अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए गए संयुक्त सैन्य अभियान में 48 ईरानी नेता मारे गए। यह घटनाक्रम ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की संयुक्त हमले में हुई मौत की पुष्टि के बाद सामने आया है। फॉक्स न्यूज़ को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि कोई भी हमारी इस सफलता पर विश्वास नहीं कर सकता, एक ही झटके में 48 नेता मारे गए। और यह अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस अभियान को ईरान के नेतृत्व और सैन्य कमान संरचना पर निर्णायक प्रहार बताया। एक अन्य साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि ईरान वार्ता करना चाहता है और उन्होंने इस पर सहमति दे दी है। अमेरिका और इजराइल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर के बीच कई देशों और अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने शांति बनाए रखने तथा वार्ता के लिए जोरदार अपील की है। इस हमले के बाद क्षेत्र में हिंसा फैलने की आशंका और तनाव काफी बढ़ गया है। रविवार सुबह ईरान की राजधानी में एक भीषण विस्फोट हुआ। इजराइली सेना ने एक दिन पहले तेहरान तक रास्ता साफ करने का दावा करने के बाद कहा कि वह शहर के “केंद्र” को निशाना बना रही है। इसी बीच, ईरान ने अपनी जवाबी कार्रवाई जारी रखी तो वहीं कतर, कुवैत और बहरीन ने मिसाइलों की बौछार को रोकने का दावा किया।
हाल ही में हुई परमाणु वार्ता में तेहरान और वाशिंगटन के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले ओमान ने कहा कि रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर पर हमला हुआ और उसके दुक्म बंदरगाह को ड्रोन हमले में निशाना बनाया गया। इस बंदरगाह का उपयोग अमेरिकी नौसेना रसद केंद्र के रूप में करती है और यहां विमानवाहक पोत ठहर सकते हैं। खामेनेई का निधन, जिनका कोई नामित उत्तराधिकारी नहीं था, संभवतः ईरान के भविष्य को अनिश्चितता में डाल देगा तथा व्यापक संघर्ष की पहले से ही बढ़ती चिंताओं को और बढ़ा देगा। यूरोपीय संघ के 27 देशों के शीर्ष राजनयिक रविवार को ईरान से संबंधित स्थिति और संघ के लिए आगे के कदमों पर चर्चा करने के वास्ते एक आपातकालीन बैठक कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक शनिवार देर रात हुई।
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