Travel Advisory 2 March 2026 | Middle East जंग के बीच Air India और IndiGo की 350+ उड़ानें रद्द, हज़ारों यात्री एयरपोर्ट्स पर फंसे
Air India Express has extended the suspension of flights to and from Bahrain, Kuwait, Oman, Qatar, Saudi Arabia, and the United Arab Emirates, until 23:59 hrs IST (18.29 hrs UTC) on 2nd March 2026. Impacted guests are being notified directly through their registered contact… pic.twitter.com/pQ23V65BFH
— Air India Express (@AirIndiaX) March 1, 2026
Further Update on Cancellations:
— SpiceJet (@flyspicejet) March 1, 2026
Due to ongoing airspace restrictions, additional flights have been cancelled.
Passengers are advised to check their flight status before proceeding to the airport.#flyspicejet #spicejet pic.twitter.com/pWZFjEurOT
#TravelAdvisory
— Air India (@airindia) March 1, 2026
“In view of the continuing situation in the Middle East, Air India has extended the suspension of all flights to and from the UAE, Saudi Arabia, Israel, and Qatar until 2359 hrs IST on 2 March 2026.
Additionally, select flights to Europe scheduled on 2 March…
Iran में कयामत! खामेनेई की मौत के बाद 100 लड़ाकू अमेरिकी विमानों का Tehran पर धावा, ट्रंप बोले- 'बातचीत को तैयार, पर लेंगे खून का बदला'
सोमवार, 2 मार्च 2026 को पश्चिम एशिया से आ रही खबरें रूह कंपा देने वाली हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सेनाओं ने ईरान के सैन्य और राजनीतिक ढांचे को पूरी तरह तहस-नहस करने के लिए 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' को और तेज कर दिया है।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अमेरिका-इज़राइल ने रविवार को ईरान में कई जगहों पर जोरदार हमले किए तथा बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों पर बम गिराए और युद्धपोत भी तबाह कर दिए। इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को संकेत दिया कि वह ईरान के नए नेतृत्व से बातचीत के लिए तैयार हैं। उन्होंने पत्रिका ‘द अटलांटिक’ से कहा, “वे बात करना चाहते हैं, मैंने बातचीत के लिए सहमति दे दी है, इसलिए मैं उनसे बात करूंगा।”
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हालांकि, इससे एक दिन पहले ट्रंप ने ईरान के लोगों से सरकार अपने “हाथ में लेने” का आह्वान किया था। ईरानी नेताओं के मुताबिक, इन हमलों की शुरुआत से अब तक खामेनेई और अन्य वरिष्ठ नेताओं के अलावा 200 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। ईरान ने बदले का संकल्प लेते हुए जवाबी कार्रवाई में इजराइल और अरब देशों पर मिसाइलें दागीं। इजराइल की बचाव सेवाओं के अनुसार, यरुशलम और मध्य शहर बेत शेमेश के एक प्रार्थना स्थल (सिनागॉग) समेत कई जगहों पर हमले हुए। बेत शेमेश में नौ लोगों की मौत हुई और 28 लोग घायल हुए। इसके साथ ही इज़राइल में मृतकों की कुल संख्या 11 हो गई।
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पुलिस ने बताया कि हमले के बाद 11 लोग अब भी लापता हैं। लेकिन ईरान पर हमले थमते नजर नहीं आ रहे हैं। अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के महत्वपूर्ण सैन्य, राजनीतिक और खुफिया ठिकानों को निशाना बनाया। इससे प्रतीत होता है कि जंग व्यापक होती जा रही है और यह लंबे समय तक चल सकती है, जो पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता ला सकती है। अमेरिकी सेना ने रविवार को कहा कि ईरान पर अमेरिका के हमलों के दौरान उसके तीन सैनिक मारे गए और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह पहली बार है जब इस बड़े सैन्य अभियान में अमेरिका की ओर से उसके सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए एक वीडियो में कहा कि अमेरिका अपने सैनिकों की मौत का “बदला” लेगा और संघर्ष खत्म होने से पहले “संभव है कि और भी अमेरिकी सैनिक मारे जाएं।” इजराइल के ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 100 लड़ाकू विमानों ने एक साथ तेहरान में कई ठिकानों पर हमला किया। उन्होंने कहा कि इन हमलों में ईरान की वायुसेना की इमारतों, मिसाइल कमान से जुड़े ठिकानों और आंतरिक सुरक्षा बल की इमारतों को निशाना बनाया गया।
अमेरिका की सेना ने कहा कि ‘बी-टू स्टेल्थ’ विमानों ने लगभग 900 किलोग्राम वजनी बमों से ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों पर हमला किया। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान के नौ युद्धपोत डुबो दिए गए हैं और ईरानी नौसेना का मुख्यालय “काफी हद तक नष्ट” हो गया है।
यूरोप अब तक इस युद्ध से दूर रहा है और कूटनीतिक हल पर बल देता रहा है। लेकिन संघर्ष की लपटें दूसरे देशों तक भी पहुंचने के संकेतों के बीच, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने रविवार को कहा कि वे ईरान के हमलों को रोकने में मदद के लिए अमेरिका का साथ देंगे। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर ने कहा कि ब्रिटेन, अमेरिका को अपने सैन्य अड्डों का इस्तेमाल करके ईरान के मिसाइल ठिकानों पर हमला करने की अनुमति देगा।
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