ट्रंप ने ईरान के खिलाफ स्ट्राइक को बताया ऐतिहासिक
वाशिंगटन, 2 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हुए बड़े अमेरिकी सैन्य हमले को दुनिया के सबसे बड़े, सबसे जटिल और सबसे ताकतवर सैन्य अभियानों में से एक बताया है। उन्होंने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए हैं और जब तक अमेरिका अपने सभी लक्ष्य पूरे नहीं कर लेता, तब तक यह सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी।
ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर देश को संबोधित करते हुए बताया कि यह अभियान 36 घंटे तक चला। उन्होंने इस अभियान का नाम “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” बताया और कहा कि इस पैमाने का ऑपरेशन पहले कभी नहीं देखा गया।
उन्होंने कहा, “किसी ने ऐसा कुछ नहीं देखा। हमने ईरान में सैकड़ों टारगेट पर हमला किया है, जिसमें रिवोल्यूशनरी गार्ड की फैसिलिटी, ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं। हमने कुछ ही मिनटों में नौ जहाजों और उनकी नेवल बिल्डिंग को तबाह कर दिया। ईरान के सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला खामेनेई मर चुके हैं।” उन्होंने खामेनेई पर आरोप लगाया कि उनके हाथ सैकड़ों और हजारों अमेरिकियों के खून से रंगे थे और वे कई देशों में निर्दोष लोगों की मौत के जिम्मेदार थे।
ट्रंप का दावा है कि खामेनेई की मौत की खबर के बाद ईरान में लोग सड़कों पर जश्न मनाते दिखाई दिए। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की पूरी सैन्य कमान खत्म हो चुकी है और कई अधिकारी अपनी जान बचाने के लिए आत्मसमर्पण करना चाहते हैं। उनके अनुसार, हजारों लोग संपर्क कर रहे हैं और छूट की मांग कर रहे हैं।
ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि इस कार्रवाई में अमेरिका को भी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि सेंटकॉम ने जानकारी दी है कि तीन अमेरिकी सैनिक कार्रवाई के दौरान मारे गए हैं।
ट्रंप ने आगे कहा, “एक देश के तौर पर, हम उन सच्चे अमेरिकी देशभक्तों के लिए दुख मनाते हैं जिन्होंने हमारे देश के लिए सबसे बड़ा बलिदान दिया है, भले ही हम उस नेक मिशन को जारी रखें जिसके लिए उन्होंने अपनी जान दी। और दुख की बात है कि शायद और भी नुकसान होंगे। इससे पहले कि यह खत्म हो, यही होता है। हर मुमकिन कोशिश करेंगे ताकि ऐसा न हो।”
उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी ऐसे देश को परमाणु हथियार नहीं रखने दे सकता, जो आतंकवादी समूहों का समर्थन करता हो और दुनिया को अपनी शर्तों पर झुकाने की कोशिश करता हो।
उन्होंने ईरान की सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड से हथियार डालने की अपील की। ट्रंप ने कहा कि अगर वे आत्मसमर्पण करते हैं तो उन्हें पूरी छूट दी जाएगी, अन्यथा उन्हें निश्चित मौत का सामना करना पड़ेगा। ईरान की जनता को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि जो लोग आजादी चाहते हैं, वे इस मौके का फायदा उठाएं, हिम्मत दिखाएं और अपने देश को वापस लें। उन्होंने कहा कि अमेरिका उनके साथ है।
--आईएएनएस
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'अमेरिका अब फिर से दुनिया का सबसे अमीर और शक्तिशाली राष्ट्र', ट्रंप ने बताया ईरान पर कब तक जारी रहेंगे हमले
US-Israel Attack Iran: इजरायल-अमेरिकी हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद मध्य पूर्व में भारी तनाव बना हुआ है. ईरान लगातार इजरायल समेत कई देशों पर हमले कर रहा है. वहीं इजरायल भी ईरान को लगातार निशाना बना रहा है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है. ट्रंप ने कहा है कि ईरान पर तब तक हमले जारी रहेंगे, जब तक कि हमारा मकसद पूरा नहीं हो जाता. ट्रंप के इस बयान से ऐसा लगता है कि ये जंग जल्दी थमने वाली नहीं है.
ईरान का पूरा सैन्य कमान खत्म- डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि, "पिछले 36 घंटों से अमेरिका और उसके सहयोगी 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' चला रहे हैं. हमने ईरान में सैकड़ों ठिकानों पर हमला किया है, जिनमें रिवोल्यूशनरी गार्ड के ठिकाने और ईरानी वायु रक्षा प्रणालियां शामिल हैं. अभी-अभी यह घोषणा की गई है कि हमने नौ जहाजों और उनके नौसैनिक भवन को नष्ट कर दिया है. ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत हो गई है. कल रात, ईरान में उनकी मौत की घोषणा होने पर ईरानी जनता की आवाजें सड़कों पर खुशी और जश्न मनाते हुए सुनी गईं."
#WATCH | US President Donald J. Trump says, "For the past 36 hours, the United States and its partners have launched Operation Epic Fury... We have hit hundreds of targets in Iran, including Revolutionary Guard facilities and Iranian air defence systems. Just now, it was… pic.twitter.com/yEZORmxpzD
— ANI (@ANI) March 1, 2026
लक्ष्य की प्राप्ति तक जारी रहेगा अभियान- ट्रंप
ट्रंप ने आगे कहा कि, "इस हमले में ईरान का पूरा सैन्य कमान भी समाप्त हो गया है, और उनमें से कई अपनी जान बचाने के लिए आत्मसमर्पण करना चाहते हैं. इस समय युद्ध अभियान पूरी ताकत से जारी हैं, और ये तब तक जारी रहेगा जब तक हमारे सभी लक्ष्य प्राप्त नहीं हो जाते. अमेरिका अब फिर से दुनिया का सबसे अमीर, सबसे शक्तिशाली राष्ट्र है."
ट्रंप ने आगे कहा कि, "लंबी दूरी की मिसाइलों और परमाणु हथियारों से लैस ईरानी शासन हर अमेरिकी के लिए एक गंभीर खतरा होगा. हम ऐसे राष्ट्र को, जो आतंकवादी सेनाओं को खड़ा करता है, ऐसे हथियार रखने की अनुमति नहीं दे सकते, जो उन्हें दुनिया को अपनी बुरी इच्छाओं के लिए मजबूर करने की अनुमति देगा. हम ऐसा नहीं होने देंगे. ऐसा हमारे साथ नहीं होना चाहिए, और हम इसे दूसरों के साथ भी नहीं होने देंगे."
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