CM धामी ने अपने शिक्षकों के चरण स्पर्श कर लिया आशीर्वाद, वर्षों बाद गुरु-शिष्य के मिलन का भावुक क्षण बना यादगार
जीवन में कुछ मुलाकातें ऐसी होती हैं, जो पद, प्रतिष्ठा और औपचारिकताओं से परे सीधे हृदय को स्पर्श कर जाती हैं. ऐसी ही भावुक और आत्मीय अनुभूति उस समय देखने को मिली, जब मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की मुलाकात देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपने पूर्व शिक्षकों से हो गई. वर्षों बाद अपने गुरुजनों को सामने देखकर मुख्यमंत्री धामी ने बिना किसी औपचारिकता के आगे बढ़कर अपने दोनों शिक्षकों के चरण स्पर्श किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया.
मुख्यमंत्री के रूप में खड़े होना एक भावुक क्षण
मुख्यमंत्री श्री धामी के लिए यह केवल अपने शिक्षकों से मुलाकात नहीं, बल्कि अपने विद्यार्थी जीवन की जड़ों से दोबारा जुड़ने का आत्मीय अवसर था. कभी जिन गुरुजनों ने उन्हें कक्षा में बैठाकर शिक्षा दी, जीवन के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी, आज उन्हीं के सामने प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में खड़े होना एक भावुक क्षण बन गया.
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— Mohit Saxena (@mohit_famous) October 30, 2026
सक्रिय विद्यार्थी के रूप में पहचान
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्राथमिक कक्षा में शिक्षक रहे श्री जोहरा अब्बास तथा कक्षा 12वीं में शिक्षक रहे श्री सुदर्शन वर्मा से उनकी मुलाकात हुई. दोनों शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को पहचानते ही अपने पुराने विद्यार्थी के प्रति स्नेह और प्रसन्नता व्यक्त की. उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन की यादें साझा करते हुए बताया कि पुष्कर सिंह धामी पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ विद्यालय की अन्य गतिविधियों में भी काफी सक्रिय रहते थे. वे विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेते थे तथा एक होनहार और सक्रिय विद्यार्थी के रूप में उनकी पहचान थी.
अपने पुराने विद्यार्थी को आज प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में देखकर दोनों शिक्षकों ने प्रसन्नता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में उनकी सक्रियता, सहभागिता और आगे बढ़ने का उत्साह हमेशा उन्हें याद रहेगा. आज उन्हें इस रूप में देखकर स्वाभाविक रूप से गर्व और खुशी का अनुभव हो रहा है. मुख्यमंत्री श्री धामी ने भी अपने शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया.
Delhi Weather Update: अक्टूबर में टूटा 15 वर्ष का रिकॉर्ड, दिल्ली में सबसे ज्यादा ठंड; 11 वर्ष में सबसे साफ हवा
Delhi Weather Update: अक्टूबर का माह सर्दियों के लिए आगमन माना जाता है. इस मौसम में आमतौर पर दिन में हल्की गर्मी और रात में हल्की ठंड जैसा माहौल देखने को मिलता है. राजधानी की बात करें तो आमतौर पर यहां पर प्रदूषण का स्तर भी बढ़ने लगता है. मगर अक्टूबर 2026 के मौसम ने दिल्लीवालों को कुछ अलग ही अनुभव कराया है. इस बार राजधानी में एक दशक से अधिक वक्त में अक्टूबर में सबसे साफ हवा दर्ज की गई. वहीं चार साल में सबसे अधिक बारिश हुई. 30 अक्टूबर को 2011 के बाद अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन रिकॉर्ड किया गया है. बारिश और बादले मौसम का असर प्रदूषण पर साफ दिख रहा है. दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) इस माह 167 रहा, जो 2015 के बाद अक्टूबर का सबसे कम औसत है.
11 साल में अक्टूबर की सबसे साफ हवा
‘सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर’ (CREA) के विश्लेषण के अनुसार, अक्टूबर 2026 में दिल्ली का औसत AQI 167 दर्ज किया गया. वर्ष 2015 के बाद से अक्टूबर माह में यह सबसे कम है. बीते कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो प्रदूषण के स्तर में इस बार काफी गिरावट देखने को मिली. अक्टूबर में दिल्ली का औसत AQI साल 2025 में 223, 2024 में 234, 2023 में 219 और 2022 में 210 रहा था.
वहीं 2015 में यह आंकड़ा 264 तक दर्ज किया गया. इस लिहाज से इस साल अक्टूबर में दिल्ली की हवा बीते कई सालों के मुकाबले काफी साफ रही. जनवरी से अक्टूबर 2026 के बीच दिल्ली का औसत AQI 168 दर्ज किया गया साल 2020 में इस अवधि का औसत AQI 156 था. इसके बाद यह पहली बार है, जब जनवरी से अक्टूबर के बीच प्रदूषण का औसत स्तर कम दर्ज किया गया है.
30 अक्टूबर को AQI 60
अक्टूबर के अंतिम यानी 30 अक्टूबर को दिल्ली की हवा और साफ हो गई. इस दिन राजधानी का AQI 60 दर्ज किया गया. यह 10 अक्टूबर 2022 के बाद अक्टूबर महीने का सबसे साफ दिन रहा. उस दिन AQI 44 रिकॉर्ड किया गया था. इस महीने दिल्ली में सबसे ज्यादा AQI 245 दर्ज किया गया. यह स्तर 21 अक्टूबर को सामने आया था. खास बात यह है कि 2015 के बाद पहली बार अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में दिल्ली की हवा ‘खराब’ श्रेणी में पहुंची.
हवा की गुणवत्ता खराब
इससे पहले के वर्षों में अक्टूबर के पहले 15 दिनों में ही हवा की गुणवत्ता खराब होने लगती थी. पूरे अक्टूबर में अब तक पांच दिन हवा की गुणवत्ता खराब, तीन दिन संतोषजनक और 22 दिन मध्यम श्रेणी में रही. इससे पता चलता है कि इस बार प्रदूषण का गंभीर स्तर लंबे समय तक नहीं बना रहा.
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