Delhi में समय से पहले 'गर्मी' की दस्तक! सामान्य से 5 डिग्री ऊपर पहुंचा पारा, हवा की गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में
राष्ट्रीय राजधानी में बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.8 डिग्री अधिक है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। अधिकतम तापमान के 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। सुबह 8:30 बजे सापेक्ष आर्द्रता 78 प्रतिशत दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़े के अनुसार, सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 134 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है।
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अगले कुछ दिनों का अनुमान
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता कम होने और आसमान साफ रहने के कारण आने वाले दिनों में तापमान में और इजाफा हो सकता है। दोपहर के समय धूप तेज रहने की संभावना है, जिससे गर्मी का प्रभाव बढ़ेगा। हालांकि, मध्यम श्रेणी की हवा स्वास्थ्य के लिए बहुत अधिक चिंताजनक नहीं है, लेकिन संवेदनशील लोगों को बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
US-Israel-Iran War | महायुद्ध का छठा दिन! ईरान का इजराइल पर भीषण मिसाइल हमला, हिंद महासागर से लेकर तुर्किये तक दहला इलाका
पश्चिम एशिया में छिड़ा संघर्ष अब एक वैश्विक संकट में तब्दील हो चुका है। अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी युद्धपोत को डुबोए जाने के बाद, ईरान ने बृहस्पतिवार तड़के इजराइल पर बैलिस्टिक मिसाइलों से बड़ा हमला बोल दिया है। ईरान की 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' ने अब पूरे क्षेत्र के सैन्य और आर्थिक बुनियादी ढांचे को मलबे में तब्दील करने की खुली धमकी दी है। अमेरिका और इजराइल ने बुधवार से ईरान के सुरक्षा बलों और प्रशासनिक संस्थानों पर हमले तेज कर दिए हैं। तबाही का आलम यह है कि संघर्ष की शुरुआत में मारे गए ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का आधिकारिक शोक समारोह तक स्थगित करना पड़ा है।
ईरान ने युद्ध के छठे दिन इजराइल को निशाना बनाकर मिसाइल दागीं
अमेरिकी पनडुब्बी के एक ईरानी युद्धपोत को डुबोने की घटना के बाद ईरान ने बृहस्पतिवार तड़के युद्ध के छठे दिन इजराइल को निशाना बनाकर मिसाइल दागीं। ईरान ने पूरे क्षेत्र में सैन्य और आर्थिक बुनियादी ढांचे को नष्ट करने की धमकी भी दी है। इस हमले की इजराइल द्वारा घोषणा किए जाने से कुछ ही समय पहले उसकी सेना ने कहा कि उसने लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्ला चरमपंथी समूह को निशाना बनाते हुए नए हमले शुरू कर दिए हैं।
अमेरिका और इजराइल ने बुधवार को ईरान के सुरक्षा बलों और प्रशासनिक संस्थानों को निशाना बनाते हुए बमबारी तेज कर दी थी। ईरान पर हमलों की तीव्रता इतनी भीषण थी कि सरकारी टेलीविजन ने घोषणा की कि संघर्ष की शुरुआत में मारे गए ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए आयोजित शोक समारोह को स्थगित करना होगा। अयातुल्ला अली खामेनेई के पूर्ववर्ती अयातुल्ला रुहोल्ला खोमैनी के अंतिम संस्कार में 1989 में लाखों लोग शामिल हुए थे।
अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को ईरान के प्रमुख नेतृत्व, मिसाइल भंडार और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाते हुए युद्ध की शुरुआत की और यह संकेत दिया कि उनका लक्ष्य ईरान में सरकार को गिराना है। सटीक लक्ष्य और समयसीमा में बार-बार बदलाव के कारण इस युद्ध के अनिश्चित काल तक जारी रहने की आशंका है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध के मोर्चे पर ‘‘शानदार प्रदर्शन’’ के लिए बुधवार को अमेरिकी सेना की प्रशंसा की।
वहीं, अमेरिकी सीनेट में उनके सहयोगी रिपब्लिकन सांसदों ने ईरान के मुद्दे पर ट्रंप का साथ दिया और युद्ध रोकने की मांग वाले प्रस्ताव को खारिज कर दिया। संघर्ष बढ़ने के साथ ही ईरान ने बहरीन, कुवैत और इजराइल पर हमले किए। तुर्किये ने कहा कि उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की रक्षा प्रणाली ने ईरान से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को तुर्किये के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही रोक दिया। अधिकारियों के अनुसार, इस युद्ध में ईरान में 1,000 से अधिक, लेबनान में 70 से अधिक और इजराइल में लगभग 12 लोग मारे गए हैं।
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युद्ध ने दुनिया भर में तेल और गैस की आपूर्ति को बाधित कर दिया है, अंतरराष्ट्रीय नौवहन बाधित हुआ है जबकि पश्चिम एशिया में लाखों यात्री फंसे हुए हैं। ईरान के अर्द्धसैनिक ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ द्वारा ‘‘क्षेत्र के सैन्य और आर्थिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने’’ की धमकी के बाद पड़ोसी देश बृहस्पतिवार को संभावित खतरों को लेकर सतर्क हैं। कतर के गृह मंत्रालय ने कहा कि अधिकारी दोहा में अमेरिकी दूतावास के पास रहने वाले निवासियों को एहतियात के तौर पर निकाल रहे हैं, हालांकि उन्होंने इस बारे में और अधिक जानकारी नहीं दी।
संयुक्त अरब अमीरात के दुबई शहर में बृहस्पतिवार सुबह लड़ाकू विमानों की आवाज सुनी गई जबकि कुवैत के तट पर हुए एक नए हमले से वाणिज्यिक जहाजों को खतरे की आशंका बढ़ गई है। ब्रिटेन की सेना द्वारा संचालित ‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर’ के अनुसार, बृहस्पतिवार तड़के इलाके में एक धमाका हुआ। केंद्र ने बताया कि एक टैंकर पर हमला हुआ था लेकिन उन्होंने हमले का कारण नहीं बताया।
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ईरान पूर्व में जहाजों पर लिम्पेट माइंस लगाकर हमला कर चुका है। ईरान के हमलों के कारण ओमान और होर्मूज जलडमरूमध्य से यातायात बाधित होने से तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है और इसके कारण वैश्विक शेयर बाजारों में भारी गिरावट आई है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि मंगलवार रात हिंद महासागर में एक अमेरिकी पनडुब्बी से दागे गए टॉरपीडो ने एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया।
श्रीलंका के अधिकारियों ने बताया कि जहाज से 32 लोगों को बचाया गया, जबकि देश की नौसेना ने कहा कि उसने 87 शव बरामद किए हैं। इजराइल ने कहा कि इजराइली सेना ने ईरान के आंतरिक सुरक्षा कमान से जुड़े भवनों पर भी हमला किया। इजराइल और अमेरिका का कहना है कि वे ईरान में सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उनके देश की सेनाओं में नेतृत्व विकेंद्रीकृत है और इकाइयां काफी हद तक अपने दम पर काम करती हैं, जिससे शीर्ष कमान और नियंत्रण केंद्रों पर हमलों का प्रभाव कम हो सकता है। हेगसेथ ने अमेरिकी अभियानों के लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई।
उन्होंने कहा, ‘‘आप कह सकते हैं कि यह चार हफ्ते भी रह सकता है और छह हफ्ते तक भी जारी रह सकता है। या फिर इसमें आठ हफ्ते भी लग सकते हैं या फिर तीन हफ्ते लग सकते हैं।’’ पश्चिम एशिया में अमेरिकी सेना के शीर्ष कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान की हवाई सुरक्षा को नुकसान पहुंचाया है और बैलिस्टिक मिसाइल, लॉन्चर और ड्रोन को नष्ट कर दिया है।
हालांकि, बृहस्पतिवार तड़के इजराइल में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इजराइल ने कहा कि उसकी रक्षा प्रणालियां ईरानी मिसाइलों को सक्रियता से रोक रही हैं। ईरान के फाउंडेशन ऑफ मार्टियर्स एंड वेटरंस अफेयस ने बुधवार को बताया कि ईरान में कम से कम 1,045 लोग मारे गए हैं।
इजराइल में 11 लोगों की मौत हुई है जबकि छह अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। लेबनान में मरने वालों की संख्या 70 से अधिक हो गई है, जहां स्वास्थ्य मंत्रालय और सरकारी समाचार एजेंसी ने बुधवार और बृहस्पतिवार को अलग-अलग राजमार्गों पर यात्रा कर रहे दो वाहनों पर हुए अलग-अलग हमलों की सूचना दी थी, जिसमें छह लोग मारे गए थे।
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