इजराइल-ईरान जंग का पंजाब-चंडीगढ़ में बड़ा असर:दुबई, UAE जाने वाली और वहां से आने वाली फ्लाइट्स कैंसिल; कल सुबह भी उड़ान नहीं भरेंगी
अमेरिका और इजराइल के ईरान पर संयुक्त हमले के बाद मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़े हैं। इसका असर यहां पंजाब में भी देखा गया। अमृतसर से मिडिल ईस्ट में उड़ने वाली कई फ्लाइटें रद्द कर दी गई हैं। साथ ही संयुक्त राज्य अमीरात (UAE), दुबई, आदि से आने वाली फ्लाइटें भी कैंसिल की गईं। इसके बाद से अमृतसर के श्री गुरु रामदास इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सैकड़ों लोग परेशान हैं। यही हालत चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी है। यहां से भी दुबई को जाने वाली शाम की फ्लाइट को कैंसिल किया गया है। कल सुबह की उड़ानें भी अभी से रद्द कर दी गई हैं। अमृतसर में ये फ्लाइट्स कैंसिल हुईं पंजाब में अमृतसर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर प्रभावित हुई कुल 4 फ्लाइट्स कैंसिल हुई हैं। एयरपोर्ट के डायरेक्टर भूपेंद्र सिंह ने बताया है कि आज (शनिवार) रात 9 बजे UAE के शारजाह से अमृतसर पहुंचने वाली इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट कैंसिल हुई है। इसके अलावा, आज देर रात 1 बजकर 15 मिनट पर अमृतसर से दुबई के लिए उड़ान भरने वाली इंडियर एक्सप्रेस की फ्लाइट को कैंसिल किया गया है। वहीं, कल (रविवार) सुबह 7 बजकर 50 मिनट पर अमृतसर से दुबई जाने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट को भी रद्द कर दिया गया है। चंडीगढ़ एयरपोर्ट से एक फ्लाइट रद्द वहीं, चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आज शाम 4 बजकर 50 मिनट पर दुबई जाने वाली फ्लाइट कैंसिल कर दी गई है। यहां सुबह से सारा हवाई यातायात स्मूद चल रहा था, लेकिन अचानक दुबई, UAE, कतर, आदि में ईरानी हमले के बाद भारत से यातायात प्रभावित हुआ है। कई प्रमुख एयरस्पेस को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है, जिससे लंबे-लंबे रूट और उड़ानों में देरी की स्थिति बनी है। कई उड़ानों के मार्ग भी बदल दिए गए हैं। खाड़ी देशों में पंजाबियों की भी बड़ी आबादी खाड़ी देशों में पंजाबियों की संख्या का कोई ऑफिशियल सटीक आंकड़ा नहीं है। भारत सरकार (MEA) के 2021 के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब के लगभग 70,500 श्रमिकों को खाड़ी देशों के लिए इमिग्रेशन क्लीयरेंस दिया गया था। वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक है, क्योंकि कई लोग व्यावसायिक और अन्य श्रेणियों में वहां रहते हैं।
रबी के सीजन में रायबरेली का यह किसान इस फसल की खेती करके बन रहा मालामाल,देखें वीडियो
भारत कृषि प्रधान देश है, जहां अधिकतर लोग खेती-किसानी पर निर्भर हैं. रायबरेली के किसान भी रबी के मौसम में गेहूं और धान के अलावा कम समय में तैयार होने वाली और अधिक मुनाफा देने वाली फसलों, जैसे रामदाना, की खेती कर अच्छी कमाई कर रहे हैं. रामदाना औषधीय गुणों से भरपूर सुपरफूड है, जिसे कम मेहनत और कम पानी में उगाया जा सकता है.
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