Tilak varma statement: टीम इंडिया की खिताब बचाने की उम्मीदों को नई जान मिल गई। जिम्बाब्वे के खिलाफ 72 रन की बड़ी जीत के साथ भारत ने न सिर्फ टूर्नामेंट में वापसी की, बल्कि सेमीफाइनल की दौड़ में खुद को मजबूती से बनाए रखा। इस जीत के केंद्र में थे तिलक वर्मा, जिन्होंने बेखौफ अंदाज में साफ कहा कि हम विपक्षी टीम को डर दिखाना चाहते हैं।
नंबर 6 पर बल्लेबाजी करने उतरे तिलक ने सिर्फ 16 गेंदों में नाबाद 44 रन ठोक दिए। उनका स्ट्राइक रेट 275 रहा। पारी में तीन चौके और चार छक्के शामिल थे। उनकी इस विस्फोटक बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने इस टी20 वर्ल्ड कप का अपना सबसे बड़ा स्कोर 256/4 खड़ा किया।
पूरे टूर्नामेंट में तिलक को नंबर तीन की भूमिका दी गई थी लेकिन पिछली पांच पारियों में उनका स्ट्राइक रेट करीब 118 रहा। धीमी पिचों पर स्पिन के खिलाफ वह संघर्ष करते दिखे और उनकी भूमिका पर सवाल भी उठने लगे थे। लेकिन चेपॉक में उन्होंने कहानी पलट दी।
मैच के बाद तिलक ने कहा, 'मैं हमेशा कहता हूं कि टीम को जो चाहिए, मैं उसके लिए तैयार हूं। मुंबई इंडियंस के लिए आईपीएल में पिछले चार साल से यही रोल निभा रहा हूं, कभी पारी संभालने वाला, कभी हिटर। मैं बस एक अच्छी पारी का इंतजार कर रहा था। भगवान का शुक्र है कि वह आज मिल गई। अब मुझे पूरा भरोसा है कि आगे टीम के लिए मैच जिता सकता हूं।'
भारत की आक्रामक सोच शुरुआत से साफ दिखी। तिलक ने ओपनर संजू की तारीफ करते हुए कहा, 'संजू ने शानदार शुरुआत दी। हमने तय किया था कि चाहे पावरप्ले में तीन-चार विकेट भी गिर जाएं, लेकिन हम उसी रफ्तार से खेलेंगे। हम विपक्ष को दिखाना चाहते हैं कि ये खिलाड़ी हर गेंद पर मारने के लिए तैयार हैं।'
टीम की नजर नेट रन रेट पर भी थी। अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका की वेस्टइंडीज पर बड़ी जीत को खिलाड़ियों ने ध्यान से देखा। तिलक ने माना, 'हम सब मैच देख रहे थे। लेकिन हमारा फोकस सिर्फ अपनी जीत पर था। अगर हम अच्छा क्रिकेट खेलेंगे, तो रन रेट अपने आप बेहतर होगा।'
भारत की यह जीत सिर्फ दो अंक नहीं, बल्कि आत्मविश्वास की वापसी है। संदेश साफ है कि टीम इंडिया अब रुकने वाली नहीं।