IND vs ENG: क्यों डर के मारे ड्रेसिंग रूम में ही बैठी रही टीम इंडिया, प्रैक्टिस पर किस बात का लगा 'ग्रहण'
IND vs ENG Semi Final: मुंबई में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 विश्व कप सेमीफाइनल से पहले टीम इंडिया ने अपनी तैयारी का टाइम बदल दिया। भारतीय टीम को शाम 6 से 9 बजे तक अभ्यास करना था, लेकिन मंगलवार 3 मार्च को अचानक शेड्यूल में बदलाव कर दिया गया। दोपहर तक सूचना आई कि ट्रेनिंग अब शाम 7 बजे से शुरू होगी। वजह बनी चंद्रग्रहण।
टीम मैनेजमेंट ने नोट किया कि चंद्रग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होकर शाम 6:47 बजे खत्म होगा। पारंपरिक मान्यताओं के मुताबिक ग्रहण के दौरान कोई नई गतिविधि शुरू करना शुभ नहीं माना जाता। वैज्ञानिक आधार भले न हो, लेकिन टीम ने एहतियात के तौर पर ग्रहण खत्म होने के बाद ही मैदान पर उतरने का फैसला किया।
चंद्रग्रहण के कारण प्रैक्टिस में देरी
इंग्लैंड ने अपना अभ्यास शाम 5 बजे खत्म कर लिया और उसके बाद दो घंटे का ब्रेक लिया। भारत की टीम करीब 7:05 बजे फ्लडलाइट्स के नीचे मैदान पर उतरी। माहौल पूरी तरह मैच जैसा था, क्योंकि मुकाबला भी रोशनी में खेला जाना है।
भारत की सेमीफाइनल में इंग्लैंड से टक्कर
भारत का सामना 5 मार्च को सेमीफाइनल में इंग्लैंड से होगा। दोनों टीमों के बीच टी20 वर्ल्ड कप में अब तक पांच मुकाबले हुए हैं, जिनमें भारत ने तीन जीते हैं। 2022 में एडिलेड में खेले गए सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने भारत को 10 विकेट से हराया था। हालांकि 2024 में गयाना में भारत ने 68 रन से जीत दर्ज कर उस हार का बदला ले लिया था। अब टीम इंडिया इतिहास रचने के इरादे से उतरेगी। पुरुष टी20 वर्ल्ड कप का खिताब डिफेंड करने वाली पहली टीम बनने का मौका है।
सेमीफाइनल तक का सफर आसान नहीं रहा। ग्रुप स्टेज में टॉप करने के बाद सुपर 8 में भारत को कड़ी टक्कर मिली। शुरुआत दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 76 रन की बड़ी हार से हुई। लेकिन टीम ने तुरंत वापसी की और वानखेड़े स्टेडियम में जिम्बाब्वे को हराया।
इसके बाद कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबला यादगार बन गया। 196 रन के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने शुरुआत में झटके झेले, लेकिन संजू सैमसन ने कमाल कर दिया। उन्होंने 50 गेंदों पर नाबाद 97 रन ठोके, जिसमें 12 चौके और 4 छक्के शामिल थे। भारत ने चार गेंद बाकी रहते पांच विकेट से जीत हासिल की। यह टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में भारत की सबसे बड़ी सफल रनचेज रही।
अगर भारत सेमीफाइनल जीतता है, तो फाइनल में उसका सामना साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। अब नजरें 5 मार्च पर टिकी हैं। ग्रहण खत्म हो चुका है, तैयारी पूरी है.. बस एक और बड़ी जीत की दरकार है।
T20 World cup: बाबर आजम की एंट्री पर टकराव, हेसन की 'हां' पड़ी भारी, दिग्गज का सेलेक्शन कमेटी से इस्तीफा
Pakistan T20 World cup 2026: पाकिस्तान का टी20 वर्ल्ड कप 2026 अभियान जैसे ही सुपर 8 से बाहर होकर खत्म हुआ, वैसे ही टीम के अंदर की खींचतान खुलकर सामने आ गई। सेलेक्शन कमेटी के सदस्य और पूर्व इंटरनेशनल अंपायर अलीम डार ने इस्तीफा दे दिया। वजह बताई जा रही, कोच माइक हेसन के बढ़ते प्रभाव से नाराजगी और अहम बैठकों में अपनी बात न सुने जाने की टीस।
जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, दार खुद को चयन चर्चाओं में साइडलाइन महसूस कर रहे थे। खास तौर पर टी20 वर्ल्ड कप टीम में बाबर आजम, शादाब खान और उस्मान खान को शामिल किए जाने का उन्होंने खुलकर विरोध किया था। दार का मानना था कि फॉर्म और रोल को देखते हुए टीम में अलग संतुलन होना चाहिए।
टूर्नामेंट में बाबर का प्रदर्शन फीका रहा। चार पारियों में उन्होंने सिर्फ 91 रन बनाए, वो भी रन-ए-बॉल से थोड़ा ऊपर की स्ट्राइक रेट के साथ। हालत यहां तक पहुंची कि श्रीलंका के खिलाफ मैच में उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठना पड़ा। शादाब खान ने 183 रन जरूर बनाए, लेकिन गेंद से सिर्फ पांच विकेट ही ले सके। उस्मान खान भी खास असर नहीं छोड़ पाए।
दार ने विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान को नंबर-6 की अहम रोल के लिए सपोर्ट किया था। उनका तर्क था कि अगर अस्थिर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को मौके मिल सकते हैं, तो रिजवान को भी मिडिल ऑर्डर में तय जिम्मेदारी मिलनी चाहिए। लेकिन पैनल में उनकी बात वजन नहीं पकड़ सकी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चयन समिति के भीतर मतभेद बढ़ते जा रहे थे। आकिब जावेद अक्सर माइक हेसन की राय के साथ खड़े दिखे, जबकि पूर्व कप्तान मिस्बाह उल हक अहम मौकों पर खामोश रहे। मजबूत बहस की कमी ने दार को अलग-थलग कर दिया। 17 महीने का उनका कार्यकाल यहीं खत्म हो गया। उन्हें 11 अक्टूबर 2024 को नई चयन समिति में शामिल किया गया था, जिसमें अजहर अली और विश्लेषक हसन चीमा भी थे।
मैदान पर भी तस्वीर निराशाजनक रही। पाकिस्तान ने ग्रुप ए में दूसरे स्थान पर रहते हुए सुपर 8 में जगह बनाई। पहले दौर में उनकी एकमात्र हार भारत के खिलाफ कोलंबो में हुई। सुपर 8 में इंग्लैंड से हार और न्यूजीलैंड के खिलाफ धुला मैच भारी पड़ा। श्रीलंका पर जीत के बावजूद नेट रन रेट न्यूजीलैंड से बेहतर नहीं हो सका और टीम बाहर हो गई।
यह लगातार चौथा आईसीसी टूर्नामेंट है, जिसमें पाकिस्तान सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सका। अब सवाल सिर्फ टीम चयन का नहीं, बल्कि फैसलों की पारदर्शिता और जिम्मेदारी का भी है।
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