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रबी के सीजन में रायबरेली का यह किसान इस फसल की खेती करके बन रहा मालामाल,देखें वीडियो

भारत कृषि प्रधान देश है, जहां अधिकतर लोग खेती-किसानी पर निर्भर हैं. रायबरेली के किसान भी रबी के मौसम में गेहूं और धान के अलावा कम समय में तैयार होने वाली और अधिक मुनाफा देने वाली फसलों, जैसे रामदाना, की खेती कर अच्छी कमाई कर रहे हैं. रामदाना औषधीय गुणों से भरपूर सुपरफूड है, जिसे कम मेहनत और कम पानी में उगाया जा सकता है.

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ईरान-इजरायल युद्ध से भारत की 50% तेल सप्लाई पर संकट:होर्मुज रूट बंद होने का डर, 10% एक्सपोर्ट भी खतरे में; महंगाई बढ़ सकती है

ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते युद्ध से भारतीय तेल सप्लाई, एक्सपोर्ट, शेयर बाजार और सोना-चांदी की कीमतों पर असर पड़ सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों में अगर युद्ध गहराता है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए होने वाली सप्लाई रुकती है, तो भारत को होने वाली टोटल मंथली ऑयल सप्लाई का आधा हिस्सा खतरे में पड़ सकता है। इसके साथ ही भारत के नॉन-ऑयल एक्सपोर्ट्स का 10% से ज्यादा हिस्सा भी प्रभावित हो सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि दोनों देशों के बीच इस बढ़ते युद्ध की वजह से क्रूड ऑयल की कीमतों में भी उछाल आ सकता है, जो भारतीय शेयर बाजार में बड़ी बिकवाली यानी तेज गिरावट की वजह भी बन सकता है। वहीं जियोपॉलिटिकल टेंशन के कारण निवेशकों का भरोसा सोने और चांदी की ओर बढ़ रहा है, जिससे इनकी कीमतों में बड़ी तेजी आने की संभावना है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्यों है भारत के लिए इतना अहम? ईरान और ओमान के बीच स्थित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल सऊदी अरब, इराक और यूएई जैसे देशों से मंगवाता है, जिसका बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है। आंकड़ों के मुताबिक, भारत को हर महीने मिलने वाली तेल सप्लाई का करीब 50% इसी रूट से आता है। अगर इजराइल ईरान के तेल ठिकानों पर हमला करता है या ईरान इस रास्ते को ब्लॉक करता है, तो सप्लाई चेन पूरी तरह बंद हो जाएगी। भारत के 10% नॉन-ऑयल एक्सपोर्ट पर भी संकट सिर्फ तेल ही नहीं, भारत का व्यापार भी ईरान और इजराइल के युद्ध से संकट में है। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के कुल नॉन-ऑयल एक्सपोर्ट का 10% से ज्यादा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते ही जाता है। इसमें बासमती चावल, चाय, मसाले, ताजे फल, सब्जियां और इंजीनियरिंग सामान भी शामिल हैं। पश्चिम एशिया के देशों (GCC देशों) को होने वाला ज्यादातर एक्सपोर्ट इसी रूट से होता है। रूट बंद होने या माल ढुलाई महंगी होने से भारतीय एक्सपोर्टर्स की लागत बढ़ जाएगी और ग्लोबल मार्केट में भारतीय सामान महंगा हो जाएगा। क्रूड की कीमतें बढ़ने से गिर सकता है भारतीय शेयर बाजार भारतीय शेयर बाजार के लिए क्रूड ऑयल यानी कच्चा तेल हमेशा से एक सेंसिटिव फैक्टर रहा है। अगर ईरान-इजराइल तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें 80-85 डॉलर प्रति बैरल के पार जाती हैं, तो भारत के शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी जा सकती है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 2.87% बढ़कर 72.87 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई थीं। पेंट, टायर, एविएशन और लॉजिस्टिक जैसे सेक्टर, जो कच्चे तेल पर निर्भर हैं, उनके मार्जिन पर सीधा असर पड़ेगा। फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) पहले से ही भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, ऐसे में जियोपॉलिटिकल टेंशन यानी भू-राजनीतिक अनिश्चितता और यह युद्ध इस गिरावट को और तेज कर सकता है। युद्ध के चलते सोने-चांदी की कीमतों में भी आ सकता है उछाल अनिश्चितता दौर में निवेशक इक्विटी मार्केट से पैसा निकालकर सोने और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश की ओर रुख करते हैं। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान-इजरायल युद्ध के चलते सोने-चांदी की कीमतें नई ऊंचाई को छू सकती हैं। अगर अमेरिका इस युद्ध में सीधे तौर पर शामिल होता है, तो डॉलर के मुकाबले सोने की मांग और बढ़ेगी। चांदी की इंडस्ट्रियल और इन्वेस्टमेंट डिमांड दोनों में तेजी आने की उम्मीद है, जिससे यह आने वाले समय में निवेशकों के लिए बेहतर रिटर्न का जरिया बन सकता है। 10 ग्राम सोना ₹1.59 लाख और चांदी ₹2.66 लाख/किलो बिक रही एक दिन पहले शुक्रवार (27 फरवरी) को कारोबार के सोना-चांदी के दाम में तेजी रही थी। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,075 रुपए बढ़कर ₹1.59 लाख पहुंच गया। इससे पहले गुरुवार को इसकी कीमत 1.58 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, एक किलो चांदी 6,033 रुपए बढ़कर ₹2.66 लाख पर पहुंच गई है। इससे पहले गुरुवार को इसकी कीमत 2.61 लाख रुपए प्रति किलो थी। महंगाई बढ़ने का डर: क्या होगा आम आदमी पर असर? अगर क्रूड ऑयल महंगा होता है, तो भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती की संभावनाएं खत्म हो जाएंगी। फ्यूल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर फल, सब्जी और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर पड़ेगा। इससे रिटेल इन्फ्लेशन रेट यानी खुदरा महंगाई दर बढ़ सकती है। मौजूदा स्थिति वेट एंड वॉच वाली है: मार्केट एक्सपर्ट्स मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौजूदा स्थिति वेट एंड वॉच वाली है। इजराइल की अगली प्रतिक्रिया क्या होगी, इसी पर ग्लोबल मार्केट की दिशा निर्भर करेगी। यदि इजराइल सिर्फ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाता है, तो बाजार जल्द रिकवर कर सकता है। वहीं अगर तेल रिफाइनरियों या हॉर्मुज रूट को निशाना बनाया गया, तो यह लंबे समय तक चलने वाली आर्थिक मंदी का संकेत हो सकता है। होर्मुज स्ट्रेट क्या है? होर्मुज स्ट्रेट एक संकरा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से और आगे अरब सागर से जोड़ता है। इसके उत्तर में ईरान सटा है। दक्षिण में ओमान और संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE है। इसके आसपास सभी तेल उत्पादक देश हैं। इसलिए इस जलीय रास्ते से दुनियाभर में तेल की सप्लाई होती है। होर्मुज स्ट्रेट करीब 167 किमी लंबा है। इसके दोनों मुहाने करीब 50 किमी चौड़े हैं, जबकि सबसे संकरा हिस्सा करीब 33 किमी चौड़ा है। इसमें आने-जाने वाले समुद्री ट्रैफिक के लिए 3 किमी चौड़ी शिपिंग लेन तय है। होर्मुज स्ट्रेट इतना अहम क्यों है? अमेरिका के एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन यानी EIA के मुताबिक, दुनिया के कुल पेट्रोलियम में से करीब 20% होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है। हर दिन लगभग 1.78 करोड़ बैरल से 2.08 करोड़ बैरल कच्चा तेल और ईंधन इस रूट से जाता है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी यानी IEA के मुताबिक, ईरान खुद रोजाना 17 लाख बैरेल पेट्रोलियम इस रूट से निर्यात करता है। इस रास्ते से गुजरने वाली कॉमर्शियल शिप की सुरक्षा अमेरिकी नेवी की एक टुकड़ी करती है। ईरान के अलावा दूसरे गल्फ देश जैसे ईराक, कुवैत, सऊदी अरब और UAE भी इसे रास्ते से अपना ज्यादातर तेल निर्यात करते हैं। इसमें से ज्यादातर निर्यात एशियाई देशों को होता है। 2022 में होर्मुज से गुजरने वाले कुल तेल का 82% एशियाई देशों में गया था। ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका-इजराइल का ईरान पर हमला, 40 छात्राओं की मौत: ईरान ने भी इजराइल-दुबई पर मिसाइलें दागीं, कतर-UAE में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर अटैक इजराइल ने शनिवार सुबह ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर हमला कर दिया। इरना न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इन हमलों में दक्षिणी ईरान में 40 छात्राओं की मौत हो गई। जबकि 45 घायल हैं। इसके जवाब में ईरान ने भी इजराइल पर जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने पलटवार करते हुए करीब 400 मिसाइलें दागीं हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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  Sports

T20 World Cup: जीत के बावजूद Pakistan बाहर, Net Run Rate ने तोड़ा सेमीफाइनल का सपना

शनिवार को कैंडी के पल्लेकेले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए सुपर 8 ग्रुप 2 के मैच में श्रीलंका को 147 रन से नीचे रोकने में असफल रहने के बाद पाकिस्तान टी20 विश्व कप 2026 की दौड़ से बाहर हो गया है। इस मुकाबले का नतीजा मायने नहीं रखता, क्योंकि पाकिस्तान को न्यूजीलैंड को पछाड़कर क्वालीफाई करने के लिए 65 रनों से अधिक की जीत का अंतर बनाए रखना था। श्रीलंका के 147 रन का आंकड़ा पार करने के साथ ही न्यूजीलैंड सुपर 8 ग्रुप 2 से इंग्लैंड के साथ सेमीफाइनल में पहुंच गया है। 


सुपर 8 ग्रुप 1 से दक्षिण अफ्रीका पहले ही शीर्ष चार में जगह बना चुका है, और कोलकाता में भारत बनाम वेस्टइंडीज का मैच अंतिम सेमीफाइनलिस्ट का फैसला करेगा। पाकिस्तान ने शनिवार को यहां सुपर आठ चरण के मैच में श्रीलंका के खिलाफ पांच रन से जीत दर्ज की लेकिन नेट रन रेट में न्यूजीलैंड से पिछड़ने केकारण टी20 विश्व कप से बाहर हो गया। सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान (100) के शतक और फखर जमां के (84 रन) के अर्धशतक तथा दोनों के बीच किसी भी विकेट के लिए टी20 विश्व कप इतिहास में 176 रन की रिकॉर्ड भागीदारी से आठ विकेट पर 212 रन बनाए।

 

इसके जवाब में श्रीलंकाई टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 20 ओवर में छह विकेट पर 207 रन बनाए जिसमें कप्तान दासुन शनाका ने नाबाद 76 रन और पवन रत्नायके ने 58 रन की अर्धशतकीय पारी खेलीं। पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाजों ने बड़ा स्कोर बनाने के लिए आक्रामक बल्लेबाजी की लेकिन श्रीलंका के मैदान पर खराब प्रदर्शन ने प्रतिद्वंद्वी टीम को फायदा पहुंचाने में योगदान दिया।


जमां 16वें ओवर में आउट हुए, उन्होंने दो जीवनदान का फायदा उठाते हुए 42 गेंद की पारी खेली जिसमें नौ चौके और चार छक्के जड़े थे। जब वह 15 रन पर थे तो दासुन शनाका की गेंद पर महीश तीक्षणा के हाथों से निकलकर एक चौका लग गया। जब वह 46 रन पर थे तब श्रीलंकाई विकेटकीपर ने कैच लेने की जोरदार अपील की लेकिन टीम ने डीआरएस नहीं लिया। फरहान (60 गेंद में नौ चौके, पांच छक्के) ने धमाकेदार बल्लेबाजी की पहल की जिससे पाकिस्तान ने पांचवें ओवर के अंदर 50 रन का आंकड़ा पार किया। इससे उन्हें हर ओवर में कम से कम 10 रन बनाने की लय मिली जिसे उन्होंने अच्छी तरह बनाए रखा। दाएं हाथ के बल्लेबाज फरहान ने टी20 विश्व कप के एक चरण में सबसे ज्यादा रन (319) बनाने का भारतीय सुपरस्टार विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ा और टूर्नामेंट में अपना दूसरा शतक भी लगाया। उन्होंने गेंदबाजी आक्रमण का पूरा फायदा उठाया जो दबाव में अपनी लाइन एवं लेंथ से चूकते दिखे। श्रीलंका के गेंदबाजों के पास फॉर्म में चल रहे बल्लेबाज के खिलाफ कोई रणनीति नहीं दिख रही थी।
Sat, 28 Feb 2026 23:10:35 +0530

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