‘प्लैनेट परेड’: जानिए आसमान में कब दिखता है यह अद्भुत नजारा
नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। रात को आसमान में कभी-कभी कई ग्रह एक साथ चमकते नजर आते हैं, जैसे वे एक लाइन में खड़े हों। इसे प्लैनेट परेड या ग्रहों की परेड कहते हैं। यह खूबसूरत नजारा नंगी आंखों से देखा जा सकता है और लोगों में काफी उत्सुकता पैदा करता है, हालांकि यह घटना बहुत दुर्लभ नहीं है, लेकिन हर साल नहीं होती।
जब चार या पांच ग्रह एक साथ दिखते हैं, तो यह खास लगता है। प्लैनेट परेड एस्ट्रोनॉमी में कोई वैज्ञानिक शब्द नहीं है। यह तब होता है, जब सूरज के चारों ओर घूमने वाले ग्रह आसमान में एक सीधी लाइन में नजर आते हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि सभी ग्रह सूरज के इर्द-गिर्द एक ही सपाट तल (प्लेन) में चक्कर लगाते हैं, जिसे एक्लिप्टिक प्लेन कहते हैं। पृथ्वी से देखने पर यह प्लेन एक लाइन की तरह दिखता है। ग्रह कभी-कभी कंजंक्शन यानी एक साथ आने या अपोजिशन सूरज के विपरीत तरफ आकर और भी साफ लाइन में नजर आते हैं।
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के अनुसार, कई बार पांच ग्रहों की परेड कई दिनों तक दिखाई देती है। कुल मिलाकर, ग्रहों की परेड हमारे सौर मंडल की खूबसूरती को नजदीक से महसूस कराती है। अगर मौसम साफ हो, तो शाम या सुबह आसमान की ओर देखने पर ये दिख सकते हैं।
हम नंगी आंखों से बुध, शुक्र, मंगल, बृहस्पति और शनि को आसानी से देख सकते हैं। ये ग्रह तारों से अलग चमकते हैं और अपनी जगह बदलते रहते हैं। इसी वजह से प्राचीन लोग इन्हें वांडरर या घूमने वाले कहते थे। यूरेनस और नेपच्यून जैसे दूर के ग्रह बहुत धुंधले होते हैं और इन्हें बिना टेलिस्कोप के देखना मुश्किल है।
ग्रहों की परेड को देखने के लिए सही समय और जगह जरूरी है। सूरज डूबने के बाद या उगने से पहले का समय सबसे अच्छा होता है, क्योंकि तब आसमान में ग्रह चमकते हैं, लेकिन ग्रह क्षितिज से कम से कम 10 डिग्री ऊपर होने चाहिए। अगर वे बहुत नीचे होंगे, तो वायुमंडल की वजह से उनकी रोशनी बिखर जाती है और वे धुंधले या दिखाई ही नहीं देते। इमारतें, पेड़ या धुंध भी नजारा रोक सकती है।
ग्रहों की परेड खास इसलिए बनती है, क्योंकि बुध और शुक्र सूरज के सबसे करीब होते हैं। ये दोनों ग्रह ज्यादा समय तक नहीं दिखते। शुक्र कुछ महीनों तक शाम या सुबह दिखता है, जबकि बुध सिर्फ कुछ हफ्तों या दिनों के लिए दिखता है। जब ये दोनों मंगल, बृहस्पति और शनि के साथ लाइन में आ जाते हैं, तो चार या पांच ग्रहों का सुंदर नजारा बनता है। यह परेड एक दिन की घटना नहीं होती। ग्रह धीरे चलते हैं, इसलिए यह नजारा हफ्तों या महीनों तक चल सकता है।
--आईएएनएस
एमटी/वीसी
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रुबियो और हेगसेथ ईरान के खिलाफ हमले को लेकर कांग्रेस को जानकारी देंगे: व्हाइट हाउस
वॉशिंगटन, 2 मार्च (आईएएनएस)। ट्रंप सरकार के सीनियर सदस्य मंगलवार (3 मार्च) को ईरान के खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व में हुए सैन्य स्ट्राइक के बारे में कांग्रेस को जानकारी देंगे। ईरान के खिलाफ अमेरिका की सैन्य कार्रवाई को लेकर वहां के लॉमेकर्स ऑपरेशन के स्कोप और लीगैलिटी को लेकर बंटे हुए हैं।
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता डायलन जॉनसन ने कहा, “रुबियो, हेगसेथ, डायरेक्टर रैटक्लिफ और चेयरमैन केन मंगलवार, 3 मार्च को कांग्रेस के दोनों चैंबर्स के सभी मेंबर्स को ब्रीफ करेंगे।”
जॉनसन ने कहा कि हाउस और सीनेट ब्रीफिंग को सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो, डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ, सीआईए डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन लीड करेंगे।
सरकार ने पहले ही खास कमेटियों के साथ बातचीत शुरू कर दी है। जॉनसन ने कहा, “आज (रविवार), युद्ध विभाग ने ईरान में सैन्य एक्शन के बारे में दोनों चैंबर्स में कई राष्ट्रीय सुरक्षा कमेटियों के बायपार्टिसन स्टाफ को 90 मिनट से ज्यादा समय तक ब्रीफ किया।”
यह आउटरीच ऐसे समय में हो रहा है जब कैपिटल हिल पार्टी लाइन पर रिएक्ट कर रहा है। रिपब्लिकन सीनेट मेजॉरिटी लीडर जॉन थ्यून ने ट्रंप के फैसले की तारीफ की और ईरान के न्यूक्लियर इरादों और आतंकी समूहों को मिलने वाले समर्थन को “साफ और नामंजूर खतरा” बताया।
डेमोक्रेटिक हाउस माइनॉरिटी लीडर हकीम जेफ्रीज ने इस कदम की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने इसे एक बड़ा मिलिट्री हमला बताने से पहले इजाजत नहीं ली, जिससे अमेरिकी सैनिक ईरान की जवाबी कार्रवाई के लिए कमजोर हो गए हैं।
हालांकि व्हाइट हाउस के बयान में ऑपरेशनल डिटेल्स नहीं बताई गईं, लेकिन बड़े अमेरिकी अखबारों की रिपोर्टिंग ने कैंपेन की एक बड़ी तस्वीर पेश की है।
द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, इजरायली और अमेरिकी इंटेलिजेंस अधिकारियों ने संवेदनशील जानकारी का इस्तेमाल करके थ्री-वेव अटैक किया, जिसने ईरानी हाई कमांड को खत्म कर दिया और ईरान के एयर डिफेंस को तेजी से तबाह कर दिया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायली अधिकारियों ने ईरान पर एयर सुपीरियॉरिटी हासिल करने के बारे में बताया, जिसमें जेट तेहरान के ऊपर आजादी से उड़ रहे थे और इजरायली एयर फोर्स (आईएएफ) के पूर्व कमांडर आमिर एशेल के हवाले से कहा, ईरान अभी पूरी तरह से एयरस्ट्राइक के लिए खुला है और पैंतरेबाजी करने की लगभग पूरी आजादी है।
उसी रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिकी सेना ने ईरानी बेड़े पर हमला किया और राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार को लिखा, “मुझे अभी पता चला है कि हमने 9 ईरानी नेवल शिप को नष्ट करके डुबो दिया है, उनमें से कुछ काफी बड़े और अहम हैं। हम बाकियों के पीछे जा रहे हैं, वे भी जल्द ही समुद्र में तैर रहे होंगे!”
वॉशिंगटन पोस्ट ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड का हवाला देते हुए बताया कि अमेरिकी सेना टारगेट पर फोकस कर रही थी और रॉकेट और मिसाइलों का मकसद “ईरानी सरकार की सुरक्षा व्यवस्था को खत्म करना” था। एक पश्चिमी सुरक्षा अधिकारी ने अखबार को बताया कि ईरान की इंटेलिजेंस सर्विस के हेडक्वार्टर पर हुए हमलों में कम से कम चार सीनियर कमांडर मारे गए।
इस बीच, द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया कि ईरान ने खाड़ी देशों के एयरपोर्ट और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर जवाबी हमले किए। अखबार ने कहा कि मिडिल ईस्ट के सात एयरपोर्ट पर 3,400 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं और दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने ड्रोन हमले के बाद विमान रोक दिए।
अमेरिकी संविधान के तहत, कांग्रेस के पास युद्ध की घोषणा करने की शक्ति है, जबकि राष्ट्रपति अक्सर लिमिटेड मिलिट्री ऑपरेशन का ऑर्डर देने के लिए कमांडर-इन-चीफ के तौर पर अपनी अथॉरिटी पर भरोसा करते रहे हैं। इराक, लीबिया और सीरिया समेत पिछले संघर्षों में युद्ध की पावर को लेकर विवाद सामने आए हैं।
--आईएएनएस
केके/एएस
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