पवन सिंह को बढ़ावा दिया, खुद तो कुछ नहीं कर सकीं, आखिर क्यों अक्षरा सिंह पर भड़कीं अंजलि राघव
Anjali Raghav on Akshara Singh: साल 2025 में लखनऊ में आयोजित एक स्टेज शो के दौरान भोजपुरी स्टार पवन सिंह और हरियाणवी डांसर-एक्ट्रेस अंजलि राघव के बीच हुई एक घटना ने काफी विवाद खड़ा कर दिया था. जी हां, एक इवेंट के दौरान पवन सिंह द्वारा अंजलि राघव की कमर छूने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. आरोप लगे कि उन्हें गलत तरीके से छुआ गया. बाद में अंजलि राघव ने भी इसे “बैड टच” बताते हुए आपत्ति जताई थी. अब इस मामले ने फिर तूल पकड़ लिया है, जब भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह ने एक पॉडकास्ट में इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी. इसके बाद अंजलि राघव ने उन्हें करारा जवाब दिया है.
अक्षरा सिंह ने क्या कहा?
अक्षरा सिंह ने हाल ही में सिद्धार्थ कनन को दिए इंटरव्यू में पवन सिंह और अंजलि राघव विवाद पर बात की. उन्होंने कहा कि अगर वह अंजलि की जगह होतीं तो तुरंत प्रतिक्रिया देतीं. उनके मुताबिक, “अगर मैं होती तो उठाकर नीचे फेंक देती… एक सेकेंड में.” अक्षरा ने यह भी कहा कि इस मामले में उन्हें लड़की की भी गलती नजर आती है.
अंजलि राघव का पलटवार
जब इस बारे में ‘दैनिक भास्कर’ ने अंजलि राघव से बात की, तो उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी. अंजलि ने कहा कि अक्षरा सिंह को उस दिन की पूरी सच्चाई नहीं पता और अधूरी जानकारी के आधार पर बयान देना गलत है. अंजलि ने आरोप लगाया कि पवन सिंह के साथ अक्षरा का पुराना रिश्ता रहा है और उन्होंने ही उन्हें मंच पर इस तरह के व्यवहार के लिए बढ़ावा दिया. अंजलि के मुताबिक, पवन सिंह स्टेज पर अक्षरा को गोद में उठाते या सार्वजनिक रूप से करीब आते थे, लेकिन तब उन्हें नहीं रोका गया. अंजलि ने कहा, “यह कहना आसान है कि मैं होती तो ऐसा कर देती. जब आपके साथ गलत हुआ, तब आपने क्या किया? अब दूसरों को ज्ञान देना ठीक नहीं.”
“मेरे लिए वह बैड टच था”
पवन सिंह द्वारा कमर छूने की घटना पर अंजलि राघव ने साफ कहा कि वह उनके लिए “बैड टच” था, क्योंकि उन्हें बिना अनुमति छुआ गया. उन्होंने कहा कि अगर उनका कोई करीबी भी स्टेज पर ऐसा करता, तो वो उसे भी रोकतीं.
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, 29 अगस्त 2025 को लखनऊ में एक म्यूजिक प्रोग्राम के दौरान पवन सिंह और अंजलि राघव साथ परफॉर्म कर रहे थे. उसी दौरान का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें पवन सिंह अंजलि की कमर छूते नजर आए. सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं. शुरुआत में अंजलि ने इस पर सार्वजनिक तौर पर कुछ नहीं कहा, लेकिन बाद में उन्होंने भोजपुरी इंडस्ट्री छोड़ने का ऐलान किया और बताया कि वह मानसिक रूप से परेशान हैं. विवाद बढ़ने पर पवन सिंह ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए अंजलि राघव से माफी भी मांगी थी.
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केमिकल रंगों से त्वचा को हो सकती है एलर्जी-रैशेज, हर्बल रंगों से मनाएं सुरक्षित होली
नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। होली का त्योहार रंगों की खुशी से भरा होता है, लेकिन बाजार में मिलने वाले ज्यादातर सिंथेटिक या केमिकल रंग त्वचा के लिए बहुत खतरनाक साबित हो रहे हैं। हर साल लाखों टन ऐसे रंग इस्तेमाल होते हैं, जिनमें लेड, मरकरी, क्रोमियम, सिलिका जैसे भारी धातु, इंडस्ट्रियल डाईज, माइका डस्ट और कभी-कभी इंजन ऑयल तक मिले होते हैं।
ये रसायन त्वचा को तुरंत और लंबे समय तक कई समस्याएं दे सकते हैं। केमिकल रंगों से त्वचा में जलन, खुजली, लालिमा, सूजन, एक्जिमा जैसी एलर्जी, ड्राईनेस और दर्द तक हो सकता है। चेहरा सबसे ज्यादा प्रभावित होता है क्योंकि रंग सीधे वहां लगते हैं।
यही नहीं पहले से मौजूद बीमारियों में बढ़ोतरी - एक्ने, एक्जिमा, सोरायसिस, विटिलिगो या संवेदनशील त्वचा वाले लोगों में स्थिति बिगड़ सकती है। लंबे समय के खतरे जैसे पोस्ट-इंफ्लेमेटरी हाइपरपिगमेंटेशन (काले धब्बे), लेड जैसे टॉक्सिन बच्चों के लिए खासतौर पर हानिकारक हो सकते हैं। गर्भवती महिलाओं के लिए भी हानिकारक हैं। यही नहीं आंखों में जलन, रेडनेस, वॉटरिंग, ग्रिटिनेस, बालों का झड़ना, नाखूनों की समस्या भी आम बात है।
चेहरा सबसे नाजुक हिस्सा होने से इसका खास ख्याल रखना जरूरी है। होली से पहले और बाद में कुछ आसान उपाय अपनाने से कई लाभ मिलते हैं। प्री-होली प्रोटेक्शन के तहत चेहरे, गर्दन, हाथ-पैरों पर नारियल, बादाम, सरसों या तिल का तेल अच्छे से लगाएं। यह बैरियर बनाता है, रंग गहराई तक नहीं जाते। मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन लगाएं। होंठों पर लिप बाम और नाखूनों पर क्लियर नेल पॉलिश लगाएं। रंग खेलते समय सनग्लास पहनें ताकि आंखें सुरक्षित रहें।
वहीं, पोस्ट-होली केयर में ठंडे पानी से धोएं, हल्के क्लेंजर या ऑयल-बेस्ड क्लेंजिंग बाम से रंग हटाएं। चेहरे या त्वचा को रगड़ने से बचें, वरना स्क्रैच या एलर्जी बढ़ सकते हैं। मॉइस्चराइजर लगाकर त्वचा को हाइड्रेट रखें। अगर रैशेज या जलन हो तो डॉक्टर से सलाह लें।
केमिकल रंगों के बजाय हर्बल या नेचुरल कलर्स अपनाना सबसे सुरक्षित है। ये पौधों, फूलों और रसोइघर की चीजों से बनते हैं, जो त्वचा के लिए फायदेमंद और पर्यावरण हितैषी होते हैं। कुछ आसान हर्बल रंग हैं, जिन्हें घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है। ये रंग एलर्जी नहीं करते, आसानी से धुल जाते हैं और त्वचा को नरम रखते हैं।
हरे रंग के लिए पालक, धनिया, नीम की पत्तियां उबालकर या पीसकर बनाएं, पीला रंग हल्दी, बेसन या चावल का आटा और गेंदे की पंखुड़ियों से बनाएं। लाल या नारंगी रंग चुकंदर, गाजर, अनार के छिलका, लाल गुड़हल, पलाश या मेहंदी के पत्ते से बनाएं। नीले रंग के लिए नीले फूल या विष्णुकांता को उबालकर बनाएं। गुलाबी रंग के लिए गुलाब, चुकंदर या प्याज के छिलके का इस्तेमाल करें।
--आईएएनएस
एमटी/एएस
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