अर्शदीप सिंह ने रचा इतिहास, T20 World Cup में हासिल किया खास मुकाम, बने नंबर-1 भारतीय गेंदबाज
T20 World Cup: भारतीय क्रिकेट टीम के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने इतिहास रच दिया है. उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ बीत गुरुवार को खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के 48वें मैच में खास मुकाम हासिल कर लिया है. उन्होंने अपने जोड़ीदार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को पीछे छोड़ते हुए एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. अर्शदीप के नाम कौन सा रिकॉर्ड दर्ज हुआ है. आइए इस बारे में जानते हैं.
अर्शदीप सिंह ने किया शानदार प्रदर्शन
अर्शदीप सिंह ने जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए मैच में बॉल के साथ शानदार प्रदर्शन किया. भारत ने इस मैच में जिम्बाब्वे के जीत के लिए 257 रनों का लक्ष्य दिया. इस लक्ष्य को डिफेंड करते हुए अर्शदीप सिंह ने 4 ओवर में 24 रन देकर 3 विकेट हासिल किए. अर्शदीप ने सिकंदर रजा (31), रियान बर्ल (0) और टोनी मुनयोंगा (11) को पवेलियन की राह दिखाई. उनके दमदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने 72 रनों से मुकाबला जीत लिया.
अर्शदीप सिंह ने रचा इतिहास
इस शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन के बाद अर्शदीप सिंह भारत के लिए टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले नंबर-1 गेंदबाज बन गए हैं. उन्होंने जसप्रीत बुमराह को पीछे छोड़ दिया है, जिसने नाम 33 विकेट दर्ज हैं. अब अर्शदीप सिंह 35 विकेट के साथ लिस्ट में टॉप पर हैं.
???? ARSHDEEP SINGH - MOST WICKETS FOR INDIA IN T20 WORLD CUP HISTORY ????
— Johns. (@CricCrazyJohns) February 27, 2026
Arshdeep - 35 wickets
Bumrah - 33 wickets
The Greatest fast bowling duo in T20I history ???? pic.twitter.com/vd0u7BBQPp
भारत के लिए टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में अर्शदीप सिंह के अलावा जसप्रीत बुमराह, रविचंद्रन अश्विन, हार्दिक पांड्या और रविंद्र जडेजा का नाम शामिल है.
भारत के लिए टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट
- अर्शदीप सिंह : 19 मैच - 35 विकेट
- जसप्रीत बुमराह : 23 मैच - 33 विकेट
- आर अश्विन : 24 मैच - 32 विकेट
- हार्दिक पांड्या : 30 मैच - 29 विकेट
- रविंद्र जडेजा : 29 मैच - 22 विकेट
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भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, सेंसेक्स 350 अंक फिसला, आईटी शेयरों में बढ़त
मुंबई, 27 फरवरी (आईएएनएस)। वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों के बीच सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ लाल निशान में खुला और कारोबार की शुरुआत सुस्ती के साथ की।
इस दौरान बीएसई सेंसेक्स करीब 30 अंक गिरकर 82,220.48 पर खुला, लेकिन कुछ ही समय में 364.85 अंक यानी 0.44 प्रतिशत गिरकर 81,883.76 पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी करीब 40 अंक गिरकर 25,459.85 पर खुला, लेकिन खबर लिखे जाने तक 119.05 (0.47 प्रतिशत) अंक गिरकर 25,377.50 पर पहुंच गया।
इस दौरान, निफ्टी आईटी को छोड़कर निफ्टी के सभी इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।
व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.41 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.51 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं, सेक्टरवार देखें तो केवल निफ्टी आईटी इंडेक्स में 0.81 प्रतिशत की उछाल देखने को मिली, जबकि निफ्टी ऑटो में 0.84 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी में 0.99 प्रतिशत तो निफ्टी बैंक में 0.53 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से आईटी शेयरों में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में खरीदारी देखी गई और इंफोसिस, ट्रेंट, टेक महिंद्रा, इटरनल, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टीसीएस टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल रहे। तो वहीं दूसरी ओर, मारुति सुजुकी, एचयूएल, अल्ट्राटेक सीमेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारती एयरटेल, आईटीसी, एशियन पेंट्स और कोटक बैंक के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने बताया कि पिछले कारोबारी सत्र में बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निफ्टी50 ने 83 अंकों की मजबूत गैप-अप ओपनिंग की और इंट्राडे में 25,572.95 के उच्च स्तर तक पहुंचा। हालांकि, ऊपरी स्तरों पर टिक नहीं पाया और करीब 170 अंकों की तेज गिरावट के साथ 25,400 तक फिसल गया। अंत में, आखिरी समय की रिकवरी से यह 25,496.55 पर बंद हुआ और सिर्फ 14 अंकों की मामूली बढ़त दर्ज कर सका। यह दर्शाता है कि बाजार में फिलहाल स्पष्ट दिशा की कमी है। निफ्टी के लिए 25,600-25,650 का स्तर तात्कालिक रेजिस्टेंस है, जबकि 25,300-25,350 का दायरा सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, आरएसआई 47.11 पर है, जो न्यूट्रल मोमेंटम का संकेत देता है।
एक्सपर्ट ने आगे बताया कि संस्थागत निवेशकों की बात करें तो 26 फरवरी को विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) 3,465 करोड़ रुपए की बिकवाली करते हुए नेट सेलर रहे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) लगातार तीसरे सत्र में खरीदार बने रहे और उन्होंने 5,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के शेयर खरीदे।
एक्सपर्ट ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता और बढ़ी हुई अस्थिरता के माहौल में ट्रेडर्स को अनुशासित और सोच-समझकर रणनीति अपनाने की सलाह दी जाती है। बाजार में गिरावट के दौरान मजबूत बुनियादी स्थिति वाले शेयरों पर ध्यान देना बेहतर रहेगा। निफ्टी में 25,800 के स्तर के ऊपर साफ और टिकाऊ ब्रेकआउट के बाद ही नई लंबी पोजीशन लेने पर विचार करना उचित होगा। इससे बाजार में मजबूत तेजी के संकेत मिलेंगे और सकारात्मक संरचना की पुष्टि होगी।
--आईएएनएस
डीबीपी/
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