भारत चौथी बार फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम:टूर्नामेंट में 88 सिक्स भी लगाए, संजू ने कोहली की बराबरी की; रिकार्ड्स
भारत ने इंग्लैंड को हराकर चौथी बार टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बना ली और ऐसा करने वाली पहली टीम बन गई। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 7 रन से मात दी। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में 88 छक्के भी पूरे कर लिए। टीम ने एक एडिशन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी बना दिया। वहीं संजू सैमसन ने 89 रन की पारी खेलते हुए टी-20 वर्ल्ड कप में किसी भारतीय द्वारा सबसे बड़ी पारी खेलने के मामले में विराट कोहली की बराबरी कर ली। पढ़िए IND Vs ENG मैच के टॉप रिकॉर्ड्स… 1. भारत चौथी बार फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम भारत चौथी बार टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच गया है, जो किसी भी टीम द्वारा सबसे ज्यादा है। इससे पहले भारतीय टीम 2007, 2014 और 2024 में फाइनल खेल चुकी थी। 2026 में फाइनल में पहुंचकर भारत ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया और लगातार दो वर्ल्ड कप (2024 और 2026) के फाइनल में जगह बनाने वाली तीसरी टीम भी बन गया। इससे पहले पाकिस्तान (2007, 2009) और श्रीलंका (2012, 2014) ही यह उपलब्धि हासिल कर सके थे। 2. एक टी-20 वर्ल्ड कप मैच में सबसे ज्यादा सिक्स लगे भारत और इंग्लैंड ने मिलकर 34 छक्के लगाकर टी-20 वर्ल्ड कप के एक मैच में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने का रिकॉर्ड बना दिया। इस सूची में दूसरे नंबर पर वेस्टइंडीज- जिम्बाब्वे का मैच है। दोनों टीमों ने मिलकर 31 सिक्स लगाए थे। मुंबई में खेले गए सेमीफाइनल में भारत और इंग्लैंड के मैच में चौकों-छक्कों की भी बारिश हुई। मुकाबले में कुल 73 बाउंड्री (39 चौके और 34 छक्के) लगे, जो टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास में किसी एक मैच में सबसे ज्यादा हैं। इससे पहले इसी मैदान पर 2016 में इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका के मैच में 61 बाउंड्री लगी थीं। 3. भारत-इंग्लैंड मैच में 499 रन बने मुंबई में खेले गए भारत और इंग्लैंड के मुकाबले में दोनों टीमों ने मिलकर 499 रन बनाए, जो टी-20 इंटरनेशनल इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा मैच टोटल है। इस सूची में पहला स्थान 2023 में सेंचुरियन में खेले गए साउथ अफ्रीका-वेस्टइंडीज मैच (517 रन) का है। भारत-न्यूजीलैंड मैच (496 रन, 2026) तीसरे स्थान पर है। इसके बाद भारत-वेस्टइंडीज (489 रन, 2016) और न्यूजीलैंड-ऑस्ट्रेलिया (488 रन, 2018) के मैच आते हैं। 4. भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप में दूसरा सबसे बड़ा स्कोर बनाया भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप में अपना दूसरा सबसे बड़ा स्कोर बना लिया। टीम इंडिया का सबसे बड़ा स्कोर रिकॉर्ड 256 रन है, जो टीम ने इसी वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ सुपर-8 मैच में बनाया था। ओवरऑल टी-20 वर्ल्ड कप में यह चौथा सबसे बड़ा स्कोर रहा। श्रीलंका के नाम टी-20 वर्ल्ड कप में हाईएस्ट टोटल का रिकॉर्ड है, टीम ने केन्या के खिलाफ 2007 में 260 रन बनाए थे। 5. भारत एक टी-20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाली टीम टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड बनाया। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में 88 सिक्स लगाए, जो किसी एक एडिशन में किसी भी टीम द्वारा सबसे ज्यादा हैं। इस सूची में दूसरे नंबर पर वेस्टइंडीज है, जिसने इसी साल 76 छक्के लगाए। तीसरे स्थान पर दक्षिण अफ्रीका (72 सिक्स) रही। इससे पहले 2024 में वेस्टइंडीज ने 62 और भारत ने 61 छक्के लगाए थे। 6. भारत ने एक इनिंग में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने की बराबरी की भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई में खेले गए मैच में एक पारी में 19 छक्के लगाकर टी-20 वर्ल्ड कप के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इससे पहले 2014 में नीदरलैंड ने आयरलैंड के खिलाफ सिलीट में 19 सिक्स लगाए थे। 2026 में ही वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे के खिलाफ मुंबई में 19 छक्के जड़े। इस लिस्ट में भारत का जिम्बाब्वे के खिलाफ चेन्नई में बनाया गया 17 सिक्स का प्रदर्शन भी शामिल है। 7. भारत ने छठी बार 250+ का स्कोर बनाया भारत टी-20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा 250 या उससे ज्यादा रन बनाने वाली टीम बन गई है। टीम ने अब तक 6 बार 250+ का स्कोर बनाया है। इस मामले में दूसरे नंबर पर आईपीएल फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) है, जिसने 5 बार यह आंकड़ा पार किया है। वेस्टइंडीज, जिम्बाब्वे और इंग्लिश काउंटी टीम सरे ने 3-3 बार 250+ का स्कोर बनाया है। 8. संजू ने भारत के लिए एक वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा सिक्स लगाए संजू सैमसन ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में 16 छक्के लगाकर एक एडिशन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने रोहित शर्मा के 2024 के रिकॉर्ड (15 सिक्स) को पीछे छोड़ा। 2026 में ही शिवम दुबे ने भी 15 सिक्स लगाए। वहीं ईशान किशन और हार्दिक पांड्या ने 14-14 छक्के जड़े। युवराज सिंह ने 2007 वर्ल्ड कप में 12 सिक्स लगाए थे। 9. संजू नॉकआउट में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले भारतीय संजू सैमसन टी-20 वर्ल्ड कप नॉकआउट में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने 2026 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 89 रन बनाए। इस पारी के साथ उन्होंने विराट कोहली के 2016 सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज के खिलाफ बनाए गए नाबाद 89 रन की बराबरी की, लेकिन कोहली का स्कोर नाबाद था। इस सूची में विराट कोहली का दबदबा दिखता है। उन्होंने 2014 और 2024 के नॉकआउट मुकाबलों में भी बड़ी पारियां खेली थीं, जबकि 2007 के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ गौतम गंभीर की 75 रन की पारी भी भारत की सबसे अहम नॉकआउट पारियों में शामिल है। 10. बेथेल का दूसरा सबसे तेज शतक इंग्लैंड के जैकब बेथेल ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ 45 गेंदों में शतक लगाकर इतिहास का दूसरा सबसे तेज वर्ल्ड कप शतक बनाया। इस सूची में पहला स्थान न्यूजीलैंड के फिन ऐलन के नाम है, जिन्होंने इसी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता में 33 गेंदों में सेंचुरी लगाई थी। तीसरे नंबर पर वेस्टइंडीज के क्रिस गेल हैं, जिन्होंने 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ 47 गेंदों में शतक लगाया था। गेल ने 2007 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 50 गेंदों में भी सेंचुरी बनाई थी। वहीं इंग्लैंड के हैरी ब्रूक ने 2026 में पाकिस्तान के खिलाफ पल्लेकले में 50 गेंदों में शतक जड़ा था। 11. बेथेल ने नॉकआउट में सबसे बड़ी पारी खेली इंग्लैंड के जैकब बेथेल ने भारत के खिलाफ मुंबई में 105 रन बनाकर टी-20 वर्ल्ड कप नॉकआउट इतिहास की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेली। इससे पहले न्यूजीलैंड के फिन एलन ने 2026 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता में 100* रन बनाए थे। तीसरे नंबर पर श्रीलंका के तिलकरत्ने दिलशान हैं, जिन्होंने 2009 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 96* रन बनाए थे। भारत के विराट कोहली (89*, 2016) और संजू सैमसन (89, 2026) भी इस सूची में शामिल हैं। 12. वरुण नॉकआउट में सबसे महंगे गेंदबाज भारत के वरुण चक्रवर्ती टी-20 वर्ल्ड कप नॉकआउट इतिहास के सबसे महंगे गेंदबाज बन गए हैं। उन्होंने 2026 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई में 4 ओवर में 64 रन खर्च किए। इस सूची में दूसरे नंबर पर इंग्लैंड के जोफ्रा आर्चर हैं, जिन्होंने इसी मैच में भारत के खिलाफ 61 रन दिए। तीसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के मिशेल स्टार्क (60 रन, न्यूजीलैंड के खिलाफ, दुबई 2021) हैं। इसके बाद श्रीलंका के लसिथ मलिंगा (54 रन, वेस्टइंडीज के खिलाफ, 2012) और साउथ अफ्रीका के मार्को यान्सन (53 रन, न्यूजीलैंड के खिलाफ, 2026) का नाम आता है। इंग्लैंड के सैम करन ने भी 2026 में भारत के खिलाफ मुंबई में 53 रन दिए। 13. जैक्स के नंबर-6 या उससे नीचे एक टी-20 वर्ल्ड कप एडिशन में सबसे ज्यादा रन विल जैक्स नंबर-6 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए एक टी-20 वर्ल्ड कप एडिशन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने 2026 वर्ल्ड कप में 226 रन बनाए और 2007 में पाकिस्तान के मिस्बाह-उल-हक के 218 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इस सूची में ऑस्ट्रेलिया के कैमरन व्हाइट (175 रन, 2010) और माइकल हसी (171 रन, 2010) भी शामिल हैं। वहीं इंग्लैंड के सैम करन ने 2026 में नंबर-6 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए 167 रन बनाए। विल जैक्स ने यह उपलब्धि 176.56 के शानदार स्ट्राइक रेट के साथ हासिल की।
संजू ने बुमराह को प्लेयर ऑफ द मैच बताया:सूर्या ने कहा- हमने शानदार फील्डिंग की; ब्रूक बोले- सैमसन का कैच भारी पड़ा
मुंबई में खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 7 रन से हराकर फाइनल में जगह बना ली। टीम की जीत में संजू सैमसन की 42 गेंदों में 89 रन की शानदार पारी अहम रही, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। गुरुवार रात अवॉर्ड लेने के बाद सैमसन ने कहा कि इस सम्मान के असली हकदार जसप्रीत बुमराह थे। वहीं सूर्यकुमार यादव ने टीम की फील्डिंग की तारीफ की, जबकि इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने माना कि सैमसन का कैच छोड़ना उनकी टीम को भारी पड़ गया। सैमसन बोले- बुमराह 'वन्स इन ए जनरेशन' टैलेंट सैमसन ने प्रेजेंटेशन सेरेमनी में कहा, मैं यह अवॉर्ड बुमराह को देना चाहता हूं। वे वर्ल्ड क्लास बॉलर हैं, ऐसे खिलाड़ी जो पीढ़ी में एक बार आते हैं। आज उन्होंने वही डिलीवर किया। अगर डेथ ओवर्स में उन्होंने उस तरह की गेंदबाजी नहीं की होती, तो शायद मैं आज यहां खड़ा नहीं होता। सारा क्रेडिट हमारे गेंदबाजों को जाता है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में खुद पर भरोसा रखा। वानखेड़े की पिच पर रनों का अंबार सैमसन ने अपनी पारी के बारे में कहा, यह अविश्वसनीय अहसास है। मुझे पता था कि पिछली पारी (वेस्टइंडीज के खिलाफ) से मेरी फॉर्म अच्छी चल रही है। मैंने खुद को थोड़ा समय दिया और सोचा कि इस फॉर्म का पूरा फायदा उठाना चाहिए। वानखेड़े में कोई भी स्कोर सुरक्षित नहीं होता, इसलिए हम ज्यादा से ज्यादा रन बनाना चाहते थे। शतक से चूकने का मलाल नहीं 89 रनों की शानदार पारी खेलने के बावजूद सैमसन शतक से चूक गए, लेकिन उन्होंने कहा कि इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा, टी-20 में शतक बनाना कोई लक्ष्य नहीं होता। यहां आपको बस लगातार तेजी से रन बनाने होते हैं। जब आप अपनी टीम को जीत दिलाते हैं, तो यह मायने नहीं रखता कि आपने कितने रन बनाए। मैं अपनी टीम की जीत में योगदान देकर बहुत खुश हूं। न्यूजीलैंड सीरीज में टी-20 प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने का दबाव था संजू ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि टी-20 वर्ल्ड कप की प्लेइंग इलेवन में जगह पक्की करने के दबाव में उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टी-20 सीरीज में जरूरत से ज्यादा कोशिश की। इसी वजह से उस सीरीज में उनके बल्ले से बड़े रन नहीं निकले। न्यूजीलैंड के खिलाफ सैमसन का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और उनकी जगह ईशान किशन ने अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग की। हालांकि टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की लगातार मौजूदगी को तोड़ने के लिए सैमसन को फिर मौका मिला और उन्होंने उसे भुना दिया। सैमसन ने लगातार दो अर्धशतक लगाए। सेमीफाइनल में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 42 गेंद में 89 रन की मैच जिताऊ पारी खेली। इससे पहले उन्होंने पिछले मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रन बनाए थे। खराब दौर में खेल की बेसिक्स पर काम किया- संजू संजू ने बताया कि खराब दौर के बाद उन्होंने अपने खेल की बेसिक्स पर फिर से काम किया। ज्यादा अभ्यास किया और खुद को शांत रखने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने अपने करीबियों के साथ समय बिताया और सोशल मीडिया से दूरी बना ली। सैमसन ने कहा कि उन्होंने फोन तक बंद कर दिया था ताकि बाहरी शोर कम रहे और वह सही दिशा में ध्यान लगा सकें। उनके मुताबिक इससे उन्हें फोकस करने में काफी मदद मिली। अविश्वसनीय अहसास, लड़कों पर गर्व है जीत के बाद प्रेजेंटेशन में कप्तान सूर्यकुमार यादव काफी भावुक दिखे। उन्होंने कहा, यह एक अविश्वसनीय अहसास है। भारत में खेलना, एक शानदार टीम की कप्तानी करना और वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचना बहुत खास है। मैं बहुत नर्वस था, मैच के दौरान मेरी हार्ट रेट 160-175 के आसपास रही होगी। फाइनल में जाने को लेकर पूरी टीम और सपोर्ट स्टाफ उत्साहित है। सूर्या ने सैमसन की पारी की तारीफ की सूर्यकुमार ने सैमसन की तारीफ करते हुए कहा कि वे क्रीज पर उतरते ही जानते थे कि उन्हें क्या करना है। उन्होंने कहा, उन्हें पता था कि विकेट अच्छा है और उन्हें क्या करना है। जब भी विकेट गिरा, उन्होंने रन गति कम नहीं होने दी। पिछले एक साल की मेहनत का उन्हें आज फल मिला। यह एक स्पेशल पारी थी। बुमराह और गेंदबाजों ने पलटा पासा कप्तान सूर्या ने बुमराह की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, हम सब जानते हैं कि बुमराह क्या करने में सक्षम हैं। उन्होंने फिर साबित किया कि वे मैच विनर हैं। बुमराह और अर्शदीप ने डेथ ओवर्स में जो गेंदबाजी की, वह अविश्वसनीय थी। फील्डिंग कोच टी दिलीप की मेहनत रंग लाई मैच के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टीम की फील्डिंग पर बात की। उन्होंने कहा, हमें हमारे फील्डिंग कोच टी. दिलीप को श्रेय देना होगा। टूर्नामेंट में हमारी फील्डिंग पहले उतनी अच्छी नहीं थी, लेकिन लड़कों ने अपनी स्किल्स पर काम किया और टीम के लिए एक्स्ट्रा एफर्ट्स डाले। खिलाड़ियों ने अपनी व्यक्तिगत ट्रेनिंग के बाद भी फील्डिंग पर बहुत मेहनत की है, जिसका नतीजा आज मैदान पर दिखा। इंग्लैंड की पारी के दौरान अक्षर पटेल ने कप्तान ब्रूक को बाउंड्री पर शानदार डाइव लगाकर आउट किया। वहीं दूसरी ओर जैकब बेथेल और विल जैक्स की खतरनाक होती साझेदारी को तोड़ने के लिए बाउंड्री पर बेहतरीन कैच लपका। इंग्लैंड के कोच ब्रेंडन मैकुलम ने भी माना कि अक्षर पटेल द्वारा लिए गए वे दो कैच ही मैच के परिणाम का सबसे बड़ा कारण थे। सैमसन का कैच छोड़ना पड़ा भारी- ब्रूक दूसरी ओर इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने माना कि सैमसन का कैच छोड़ना उनकी टीम के लिए महंगा साबित हुआ। ब्रूक ने सेमीफाइनल के दौरान 15 रन पर सैमसन का कैच छोड़ दिया था, जिसके बाद भारतीय बल्लेबाज ने शानदार पारी खेलते हुए मैच का रुख बदल दिया। ब्रूक ने कहा, कहते हैं कि कैच मैच जिताते हैं। दुर्भाग्य से गेंद मेरे हाथ में टिक नहीं पाई। ऐसा कभी-कभी हो जाता है। उसके बाद सैमसन ने शानदार पारी खेली और शायद उसी पारी ने भारत को मैच जिता दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ रहा था, उन्हें लगातार यह एहसास हो रहा था कि सैमसन की पारी मैच पर असर डाल रही है। ब्रूक ने कहा कि स्कोरबोर्ड देखते हुए उन्हें लगा कि इंग्लैंड को जीतने के लिए अब उन्हें खुद बड़ी पारी खेलनी होगी, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। रणनीति को सही से लागू नहीं कर पाए- इंग्लिश कोच इंग्लैंड के कोच मैकुलम ने बताया कि उनकी टीम पिच के बाउंस को ठीक से भांप नहीं पाई। उन्होंने कहा, वानखेड़े में जो लेंथ हमें सही लग रही थी, वह एक्स्ट्रा बाउंस के कारण थोड़ी छोटी पड़ रही थी। जोफ्रा आर्चर का संजू के खिलाफ रिकॉर्ड अच्छा रहा है, लेकिन उस कैच के छूटने के बाद संजू ने मैच पर पकड़ बना ली और हम दबाव में आ गए। हम अपनी रणनीति को मैदान पर सही तरह से लागू नहीं कर सके।
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