Diljit Dosanjh Concert: दिलजीत दोसांझ का खुलासा, बिहार में करना चाहते थे कॉन्सर्ट, सिंगर ने खुद बताई वजह
Delhi Dosanjh Concert: पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) ने अपने ऑरा इंडिया टूर के तहत दिल्ली के जेएलएन स्टेडियम में कॉन्सर्ट किया. इस दौरान हजारों की संख्या में फैंस कॉन्सर्ट में शामिल हुए और खूब इंजॉय किया. हालांकि, दिल्ली कॉन्सर्ट की परमिशन के लिए आयोजकों और दिलजीत को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. वहीं, दिल्ली कॉन्सर्ट के बाद सिंगर इंस्टाग्राम पर लाइव आए और उन्होंने बिहार में कॉन्सर्ट नहीं कर पाने की वजह बताई. सिंगर के मुताबिक, वे बिहार में परफॉर्म करना चाहते थे, लेकिन वहां के प्रशासन ने क्राउड मैनेजमेंट की जिम्मेदारी नहीं ली.
प्रशासन ने क्राउड मैनेजमेंट की नहीं ली जिम्मेदारी
दरअसल, दिलजीत ने हाल ही में इंस्टाग्राम लाइव के दौरान बताया कि उन्होंने पिछले साल भी बिहार में कॉन्सर्ट आयोजित करने की कोशिश की थी. उन्होंने कहा कि कॉन्सर्ट में ज्यादा भीड़ उमड़ती है, जिसे संभालना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा है कि वे बिहार में परफॉर्म करना चाहते थे, लेकिन वहां के प्रशासन ने क्राउड मैनेजमेंट की जिम्मेदारी नहीं ली. आयोजकों के लिए हजारों की भीड़ को संभालना मुश्किल होता, इसलिए बिहार में शो आयोजित नहीं हो पाया.
प्रशासन ने आयोजकों से कहा था जिम्मेदारी लेने के लिए
दिलजीत दोसांझ से लाइव के दौरान के एक फैन ने उनसे बिहार कॉन्सर्ट के बारे में पूछा. तब उन्होंने कहा, ‘हमने पिछले साल भी बिहार जाने की और कॉन्सर्ट करने की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने कहा भीड़ को संभालना मुश्किल है.’ सिंगर ने कहा कि वहां के अधिकारियों ने आयोजकों से पूछा कि क्या वे भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी लेंगे. दिलजीत ने साफ किया कि इतनी बड़ी लॉजिस्टिक्स सिस्टम की जिम्मेदारी कलाकार या प्राइवेट टीम नहीं ले सकती, यह काम लॉकल प्रशासन का होता है, प्रशासन के तैयार न होने पर यह शो नहीं हो सका.
उन्होंने कहा, ‘उन्होंने पूछा कि क्या हम इसकी ज़िम्मेदारी लेंगे. मैंने कहा कि हम नहीं ले सकते, उन्हें यह ज़िम्मेदारी लेनी होगी. उन्होंने भीड़ संभालने की जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया, इसलिए हम नहीं जा सके.’
भीड़ को संभालना कोई आसान काम नहीं है
पॉपुलर सिंगर दिलजीत ने समझाया कि उनके कॉन्सर्ट में हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं. ऐसे में भीड़ को संभालना कोई आसान काम नहीं है. इसके लिए सुरक्षा से लेकर दूसरे अरेंजमेंट्स तक हर चीज का ध्यान रखना पड़ता है. उन्होंने कहा, ‘यह कोई छोटी-मोटी भीड़ नहीं होती, बल्कि बहुत बड़ी संख्या में लोग आते हैं. ऐसे इवेंट के लिए काफी तैयारी और लॉजिस्टिक्स की जरूरत होती है. बिहार में शो ऑर्गनाइज करना भी दिल्ली जैसे बड़े इवेंट से कम नहीं होता.'
दिल्ली कॉन्सर्ट की मंजूरी में आई थी अड़चनें
बता दें कि दिलजीत के दिल्ली में कॉन्सर्ट के आयोजन को लेकर भी काफी अड़चनें आई थी. 22 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (साउथ डिस्ट्रिक्ट) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कॉन्सर्ट करने की परमिशन की अर्जी खारिज कर दी थी. पुलिस ने कहा था कि खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट और त्योहारों के सीजन में कानून-व्यवस्था को देखते हुए इस बड़े आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती.
बाद में दिलजीत ने आधिकारिक सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि उनका दिल्ली कॉन्सर्ट तय तारीख पर ही होगा. दिल्ली पुलिस और आयोजकों के बीच हुई कई दौर की बैठकों के बाद कॉन्सर्ट को मंजूरी दी गई. आयोजकों ने पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ कंट्रोल को लेकर एक एक्शन प्लान पेश किया था.
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ईरान का ब्रिटेन पर बड़ा एक्शन, सेना और खुफिया एजेंसी को लेकर लिया सख्त फैसला
ईरान और ब्रिटेन के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान ने ब्रिटेन की रॉयल नेवी, रॉयल एयर फोर्स और उसकी विदेशी खुफिया एजेंसी एमआई6 के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। ईरान ने ब्रिटेन की सेना को आतंकवादी संगठन और उसकी खुफिया एजेंसी एमआई6 को शत्रुतापूर्ण समूह घोषित किया है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय ने रविवार को इस फैसले का एलान किया। इसके बाद ब्रिटेन का सैन्य और खुफिया तंत्र ईरान के सुरक्षा कानूनों के दायरे में आ गया है।
ब्रिटेन पर ईरान ने लगाए गंभीर आरोप
ईरान के विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि ब्रिटेन अपने सैन्य अड्डों और रसद सुविधाओं का इस्तेमाल करके अमेरिका और इजरायल के सैन्य अभियानों में मदद कर रहा है। ईरान का कहना है कि ये अभियान तेहरान के खिलाफ हैं और ब्रिटेन की ऐसी गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का उल्लंघन करती हैं।
ईरान की यह जवाबी कार्रवाई ब्रिटेन के जुलाई में लिए गए एक फैसले के बाद आई है। ब्रिटेन ने तब ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को अपने राज्य खतरा कानून के दायरे में शामिल किया था। ईरान ने इस कदम को अपने खिलाफ शत्रुतापूर्ण कार्रवाई बताया था।
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ईरान ने पारस्परिकता के सिद्धांत का दिया हवाला
अपने फैसले का बचाव करते हुए ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम पारस्परिकता के सिद्धांत और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत उठाया गया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि इस फैसले के जो भी नतीजे होंगे, उनकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर ब्रिटिश सरकार की होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटनाक्रम से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव और बढ़ सकता है। इसकी एक वजह यह है कि ईरान ने अपनी कार्रवाई का दायरा ब्रिटेन की सेना तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसकी विदेशी खुफिया एजेंसी को भी इसमें शामिल किया है।
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क्या है एमआई6?
एमआई6 को सीक्रेट इंटेलिजेंस सर्विस यानी एसआईएस के नाम से भी जाना जाता है। यह ब्रिटेन की विदेशी खुफिया एजेंसी है। इसका मुख्य काम विदेशों से जुड़ी खुफिया जानकारियां जुटाना, आतंकवादी नेटवर्क और जासूसी गतिविधियों पर नजर रखना और राष्ट्रीय सुरक्षा के संभावित खतरों की पहचान करना है। यह एजेंसी ऐसी जानकारियां ब्रिटिश सरकार तक पहुंचाती है।
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