ईरान को इराक से बड़ा समर्थन। शिया राष्ट्र की तरफ से कट्टरपंथी संगठन ने खुले समर्थन का ऐलान कर दिया है। इराक को दरअसल यहां पर समर्थन देते हुए तस्वीरें आप देख रहे हैं। जो शिया कट्टरपंथी गुट है उसकी तरफ से ऐलान किया गया बाकायदा प्रेस रिलीज जारी करके यह ऐलान किया गया कि ईरान के साथ युद्ध में इराक का ये कट्टरपंथी संगठन जो है वो खुद अब साथ देगा। तो इराक का ये कट्टरपंथी संगठन साथ आ चुका है। दूसरी तरफ अस्थाई वहां पर काउंसिल जो है वो अब शासन करेगी। फिलहाल जो कंट्रोल है फजिशियाने की राष्ट्रपति के हाथ में ही होगा। उसमें जुडिशरी के प्रमुख भी इसमें शामिल होंगे।
ईरान को निशाना बनाकर किए गए अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद इराक के क्षेत्रीय युद्ध की अग्रिम पंक्ति में घसीटे जाने का खतरा मंडरा रहा है। ये हमले सीमा पार कर गए और तेहरान समर्थित मिलिशियाओं को निशाना बनाया, जिसके चलते इन समूहों ने अमेरिकियों पर हमले की धमकी दी। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के कुछ ही समय बाद, बगदाद के दक्षिण में स्थित ईरान समर्थित मिलिशिया कटाइब हिजबुल्लाह पर दो अलग-अलग मिसाइल हमले हुए, जिनमें कम से कम दो लड़ाके मारे गए और पांच अन्य घायल हो गए। समूह ने बताया कि शनिवार को ही उसी क्षेत्र में एक तीसरा हमला हुआ, लेकिन उसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
सरकार ने जुर्फ अल सखार पर हुए हमलों की पुष्टि की, लेकिन इसके बारे में और कोई जानकारी नहीं दी। यह कस्बा, जिसे जुर्फ अल नस्र के नाम से भी जाना जाता है, बगदाद से लगभग 60 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है और शक्तिशाली मिलिशिया के नियंत्रण में है। इससे प्रेरित होकर कटाइब हिजबुल्लाह, अल नुजाबा और सैय्यद अल शुहादा के साथ-साथ अन्य छोटे मिलिशिया भी इस लड़ाई में शामिल हो गए हैं और उन्होंने अमेरिकी सैनिकों पर हमला किया है। उन्होंने अपने बयानों में यह घोषणा की है। इससे पहले भी वे इराक और सीरिया में अमेरिकी सैनिकों पर हमला कर चुके हैं, साथ ही ड्रोन और मिसाइलों से इजरायल के अंदर भी ठिकानों को निशाना बना चुके हैं।
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जहां एक तरफ पाकिस्तान पर अफगानिस्तान कहर बनकर टूट पड़ा है। ताबड़तोड़ हमलों से पाकिस्तान को दहला दिया है। भीषण हमलों में 55 से ज्यादा पाक सैनिकों को मार गिराया है। कई सैन्य चौकियों पर हमला करते हुए उन पर कब्जा कर लिया है। यही नहीं बल्कि पाकिस्तान के जेएफ 17 लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा किया है। तो वहीं अब भारत ने भी पाकिस्तान पर बड़ा एक्शन लिया है जिसने बॉर्डर पर हड़कंप मचा दिया है। दरअसल अफगानिस्तान पाकिस्तान की जमकर कुटाई कर ही रहा है कि अब भारतीय सेना ने भी धमाकेदार कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान को हिला दिया है।
जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में एलओसी के पास पाकिस्तानी ड्रोन देखते ही भारतीय सेना ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। भारतीय सेना की फायरिंग देखते ही पाकिस्तान के कई सैनिक चौकियों से भाग छूटे। पिछले कुछ महीनों से सीमा पर पाकिस्तानी ड्रोन की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। सेना ने हाल ही में ऐसे कई ड्रोंस को मार गिराया है। लेकिन फिर भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा। वह लगातार अपने पालतू आतंकियों की भारतीय सीमा में घुसपैठ कराने की कोशिशें कर रहा है। मगर हर बार उसकी सारी कोशिशें उसको ही तगड़ा नुकसान पहुंचा रही हैं। पाकिस्तानी ड्रोंस पर फायरिंग करने के बाद भारतीय सेना ने कई इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। संदिग्ध ड्रोन को देखे जाने के बाद सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी संभावित घुसपैठ या साजिश को नाकाम किया जा सके। दरअसल भारतीय सेना ने बॉर्डर पर तगड़ी कार्रवाई ऐसे वक्त में की है जब कुछ ही घंटे पहले भारतीय सेना ने पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर 2.0 की चेतावनी दी है।
वेस्टर्न आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटिहार ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेना की रणनीति पूरी तरह से बदल चुकी है। पाकिस्तान के साथ होने वाली कोई भी लड़ाई जमीन पर निर्णायक नतीजे के साथ खत्म होगी। अब पाकिस्तान की परमाणु धमकियों का कोई असर नहीं होगा। यानी कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान को बता दिया है कि परमाणु धमकी का खेल अब नहीं चलेगा। इस बार ऐसा सबक सिखाया जाएगा जिससे पाकिस्तान का इतिहास और भूगोल बदल जाएगा। हाल ही में भारत सरकार और सेना की ओर से आए कई बयान इस बात के पुख्ता संकेत हैं कि आने वाले दिनों में ऑपरेशन सिंदूर से भी ज्यादा पाकिस्तान की फिर से तगड़ी कुटाई होने वाली है।
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