वेस्ट एशिया में लड़ाई तेज़ हो गई है, ईरान और इज़राइल और US की मिली-जुली सेना ने मिसाइल और ड्रोन हमलों की नई लहरें शुरू कर दी हैं। बढ़ते हालात को देखते हुए, US डिपार्टमेंट ऑफ़ स्टेट ने अमेरिकी नागरिकों से सऊदी अरब और यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) समेत एक दर्जन से ज़्यादा मिडिल ईस्ट देशों को तुरंत छोड़ने की अपील की है, क्योंकि चल रही लड़ाई से सुरक्षा को खतरा है, जिससे यह इलाका काफ़ी अफ़रा-तफ़री में पड़ गया है। वेस्ट एशिया में लड़ाई तेज़ हो गई है, ईरान और इज़राइल और US की मिली-जुली सेना ने मिसाइल और ड्रोन हमलों की नई लहरें शुरू कर दी हैं। बढ़ते हालात को देखते हुए, US डिपार्टमेंट ऑफ़ स्टेट ने अमेरिकी नागरिकों से सऊदी अरब और यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) समेत एक दर्जन से ज़्यादा मिडिल ईस्ट देशों को तुरंत छोड़ने की अपील की है, क्योंकि चल रही लड़ाई से सुरक्षा को खतरा है, जिससे यह इलाका काफ़ी अफ़रा-तफ़री में पड़ गया है।
यह चेतावनी तब आई जब डिपार्टमेंट ने हाल के दिनों में इस इलाके के कई देशों के लिए अपनी ट्रैवल एडवाइज़री को अपडेट किया और यात्रा न करने की सलाह दी।
इन 15 देशों को तुरंत छोड़ने की अपील
अमेरिका ने सऊदी अरब और यूएई जैसे सुरक्षित माने जाने वाले देशों समेत एक दर्जन से ज्यादा मिडिल ईस्ट देशों से अमेरिकियों को तुरंत निकलने को कहा है। जिन देशों के लिए चेतावनी जारी की गई है, वे हैं:
खाड़ी देश: सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत, कतर, बहरीन, ओमान।
युद्धग्रस्त क्षेत्र: इज़राइल, वेस्ट बैंक और गाज़ा, लेबनान, ईरान, इराक, यमन, सीरिया।
पड़ोसी देश: मिस्र और जॉर्डन।
एडवाइजरी नोट: "चल रही लड़ाई से सुरक्षा को गंभीर खतरा है। स्थिति अत्यधिक अस्थिर है और हवाई मार्ग कभी भी पूरी तरह बंद हो सकते हैं। अमेरिकी नागरिक उपलब्ध वाणिज्यिक विकल्पों का उपयोग कर तुरंत क्षेत्र छोड़ दें।"
यह गाइडेंस ऐसे समय में आया है जब कुछ बड़ी एयरलाइंस ने इस इलाके से आने-जाने वाली फ़्लाइट्स कैंसिल कर दी हैं, क्योंकि शनिवार को US और इज़राइल के ईरान पर हमला करने के बाद यह जंग शुरू हुई थी। तब से यह एक बड़े इलाके के झगड़े में बदल गया है, जिसने आस-पास के लगभग हर देश को प्रभावित किया है।
मिडईस्ट में जंग और बढ़ी
इज़राइल और US ने ईरान के ख़िलाफ़ लगातार मिलिट्री कैंपेन शुरू किया, US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह ऑपरेशन कई हफ़्तों तक चल सकता है। ईरान और उसके साथियों ने इज़राइल, खाड़ी देशों और ग्लोबल एनर्जी सप्लाई के लिए ज़रूरी एसेट्स पर हमले करके जवाबी कार्रवाई की।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या और बाहर निकलने की कोई साफ़ स्ट्रैटेजी न होने से तनाव बढ़ गया है, जिससे दुनिया भर में असर पड़ने वाले लंबे संघर्ष का डर बढ़ गया है। दुबई जैसे पारंपरिक रूप से सुरक्षित हब से गोलीबारी की खबरें आई हैं, हवाई यात्रा में रुकावट आई है, जिससे लाखों लोग फंसे हुए हैं, तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, और US के सहयोगियों ने ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को रोकने में मदद का वादा किया है।
तुरंत तनाव कम होने की कोई उम्मीद न होने पर, ट्रंप ने कहा कि ऑपरेशन चार से पांच हफ़्ते तक चल सकते हैं, और कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो वह इसे और लंबा चलाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि US के मकसद में ईरान की मिसाइल क्षमताओं को खत्म करना, उसकी नेवी को कमज़ोर करना, उसे न्यूक्लियर हथियार हासिल करने से रोकना, और हिज़्बुल्लाह जैसे सहयोगी ग्रुप्स को सपोर्ट कम करना शामिल है, जिसने इज़राइल पर रॉकेट दागे हैं, जिससे जवाबी हमले हुए हैं।
Continue reading on the app
बॉलीवुड में सिंगर-कंपोजर के तौर पर शंकर महादेवन की एक अलग पहचान है। आज यानी की 03 मार्च को शंकर महादेवन अपना 59वां जन्मदिन मना रहे हैं। शंकर महादेवन ने चार बार नेशनल अवॉर्ड जीता है। अपने 'ब्रीथलेस' सॉन्ग से उन्होंने इंडस्ट्री में धमाकेदार एंट्री की थी। आज के समय में शंकर महादेवन की पॉपुलैरिटी न सिर्फ भारत बल्कि विदेशों में भी है। लोग उनके गाने सुनना पसंद करते हैं। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर शंकर महादेवन के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
जन्म और परिवार
मुंबई के चेंबूर में 03 मार्च 1967 को शंकर महादेवन का जन्म हुआ था। वह एक तमिल परिवार से ताल्लुक रखते थे। बचपन से ही उनको हिंदुस्तानी और कर्नाटक शास्त्रीय संगीत की ट्रेनिंग मिलने लगी थी। कम उम्र में ही उनको संगीत का अच्छा ज्ञान हो गया। साथ ही वह पढ़ाई भी करते रहे। पढ़ाई पूरी करने के बाद महादेवन ने फैसला किया कि वह संगीत की दुनिया में अपना नाम बनाएंगे।
इस गाने से की धमाकेदार एंट्री
साल 1998 में शंकर महादेवन ने अपने पहले एल्बम 'ब्रीथलेस' से धमाकेदार एंट्री की थी। इस गाने में बिना रुके गाने का यह अनूठा प्रयोग श्रोताओं के लिए चौंकाने वाला था। देखते ही देखते यह गीत शंकर महादेवन की पहचान बन गया। साथ ही शंकर महादेवन संगीत की दुनिया में अलग मुकाम पर पहुंच गए। वहीं शंकर महादेवन के हुनर की तारीफ कई शास्त्रीय संगीत के कई दिग्गजों ने भी की। उस्ताद अमजद अली खान, पंडित हरिप्रसाद चौरसिया और उस्ताद जाकिर हुसैन जैसे कलाकार भी शंकर महादेवन के गायन के मुरीद रहे।
चुनी संगीत की राह
शंकर महादेवन ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। लेकिन महादेवन का मन हमेशा से संगीत में रमा रहा। उनको बचपन से ही सुरों के प्रति लगाव था। इसी लगाव ने शंकर महादेवन को मंच तक पहुंचाया था। उन्होंने शास्त्रीय संगीत की गहरी साधना की, जिसका असर उनके हर गीत में साफ नजर आता है।
संगीत के क्षेत्र में सफलता पाने के बाद उन्होंने एहसान नूरानी और लॉय मेंडोंसा के साथ मिलकर 'Shankar-Ehsaan-Loy' की स्थापना की। जिसके बाद इस तिकड़ी ने इंडस्ट्री को कई यादगार गाने दिए। वहीं साल 2011 में क्रिकेट विश्व कप का थीम सॉन्ग भी इस टीम ने तैयार किया था। जिसने देश में जोश भरने का काम किया था।
अवॉर्ड्स
बता दें कि शंकर महादेवन ने चार बार नेशनल अवॉर्ड अपने नाम किया है। इसके अलावा वह कई बार बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर और बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर के सम्मान से भी सम्मानित किए जा चुके हैं। 'मां' की गहराई से लेकर 'कजराजे-कजराजे' की ऊर्जा तक सिंगर शंकर महादेवन ने हर शैली में खुद को साबित कर दिखाया है। शंकर महादेवन का संगीत आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है। सच्ची लगन और साधना से हर सुर को अमर बनाया जा सकता है।
Continue reading on the app