हवाई सेवा बंद होने से राजस्थान के लोग दुबई में फंसे, परिजनों ने सरकार से मांगी मदद
जयपुर, 2 मार्च (आईएएनएस)। ईरान पर इजरायल-अमेरिका के हवाई हमलों के बाद मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, खाड़ी क्षेत्र के कुछ हिस्सों के लिए उड़ान सेवाएं बाधित हो गई हैं। कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जिससे राजस्थान के कई लोग दुबई और अबू धाबी में फंस गए हैं।
राजस्थान के डीग जिले से ज्योतिषियों का एक समूह 28 फरवरी को दुबई में एक ज्योतिष सम्मेलन में भाग लेने के लिए गया था। उन्हें 1 मार्च को भारत लौटना था, लेकिन अचानक हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगने के कारण उनकी उड़ानें रद्द हो गईं। फंसे हुए लोगों में डीग के ज्योतिषी रंगनाथ शर्मा भी शामिल हैं, जो दुबई में ही हैं।
वहीं जयपुर से दुबई, अबू धाबी और शारजाह जाने वाली उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। साथ ही, जयपुर हवाई अड्डे ने खाड़ी देशों की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक चेतावनी जारी की है।
अचानक हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण उड़ानें रद्द होने से जोधपुर, कोटा और सीकर के 100 से अधिक छात्र और अन्य निवासी फंसे हुए हैं। कुछ यात्रियों ने बताया कि उड़ानें रद्द होने की घोषणा के बाद उन्हें हवाई अड्डे से पास के होटलों में पहुंचाया गया।
कुछ फंसे हुए छात्रों ने दावा किया कि उन्होंने दुबई और अबू धाबी हवाई अड्डों के पास विस्फोटों की आवाज सुनाई दे रही है, जिससे हम लोगों को डर लग रहा है।
दुबई के एकेडमी एजुकेशनल जोन में रह रहे कोटा के छात्र सिद्धार्थ जैन ने बताया कि उनके हॉस्टल के पास एक मिसाइल गिरी थी। उन्होंने अपने परिवार को तस्वीरें और वीडियो भेजे, जिनमें उन्होंने बताया कि रुक-रुक कर धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही थीं।
कोटा की एक अन्य छात्रा, तान्या, कनाडा से भारत लौटते समय अबू धाबी में फंस गई है।
जोधपुर से आए लगभग 120 तीर्थयात्री अबू धाबी में फंसे हुए हैं। वे बड़ा रामद्वारा सुरसागर के संत अमृतराम महाराज की ओर से 24 से 28 फरवरी तक आयोजित धार्मिक प्रवचन (कथा) में भाग लेने के लिए दुबई गए थे। कथा के समापन के बाद, यह समूह शनिवार को अबू धाबी हवाई अड्डे पर पहुंचा, जहां उन्हें सूचित किया गया कि उनकी वापसी की उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्रीय विदेश मंत्रालय से उनकी सुरक्षित देश वापसी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, रामप्रसाद महाराज के रामस्नेही संप्रदाय के मनोहर दास और अमृतराम, जो लगभग 120 श्रद्धालुओं के साथ जोधपुर से दुबई में धार्मिक प्रवचन देने गए थे, वहां अचानक युद्ध छिड़ने के कारण खाड़ी देशों में फंस गए हैं। यह खबर बेहद चिंताजनक है। ऐसे हालात में उनकी स्थिति की गंभीरता को समझा जा सकता है। आधी रात के आसपास सूचना मिलते ही मैंने मनोहर दास महाराज से वहां की स्थिति के बारे में बात की। मैंने स्थानीय प्रवासी मारवाड़ी समुदाय के सदस्यों से भी बात की है। यह राहत की बात है कि वहां रहने वाले मारवाड़ी समुदाय ने उन सभी को समर्थन और सहायता प्रदान की है। मैं भारत सरकार के विदेश मंत्रालय से विनम्रतापूर्वक निवेदन करता हूं कि उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए।”
जोधपुर के व्यवसायी गजेंद्र माहिया, जो 23 फरवरी को दोस्तों के साथ दुबई गए थे, रविवार को उनकी निर्धारित वापसी उड़ान रद्द होने के बाद वहीं फंस गए हैं। सभी फंसे हुए यात्रियों ने भारत सरकार से सुरक्षित निकासी के लिए अपील की है।
प्रभावित यात्री उड़ानों के पुनः शुरू होने और निकासी व्यवस्था के संबंध में आगे की घोषणाओं का इंतजार कर रहे हैं और अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।
इसी बीच, अजमेर में शिया समुदाय के सदस्यों ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद एक जुलूस निकाला। जुलूस में शामिल लोगों ने काले रंग की पट्टियां बांधीं और अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे लगाए।
--आईएएनएस
एसएके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
उत्तरी अफगानिस्तान में हाईवे पर भीषण एक्सीडेंट, तीन लोगों की मौत
काबुल, 2 मार्च (आईएएनएस)। उत्तरी अफगानिस्तान के जोजजान प्रांत में हाईवे पर हुए हादसे में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, यह हादसा रविवार को हुआ जब जोजजान–सारी पुल हाईवे पर हदबख्शी इलाके में तेज रफ्तार से चल रही दो गाड़ियों की टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में दोनों चालकों और एक महिला यात्री की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो बच्चों समेत छह अन्य लोग घायल हो गए।
बयान के अनुसार, घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें।
युद्ध प्रभावित अफगानिस्तान में सड़क हादसे एक बड़ी समस्या बने हुए हैं। खराब सड़कें, लापरवाही से वाहन चलाना और सुरक्षा उपायों की कमी इसके मुख्य कारण हैं।
इससे पहले 31 जनवरी को उत्तरी अफगानिस्तान के बगलान प्रांत में एक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी और दो अन्य घायल हुए थे। यह दुर्घटना दुशी जिले के काला-ए-बदाय इलाके में दो तेज रफ्तार वाहनों की टक्कर से हुई थी, जिसमें एक महिला और एक बच्चे सहित तीन यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
29 जनवरी को उत्तरी बदख्शान प्रांत में भी एक हादसा हुआ था, जिसमें एक वाहन पहाड़ी सड़क से खाई में गिर गया। इस दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई और एक घायल हुआ।
पिछले साल दिसंबर में बगलान प्रांत के सालंग क्षेत्र में एक बस पलटने से कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई थी और 44 लोग घायल हुए थे।
अफगानिस्तान के लोक निर्माण मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद अशरफ हकशेनास ने बताया कि यह हादसा 20 दिसंबर को तड़के करीब 2 बजे सालंग के उत्तर में शवाल इलाके में हुआ था।
उन्होंने कहा कि तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण बस सड़क से उतरकर पलट गई, जिससे पांच लोगों की जान चली गई और 44 अन्य घायल हो गए। घायलों को खानजान जिला स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
मंत्रालय ने लोगों से अपील की कि वे इस मार्ग पर यात्रा करते समय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें और यातायात नियमों का ध्यान रखें। अधिकारियों ने बताया कि सालंग हाईवे पर कई जगहों पर बर्फ हटाने का काम भी किया जा रहा है।
--आईएएनएस
एएमटी/एएस
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