पेट में बढ़ती एसिडिटी का कारण हो सकते हैं प्राकृतिक से मिले ये फल, जानें सेवन से जुड़ी सावधानियां
नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनएस)। आज की जीवनशैली की वजह से पेट संबंधी रोग हर उम्र के लोगों को परेशान करने लगे हैं। कुछ भी खाने के तुरंत बाद गैस, पेट फूलना और हल्के पेट दर्द की शिकायत देखी जाती है।
पेट की पाचन अग्नि को आराम देने के लिए लोग शीतलता देने वाले फलों का सेवन करते हैं, लेकिन कई बार फल खाने के बाद भी पेट की जलन और एसिडिटी बढ़ने लगती है, लेकिन ऐसा क्यों?
पेट को ठंडक देने और जलन से बचाने के लिए सही फलों का सेवन करना जरूरी है। बहुत कम लोग जानते हैं कि फल भी एसिडिटी पैदा करने वाले होते हैं। कुछ फलों में साइट्रिक एसिड अधिक मात्रा में होता है, जिसके सेवन से गैस और सीने में जलन की परेशानी होती है। आज हम ऐसे ही फलों की जानकारी लेकर आए हैं, जिनका सेवन कम मात्रा में करना चाहिए। पहला है संतरा। संतरे में साइट्रिक एसिड की अधिक मात्रा होती है, जिससे अधिक सेवन से एसिड रिफ्लक्स और सीने में जलन पैदा हो सकती है। इसलिए अगर पेट संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं तो संतरे का सेवन कम करें।
दूसरा है नींबू। नींबू में साइट्रिक एसिड की मात्रा अधिक होती है, जो सीने में जलन पैदा करता है और गैस्ट्रिक एसिड का उत्पादन बढ़ जाता है, खासकर खाली पेट होने पर। इसलिए नींबू का सेवन सीमित मात्रा में करें। तीसरा है, अनानास। अनानास का गुण अम्ल और तीक्ष्ण होता है और सेवन से पित्त की वृद्धि होती है। ऐसे में अगर आंतों से जुड़ी परेशानी से जूझ रहे हैं तो अनानास का सेवन करने से बचे क्योंकि अनानास में मौजूद एंजाइम और अम्ल संवेदनशील आंत की परत को परेशान कर सकते हैं।
चौथा है कच्चा आम। कच्चा आम का गुण अम्ल और भारी होता है। इसे पचाने के लिए पेट को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसके सेवन से कफ और वात की वृद्धि होती है। अपच की समस्या भी बन सकती है। पांचवा है खट्टे अंगूर। खट्टे अंगूर का गुण अम्लीय होता है और पित्त की वृद्धि करता है, ऐसे में पेट फूलना और गैस बनने की परेशानी हो सकती है, इसलिए अगर पाचन मंद है तो अंगूर या खट्टे फलों का सेवन सीमित मात्रा में करें।
इसके अलावा अमरूद का सेवन अगर बीज सहित करते हैं, तो यह भी पाचन में बाधा करता है। बीज सहित अमरूद का सेवन पेट फूलने की समस्या पैदा कर सकता है। इसके अलावा, जामुन और बेरी के सेवन से भी परहेज करना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार, खट्टे और तीखे फल पित्त को बढ़ाते हैं और अग्नि को कमजोर करते हैं।
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पीएम मोदी ने इजरायली कंपनियों को भारत में निवेश और मैन्युफैक्चरिंग के लिए किया आमंत्रित
तेल अवीव, 26 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायली कंपनियों को भारत में निवेश करने, मैन्युफैक्चरिंग स्थापित करने और तकनीकी साझेदारी बढ़ाने के अवसर तलाशने का निमंत्रण दिया। इसकी जानकारी गुरुवार को दी गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ यहां विभिन्न क्षेत्रों में इजरायल की अग्रणी तकनीकों को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी का दौरा किया। इस प्रदर्शनी में एग्री-टेक, वॉटर-टेक, क्लाइमेट-टेक, हेल्थ-बायोटेक, स्मार्ट मोबिलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबर सुरक्षा और क्वांटम तकनीक जैसे क्षेत्रों की नवीन खोजें शामिल थीं।
नवोन्मेषकों से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रदर्शित अत्याधुनिक तकनीकों में भारत-इजरायल नवाचार, स्टार्टअप और व्यापार साझेदारी को नई ऊंचाई देने की अपार क्षमता है। खासकर कृषि, जल प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवा और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में सहयोग की बड़ी संभावनाएं हैं।
दोनों देश इंडिया-इजरायल इनोवेशन ब्रिज पहल के तहत आधुनिक चुनौतियों का समाधान विकसित करने के लिए साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों, टेक उद्यमियों और कई कंपनियों के सीईओ से बातचीत की।
उन्हें क्वांटम मशीन ने इजरायली क्वांटम कंप्यूटिंग सेंटर (आईक्यूसीसी) के बारे में जानकारी दी, जबकि क्लासीक कंपनी ने बताया कि वह क्वांटम सॉफ्टवेयर विकास को कैसे आसान बना रही है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, एआईएसएपी नामक स्टार्टअप ने अपनी एआई आधारित पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड तकनीक का प्रदर्शन किया, जो तुरंत जांच और मार्गदर्शन प्रदान करती है।
इजरायल के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के होराइजन स्कैनिंग डिवीजन ने टेक स्काउट नामक एआई टूल पेश किया, जो रणनीतिक जोखिमों की पहचान और रुझानों के विश्लेषण में मदद करता है।
टेक कंपनी मोबाइलआई ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए अपने सेंसर और चिप तकनीक का प्रदर्शन किया। वहीं, चेक प्वाइंट सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजीज ने उन्नत साइबर सुरक्षा समाधानों और भारत में अपने सहयोग पर प्रकाश डाला।
वाटरजेन ने हवा से पीने योग्य पानी बनाने की तकनीक दिखाई, जबकि एन-ड्रिप ने गुरुत्वाकर्षण आधारित माइक्रो-इरिगेशन सिस्टम पेश किया। नेचुरल ऑफसेट फार्मिंग (एनओएफ) ने बिना बिजली के फसल कटाई के बाद खाद्य नुकसान कम करने के समाधान प्रदर्शित किए।
इसके अलावा, रेमिल्क ने लैब में तैयार दूध प्रोटीन के लिए प्रिसिजन फर्मेंटेशन तकनीक दिखाई, और बारएल्गी ने मशीन लर्निंग आधारित माइक्रोएल्गी उत्पादन प्रणाली प्रस्तुत की।
मायनोरा बायो ने विशेष बायो-कन्वर्जन एडिटिव्स के जरिए प्लास्टिक कचरा प्रबंधन का प्रदर्शन किया। जियोफिजिकल इंस्टीट्यूट (जीआईआई) ने खनिज संसाधनों के आकलन के लिए हाई-रिजॉल्यूशन मॉडलिंग का प्रदर्शन किया।
इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने अपने छोटे संचार उपग्रहों और एकीकृत सिंथेटिक एपर्चर रडार तकनीक को प्रदर्शित किया।
--आईएएनएस
डीबीपी/
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