Ranji Trophy Final: आकिब नबी बरसा रहे आग, सीजन में सबसे अधिक विकेट; 92 साल में ऐसा करने वाले तीसरे पेसर
Ranji Trophy Final: जम्मू-कश्मीर और कर्नाटक के बीच खेले जा रहे रणजी ट्रॉफी फाइनल में आकिब नबी ने अब तक शानदार गेंदबाजी की। आकिब ने पहली पारी में कर्नाटक के 5 बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। इस सीजन में वो सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं।
आकिब नबी ने इस सीज़न में अब तक 10 मैच में 12.56 की औसत से 60 विकेट लिए हैं। उन्होंने 7 बार पारी में 5 विकेट और 2 बार 4 विकेट झटकने का कारनामा किया। आकिब की घातक गेंदबाजी की बदौलत जम्मू-कश्मीर ने कर्नाटक को पहली पारी में 293 रन पर ऑल आउट कर दिया था। इससे पहले, जम्मू-कश्मीर ने अपनी पहली पारी में 584 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया था।
आकिब नबी के सीजन में 60 विकेट
60 विकेट लिए और मौजूदा रणजी ट्रॉफी सीजन के सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बन गए। इस दौरान, वह टूर्नामेंट के 92 साल के इतिहास में एक ही सीज़न में 60 विकेट लेने वाले सिर्फ़ तीसरे पेसर बन गए। यह पांच विकेट हॉल उनके कैंपेन का सातवां और रणजी करियर का 15वां था, जिसने घरेलू क्रिकेट में एक शानदार रन बनाया।
नबी ने शिखर शेट्टी को आउट करके यह मुकाम हासिल किया, इससे पहले उन्होंने मयंक अग्रवाल को आउट किया था। मयंक ने 160 रन की पारी खेली थी। आकिब ने अकेले अपने दम पर जम्मू-कश्मीर टीम को पहली बार रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहुंचाने का काम किया है। इसी वजह से दिनेश कार्तिक और आकाश चोपड़ा से जैसे पूर्व क्रिकेटरों ने भी इस तेज गेंदबाज की जमकर तारीफ की। आकाश ने तो आकिब को न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल करने तक की बात कह डाली है।
आकिब ने पिछले रणजी सीजन में भी कमाल की गेंदबाजी की थी। उन्होंने 2024-25 में 8 मैच की 15 पारियों में 13.93 की औसत से 44 विकेट लिए थे। तब उन्होंने 6 बार पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा किया था। इस प्रदर्शन के बाद आकिब की भारतीय टेस्ट टीम में आने की राह खुलती दिख रही है।
ind vs zim: 'विपक्षी टीम को डर दिखाना चाहते...'तिलक वर्मा ने जिम्बाब्वे के खिलाफ जीत के बाद भरी हुंकार
Tilak varma statement: टीम इंडिया की खिताब बचाने की उम्मीदों को नई जान मिल गई। जिम्बाब्वे के खिलाफ 72 रन की बड़ी जीत के साथ भारत ने न सिर्फ टूर्नामेंट में वापसी की, बल्कि सेमीफाइनल की दौड़ में खुद को मजबूती से बनाए रखा। इस जीत के केंद्र में थे तिलक वर्मा, जिन्होंने बेखौफ अंदाज में साफ कहा कि हम विपक्षी टीम को डर दिखाना चाहते हैं।
नंबर 6 पर बल्लेबाजी करने उतरे तिलक ने सिर्फ 16 गेंदों में नाबाद 44 रन ठोक दिए। उनका स्ट्राइक रेट 275 रहा। पारी में तीन चौके और चार छक्के शामिल थे। उनकी इस विस्फोटक बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने इस टी20 वर्ल्ड कप का अपना सबसे बड़ा स्कोर 256/4 खड़ा किया।
पूरे टूर्नामेंट में तिलक को नंबर तीन की भूमिका दी गई थी लेकिन पिछली पांच पारियों में उनका स्ट्राइक रेट करीब 118 रहा। धीमी पिचों पर स्पिन के खिलाफ वह संघर्ष करते दिखे और उनकी भूमिका पर सवाल भी उठने लगे थे। लेकिन चेपॉक में उन्होंने कहानी पलट दी।
मैच के बाद तिलक ने कहा, 'मैं हमेशा कहता हूं कि टीम को जो चाहिए, मैं उसके लिए तैयार हूं। मुंबई इंडियंस के लिए आईपीएल में पिछले चार साल से यही रोल निभा रहा हूं, कभी पारी संभालने वाला, कभी हिटर। मैं बस एक अच्छी पारी का इंतजार कर रहा था। भगवान का शुक्र है कि वह आज मिल गई। अब मुझे पूरा भरोसा है कि आगे टीम के लिए मैच जिता सकता हूं।'
भारत की आक्रामक सोच शुरुआत से साफ दिखी। तिलक ने ओपनर संजू की तारीफ करते हुए कहा, 'संजू ने शानदार शुरुआत दी। हमने तय किया था कि चाहे पावरप्ले में तीन-चार विकेट भी गिर जाएं, लेकिन हम उसी रफ्तार से खेलेंगे। हम विपक्ष को दिखाना चाहते हैं कि ये खिलाड़ी हर गेंद पर मारने के लिए तैयार हैं।'
टीम की नजर नेट रन रेट पर भी थी। अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका की वेस्टइंडीज पर बड़ी जीत को खिलाड़ियों ने ध्यान से देखा। तिलक ने माना, 'हम सब मैच देख रहे थे। लेकिन हमारा फोकस सिर्फ अपनी जीत पर था। अगर हम अच्छा क्रिकेट खेलेंगे, तो रन रेट अपने आप बेहतर होगा।'
भारत की यह जीत सिर्फ दो अंक नहीं, बल्कि आत्मविश्वास की वापसी है। संदेश साफ है कि टीम इंडिया अब रुकने वाली नहीं।
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