Jharkhand Assembly के 750 मीटर दायरे में Section 163 लागू, धरना-प्रदर्शन पर रोक
रांची, पांच अगस्त झारखंड सरकार ने विधानसभा के बृहस्पतिवार से शुरू होने जा रहे मानसून सत्र से पहले विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह जानकारी बुधवार को एक अधिकारी ने दी। अधिकारी ने बताया कि यह आदेश छह अगस्त को सुबह आठ बजे से 12 अगस्त को रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा।
इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने, मार्च करने और प्रदर्शन करने पर रोक रहेगी। कई छात्र संगठनों ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में सात और 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। रांची प्रशासन के एक बयान के अनुसार, छठी झारखंड विधानसभा का छठा (मानसून) सत्र छह अगस्त से 12 अगस्त तक आयोजित किया जा रहा है।
सुरक्षा के नजरिए से सदर, रांची के उप-संभागीय मजिस्ट्रेट ने बीएनएसएस की धारा 163 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए झारखंड विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा जारी की है; इसमें झारखंड उच्च न्यायालय (रांची) का इलाका शामिल नहीं है। बयान के अनुसार, निषेधाज्ञा अवधि के दौरान पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, किसी भी प्रकार के हथियार या शस्त्र जैसे बंदूक, राइफल, रिवॉल्वर, बम, बारूद, लाठी, धनुष-बाण लेकर चलने पर रोक रहेगी। इसके अलावा किसी भी प्रकार के धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रैली या सार्वजनिक सभा आयोजित करने तथा ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
Derek O'Brien ने संसद में व्यवधान के लिए केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah को जिम्मेदार ठहराया
नयी दिल्ली, पांच अगस्त तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन ने संसद की कार्यवाही में व्यवधान के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की 13 दिन तक संसद से अनुपस्थिति को जिम्मेदार ठहराते हुए बुधवार को कहा कि विपक्षी सांसद जनता से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। तृणमूल सदस्य ने कहा कि उन्होंने सरकार द्वारा राष्ट्रीय और राज्य-स्तरीय कार्यक्रमों के माध्यम से मदर टेरेसा की मिशनरीज ऑफ चैरिटी की 75वीं वर्षगांठ मनाने का मुद्दा उठाने की कोशिश की थी। ब्रायन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘केंद्र सरकार संसद की कार्यवाही में बाधा डाल रही है क्योंकि गृह मंत्री 13 दिन से अनुपस्थित हैं।
विपक्षी सांसद अब भी अहम मुद्दों को उठाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।’’ अपने शून्यकाल नोटिस और संसद में सूचीबद्ध एक तारांकित प्रश्न की प्रतियां साझा करते हुए ब्रायन ने कहा कि उन्होंने मिशनरीज ऑफ चैरिटी की 75वीं वर्षगांठ और पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों को उठाने की कोशिश की थी। उन्होंने लिखा, ‘‘मदर टेरेसा की मिशनरीज ऑफ चैरिटी के 75 साल और ऐसी संस्थाओं को निशाना बनाने वाले एफसीआरए विधेयक पर मेरा शून्यकाल नोटिस।’’ ब्रायन ने कहा कि कोलकाता में मदर टेरेसा द्वारा स्थापित मिशनरीज ऑफ चैरिटी साढ़े सात दशकों से जाति, पंथ, धर्म या राष्ट्रीयता की परवाह किए बिना सबसे गरीब लोगों की सेवा के लिए समर्पित रही है और करुणा, मानवता एवं नि:स्वार्थ सेवा के उच्चतम आदर्शों का उदाहरण पेश करती है। उन्होंने कहा कि यह अवसर सामाजिक कल्याण और मानवीय सेवा में संस्था के योगदान को मान्यता देने के साथ-साथ समाज के कमजोर और वंचित वर्गों का समर्थन करने के लिए अधिक जन-जागरूकता पैदा करने और स्वैच्छिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने का मौका देता है।
ब्रायन ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री से पूछा गया एक तारांकित प्रश्न भी साझा किया। इसमें पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की जानकारी मांगी गई है।
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