US Iran War: 'हमारा रुख एकदम साफ है': मध्यस्था कराने वालों से ईरान ने कहा- तेहरान पर नहीं, बल्कि अमेरिका और इजरायाल पर ध्यान दें
US Iran War: दरअसल मौजूदा संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी, जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े ठिकानों पर हमले किए। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी
हो गया तय, नीतीश कुमार के रहते ये काम करने जा रहे हैं बेटे निशांत कुमार, जेडीयू की बैठक में हुआ बड़ा फैसला
बिहार की राजनीति में एक बड़ा और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है. करीब दो दशकों तक राज्य की सत्ता में केंद्रीय भूमिका निभाने वाले नीतीश कुमार ने अब राज्यसभा जाने का फैसला कर लिया है. उनके इस निर्णय के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता इस अचानक हुए फैसले से हैरान हैं, जबकि कुछ जगहों पर नाराजगी भी देखने को मिली है.
इसी बीच पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास 1 अन्ने मार्ग पर जनता दल (यूनाइटेड) के विधायकों, विधान पार्षदों और सांसदों की एक अहम बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में पार्टी की आगामी रणनीति और नेतृत्व को लेकर चर्चा की गई.
बैठक में सामने आया बड़ा संकेत
बैठक के दौरान जेडीयू के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय झा ने एक अहम जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के बेटे निशांत रविवार यानी 8 मार्च को औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल होंगे. इतना ही नहीं, उन्हें बिहार का डिप्टी मुख्यमंत्री बनाए जाने की भी संभावना जताई गई है.
बैठक में मौजूद कई विधायकों और नेताओं ने निशांत कुमार को सक्रिय राजनीति में लाने की मांग की. जब इस प्रस्ताव पर समर्थन मांगा गया तो अधिकांश नेताओं ने हाथ उठाकर इसका समर्थन किया. इससे साफ संकेत मिला कि पार्टी के भीतर नई पीढ़ी को नेतृत्व सौंपने की तैयारी शुरू हो चुकी है.
अचानक फैसले से कार्यकर्ताओं में भ्रम
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नीतीश कुमार आमतौर पर बड़े फैसलों से पहले पार्टी के नेताओं के साथ बैठक कर उन्हें भरोसे में लेते रहे हैं. लेकिन इस बार राज्यसभा जाने का निर्णय अचानक सामने आया, जिससे पार्टी के भीतर भ्रम की स्थिति बन गई.
इस फैसले के बाद कई कार्यकर्ताओं को लगा कि शायद यह निर्णय किसी राजनीतिक दबाव में लिया गया है. कुछ कार्यकर्ताओं ने इसे बीजेपी के दबाव से जुड़ा फैसला भी बताया. यही वजह रही कि पटना सहित कई जिलों में जेडीयू और भाजपा नेताओं के खिलाफ प्रदर्शन देखने को मिला.
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने नेताओं को भरोसा दिलाया कि भले ही वे दिल्ली में रहेंगे, लेकिन बिहार की राजनीति और पार्टी की गतिविधियों पर उनकी नजर बनी रहेगी.
पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा तेज
बैठक के दौरान कुछ नेताओं ने यह भी सुझाव दिया कि यदि निशांत कुमार राजनीति में आते हैं तो उन्हें पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी दी जानी चाहिए. कई विधायकों ने खुलकर उनका समर्थन किया.
हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि भविष्य में उन्हें मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाएगी या नहीं, लेकिन डिप्टी सीएम के तौर पर उनकी संभावित नियुक्ति को राजनीतिक उत्तराधिकार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
फैसले पर पुनर्विचार की मांग
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद पार्टी के भीतर असंतोष के स्वर भी सुनाई दे रहे हैं. कई कार्यकर्ताओं ने उनसे अपने फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील की है. कुछ जगहों पर कार्यकर्ता तख्तियां लेकर प्रदर्शन करते नजर आए और उन्होंने मुख्यमंत्री से बिहार की राजनीति में बने रहने की मांग की.
जेडीयू के प्रवक्ता और विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं का भावुक होना स्वाभाविक है. उनके मुताबिक, लंबे समय से पार्टी और सरकार का नेतृत्व करने वाले नेता के बारे में ऐसा फैसला सुनकर कार्यकर्ताओं का चिंतित होना सामान्य बात है.
उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार ऐसे नेता नहीं हैं जो किसी भी दबाव में फैसला लें. साथ ही उन्होंने पार्टी नेतृत्व से अपील की कि कार्यकर्ताओं की भावनाओं को समझते हुए स्थिति को शांत किया जाए.
बिहार की राजनीति में नए दौर की शुरुआत?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला बिहार की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत का संकेत हो सकता है. यदि निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में आते हैं और उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिलती है, तो जेडीयू में नेतृत्व की नई पीढ़ी सामने आ सकती है. फिलहाल राज्य की सियासत में आने वाले दिनों में और भी कई अहम घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं.
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