हॉर्मुज में सिर्फ चीन की 'एंट्री' और भारत की 'नो-एंट्री', ईरान के इस दांव पर क्या है दिल्ली का मास्टरप्लान?
ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच चल रही जंग अब समंदर के उस रास्ते तक पहुंच गई है जिसे दुनिया की 'तेल की नस' कहा जाता है. ईरान की सेना (IRGC) ने आधिकारिक तौर पर एलान कर दिया है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) अब अमेरिका, इजरायल, यूरोप और उनके साथ देने वाले किसी भी देश के जहाजों के लिए बंद है. ईरान ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर इस रास्ते में इनका कोई भी जहाज दिखा, तो उसे फौरन निशाना बनाया जाएगा.
सिर्फ चीन को 'वीआईपी' ट्रीटमेंट क्यों?
इस पूरे तनाव के बीच ईरान ने एक बड़ा कूटनीतिक कार्ड खेला है. उसने कहा है कि इस रास्ते से सिर्फ चीन के झंडे वाले जहाजों को ही निकलने की इजाजत होगी. ईरान का कहना है कि यह चीन के लिए एक 'तोहफा' है क्योंकि जंग शुरू होने के बाद से ही बीजिंग ने तेहरान का साथ दिया है. इस फैसले ने दुनिया को दो हिस्सों में बांट दिया है. एक तरफ चीन जिसे छूट मिली है, और दूसरी तरफ बाकी दुनिया जिसके लिए तेल का संकट खड़ा हो गया है.
दुनिया के तेल की नस पर कब्जा
हॉर्मुज की खाड़ी कितनी अहम है, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, इराक और कतर जैसे बड़े तेल उत्पादक देश इसी रास्ते से अपना तेल दुनिया भर में भेजते हैं. समंदर में इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है जिससे ये देश अपना माल बाहर भेज सकें. ईरान का कहना है कि जंग के दौरान उसे अपने इलाके के रास्ते को कंट्रोल करने का पूरा हक है, हालांकि दुनिया के बाकी देश इसे गलत मान रहे हैं.
क्या है ईरान की जिद्द?
इंटरनेशनल कानून (UNCLOS) के मुताबिक, हॉर्मुज की खाड़ी एक ऐसा रास्ता है जिससे किसी भी देश का जहाज, यहां तक कि युद्धपोत भी बिना रोक-टोक के निकल सकता है. लेकिन ईरान इस कानून को नहीं मानता. उसका कहना है कि उसके देश का कानून अंतरराष्ट्रीय नियमों से ऊपर है. इस जिद की वजह से अब समंदर में टकराव की स्थिति पैदा हो गई है. अगर अमेरिकी या यूरोपीय जहाज यहां से निकलने की कोशिश करते हैं, तो सीधी जंग शुरू हो सकती ह.
भारत के लिए खतरे की घंटी
ईरान के इस फैसले ने भारत की धड़कनें बढ़ा दी हैं. भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा तेल दूसरे देशों से खरीदता है और इसका एक बड़ा हिस्सा इसी खाड़ी के रास्ते आता है. अगर हॉर्मुज का रास्ता लंबे समय तक बंद रहता है, तो भारत में पेट्रोल-डीजल की किल्लत हो सकती है और उनकी कीमत (Price) बहुत ज्यादा बढ़ सकती है. भारत के लिए यह मामला सिर्फ तेल का नहीं, बल्कि अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने का भी है.
जयशंकर का एक्शन और डिप्लोमेसी
हालात की गंभीरता को देखते हुए भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मोर्चा संभाल लिया है. उन्होंने पिछले कुछ दिनों में दूसरी बार ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से बात की है. भारत कोशिश कर रहा है कि बातचीत के जरिए कोई बीच का रास्ता निकाला जाए ताकि तेल की सप्लाई न रुके. भारत की डिप्लोमेसी इस समय इसी बात पर टिकी है कि ईरान के साथ दोस्ती भी बनी रहे और हमारे जहाजों को भी सुरक्षित रास्ता मिल सके.
सऊदी और पड़ोसी देशों की टेंशन
ईरान के इस एलान ने सिर्फ पश्चिमी देशों को ही नहीं, बल्कि उसके पड़ोसी देशों सऊदी अरब और कुवैत को भी मुश्किल में डाल दिया है. इन देशों की पूरी कमाई तेल बेचने से होती है. अगर रास्ता बंद रहता है, तो इनके पास तेल तो होगा लेकिन उसे खरीदने वाला कोई नहीं पहुंच पाएगा. फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अमेरिका और उसके साथी देश इस रास्ते को बलपूर्वक (Forcefully) खोलने की कोशिश करेंगे या फिर बातचीत से बात बनेगी.
ये भी पढ़ें- एस जयशंकर ने ओमान के विदेश मंत्री अलबुसैदी से पश्चिम एशिया संघर्ष पर की चर्चा
IND vs ENG Semi-Final: नॉकआउट मैच में शतक से चूके संजू सैमसन, फिर भी कर ली विराट कोहली के इस महारिकॉर्ड की बराबरी
IND vs ENG Semi-Final: इंग्लैंड के खिलाफ नॉकआउट मैच में भारतीय स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन शतक से ही नहीं बल्कि इतिहास रचने से भी चूक गए. संजू सैमसन शतक पूरा करने में कामयाब हो जाते तो वो टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में शतक लगाने वाले सुरैश रेना के बाद सिर्फ दूसरे भारतीय बन जाते. इतना ही नहीं टी20 वर्ल्ड कप इतिहास के नॉकआउट मैच में शतक लगाने वाले दुनिया के दूसरे खिलाड़ी भी बन जाते, लेकिन संजू 11 रन से शतक से चूक गए. हालांकि उन्होंने विराट कोहली की बराबरी कर ली है.
टी20 वर्ल्ड नॉकआउट मैचों में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले दूसरे भारतीय बने संजू सैमसन
संजू सैमसन इस सेमीफाइनल मैच में 42 गेंदों पर 89 रनों की पारी खेलकर आउट हुए. इस दौरान उन्होंने 8 चौके और 7 छक्के लगाए. इस 89 रनों की पारी के साथ ही संजू सैमसन ने इतिहास रच दिया है. दरअसल संजू सैमसन ने टी20 वर्ल्ड कप नॉकआउट मैचों में सबसे बड़ी पारी खेलने के मामले में विराट कोहली की की बराबरी कर ली है. विराट कोहली ने इससे पहले टी20 वर्ल्ड कप नॉकआउट मैच में 89 रनों की पारी खेली थी.
8️⃣9️⃣ runs
— BCCI (@BCCI) March 5, 2026
4️⃣2️⃣ balls
8️⃣ fours and 7️⃣sixes
An innings of the highest calibre by @IamSanjuSamson on a grand stage ????
Updates ▶️ https://t.co/LxSBs3EDPx#TeamIndia | #T20WorldCup | #MenInBlue | #ENGvIND pic.twitter.com/KmL5VUM93Q
टी20 वर्ल्ड कप नॉकआउट मैच में शतक लगाने वाले एकलौते बल्लेबाज हैं फिन एलन
टी20 वर्ल्ड कप नॉकआट मैचों में सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड अब न्यूजीलैंड फिन एलन के नाम है. फिन एलन ने एक दिन पहले ही टी20 वर्ल्ड कप 2026 के पहले सेमीफाइनल मैच में साउथ अफ्रीका के खिलाफ ईडन गार्डन्स में 100 रनों की पारी खेली. एलन टी20 वर्ल्ड कप नॉकआउट मैच में शतक लगाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बने.
संजू सैमसन ने की विराट कोहली की बराबरी
वहीं टी20 वर्ल्ड कप के नॉकआउट मैच में सबसे बड़ी पारी खेलने के मामले में अब श्रीलंका के श्रीलंका के पूर्व दिग्गज तिलकरत्ने दिलशान दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं. उन्होंने नाबाद 96 रन बनाए थे. जबकि विराट कोहली 89 रन के साथ तीसरे नंबर पर हैं. अब संजू सैमसन ने कोहली की बराबरी कर ली है. इंग्लैंड के एलेक्स हिल्स पांचवे नंबर पर हैं. उन्होंने 86 रन बनाए हैं. जबकि मार्लन सैमुएल्स 85 रन के साथ छठें नंबर अब छठें नंबर पर है.
Sanju Samson continues his dream run for India as he cruises to a fifty against England????
— ICC (@ICC) March 5, 2026
It is one of the @marriottbonvoy Milestones of the #T20WorldCup 2026.
????: https://t.co/w7G9C2FaMw pic.twitter.com/7Hsx2kLz0j
भारत और इंग्लैंड की प्लेइंग-11
भारत: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेट कीपर), ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह.
इंग्लैंड: फिलिप सॉल्ट, जोस बटलर (विकेट कीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, जेमी ओवरटन, लियाम डॉसन, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation




















