एक टीम जीत न जाए। 

Sat, 07 Mar 2026 12:36:16 +0530

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