अमेरिका में लुधियाना के अवतार सिंह की हत्या का खुलासा:किसी और का करना था किडनैप, बदमाशों ने सवाल पूछे, सही जवाब ना देने पर किया मर्डर
अमेरिका के ट्रेसी शहर के गुरुद्वारा साहिब परिसर से लुधियाना के 57 वर्षीय अवतार सिंह को 17 फरवरी को किडनैप किया गया। किडनैपिंग के तीन दिन बाद यानी 20 फरवरी को उनका शव बरामद हुआ। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि किडनैपरों ने किसी और को उठाना था, लेकिन गलत पहचान के कारण वो अवतार सिंह को उठाकर ले गए। रास्ते में जाते हुए जब किडनैपरों ने उससे कुछ सवाल पूछे तो अवतार सिंह जवाब नहीं दे पाया। किडनैपर्स ने अवतार सिंह को छोड़ने के बजाय उनकी हत्या कर दी और शव अपहरण स्थल से करीब दो घंटे की दूरी पर स्थित लेक बेरीसा के पास हाइवे के किनारे फेंक दिया। जिसे तीन दिन बाद पुलिस ने बरामद किया। शव बरामद होने की सूचना बाबा धुमा सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए दे दी थी। पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया कि आखिर गुरुद्वारा साहिब परिसर से किडनैपरों ने किसे उठाना था। गलत पहचान के कारण अवतार सिंह की हत्या के बाद लोगों में दहशत है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हत्या को लेकर कैलिफोर्निया में अलग-अलग अफसरों के बयान… अवतार सिंह की हत्या को लेकर कैलिफोर्निया प्रशासन के अलग-अलग डिपार्टमेंट से बयान जारी किए जा रहे हैं। बयान में इसे गलत पहचान के कारण हुई हत्या बताया जा रहा है। उनके बयानों की अहम बातें, पढ़िए.. सैन जोकिन काउंटी शेरिफ के पैट्रिक विथ्रो का बयान कैलिफोर्नियां पुलिस के अधिकारी शेरिफ विथ्रो का कहना है कि अवतार सिंह का अपहरण कोई रैंडम इंसीडेंट नहीं है। यह एक योजनाबद्ध तरीके से किया गया अपहरण था। लेकिन अपहरण करने वालों ने किसी और को किडनेप करना था। किडनैपर्स का निशाना कोई और था। वो किसी और व्यक्ति की तलाश में थे। ऐसा लगता है कि जब अवतार सिंह ने उन्हें वे जवाब नहीं दिए जिसे वो किडनैप करना चाहते थे तो किडनैपर उसे साथ ले गए। पहचान की पुष्टि: पुलिस अधिकारी ने अपने बयान में कहा है कि उन्हें बेहद दुख है कि किडनैपर्स ने अवतार सिंह की हत्या की और उनका शव बरादम हो गया है। कड़ी कार्रवाई: पुलिस अधिकारी ने आश्वासन दिया कि पुलिस के डिटेक्टिव्स अवतार सिंह हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। जैसे ही पकड़े जाएंगे उन्हें कठोर सजा दिलाई जाएगी। शेरिफ कार्यालय के प्रवक्ता हीदर ब्रैंट का बयान शेरिफ कार्यालय की प्रवक्ता हीदर ब्रैंट ने भी साफ किया कि अवतार सिंह किडनैपर्स के मुख्य टारगेट पर नहीं थे बल्कि उन्हें गलती से किडनैप कर दिया था। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेट में एक सफेद रंग की एसयूवी (SUV) और काले कपड़े पहने तीन अज्ञात व्यक्ति दिखाई दिए हैं। ब्रेंट के अनुसार अवतार सिंह को जबरन कार में बैठाया था। कहीं और मारकर शव झील के पास फेंका नपा काउंटी के प्रवक्ता हेनरी वोफर्ड का कहना है कि शुरुआती जांच से संकेत मिलते हैं कि अवतार सिंह की मृत्यु नपा काउंटी में नहीं हुई थी। उन्हें कहीं और मारकर शव को झील के पास फेंका गया था। घटना के बाद केस से संबंधित अहम अपडेट कोई तत्काल खतरा नहीं: पुलिस ने जनता को आश्वस्त किया है कि यह एक अलग घटना है। यह किसी एक विशेष समुदाय को टारगेट करके नहीं की गई है। उनका कहना है कि समुदाय के लिए फिलहाल कोई और खतरा नहीं है। अभी तक नहीं हुई कोई गिरफ्तारी: पुलिस अब उन तीन संदिग्धों की तलाश कर रही है जो सफेद एसयूवी में देखे गए थे। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी के पास भी इस घटना से जुड़ी कोई जानकारी हो, तो वे तुरंत सैन जोकिन काउंटी शेरिफ कार्यालय से संपर्क करें। गुरुद्वारा साहिब के बाहर से हुआ अपहरण 17 फरवरी को शाम 8:52 बजे पुलिस को अवतार सिंह के लापता होने की सूचना मिली और पुलिस गुरुद्वारा परिसर में पहुंची। वहां से पुलिस को कुछ सीसीटीवी फुटेज मिले। जिसमें कुछ संदिग्ध लोग अवतार सिंह को सफेद रंग की एक्सयूवी जबरन बैठाते हुए दिखे। पुलिस ने जारी की थी अवतार सिंह व कार की फोटो परिवार की शिकायत के बाद सैन जोआक्विन काउंटी शेरिफ ऑफिस ने अवतार सिंह व किडनैपिंग में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की एक्सयूवी कार की फोटो जारी की और पुलिस ने उन्हें ढूंढना शुरू किया। पत्नी को घर पर नहीं मिले पति तो की शिकायत अवतार सिंह के अपहरण की बात तब सामने आई जब17 फरवरी को उनकी पत्नी काम से लौटी और अवतार सिंह घर पर नहीं थे। उन्होंने गुरुद्वारा प्रबंधकों से संपर्क किया और उसके बाद पुलिस को शिकायत दी। तीन दूधमुंहे बच्चों के सिर से उठा पिता का साया अवतार सिंह के तीन बच्चे हैं और तीनों का जन्म एक साथ करीब छह महीने पहले हुआ था। जानकारी के अनुसार इन बच्चों का जन्म शादी के 20 साल बाद हुआ। अब इन तीनों बच्चों के सिर से पिता उठ गया। गुरुद्वारा साहिब में रसोइये का काम करते थे अवतार सिंह अवतार सिंह पिछले कई वर्षों से टकसाल के नियंत्रण वाले गुरुद्वारा 'गुरु नानक प्रकाश' में रसोइये के रूप में सेवा कर रहे थे। बाबा धुमा के अनुसार, वह लंबे समय तक चौक मेहता स्थित टकसाल के मुख्यालय 'गुरुद्वारा गुरदर्शन प्रकाश' में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। कैलिफोर्नियां में अवतार सिंह के परिवार की जुटाया जा रहा फंड अवतार सिंह बुल्ट की हत्या के बाद उनके परिवार की आर्थिक मदद के लिए सिख समुदाय ने फंड जुटाना शुरू कर दिया है। सिख समुदाय गोफंडमी पोर्टल के जरिए उनके लिए फंड जुटा रहा है ताकि उनके परिवार को आर्थिक मदद मिल सके। फंड जुटाने के लिए सिख समुदाय द्वारा की गई भावुक अपील “हमें यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि ट्रेसी गुरुद्वारा साहिब के प्रिय सेवादार, अवतार सिंह बुल्ट, जिनका अपहरण कर लिया गया था, उनकी दुखद मृत्यु हो गई है। एक बेहद चिंताजनक गुमशुदगी के रूप में जो शुरू हुआ था, उसका अंत उनके परिवार और पूरी संगत के लिए एक अकल्पनीय क्षति के रूप में हुआ है।” अवतार सिंह जी ने 20 वर्षों से अधिक समय तक एक समर्पित सेवादार और लंगरी के रूप में गुरुद्वारा साहिब की निष्ठापूर्वक सेवा की। वह अपनी विनम्रता, शांत समर्पण और मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे, जिससे हर कोई उन्हें अपने परिवार जैसा महसूस करता था। उनकी सेवा, ईमानदारी और अटूट विश्वास ने अनगिनत जीवनों को छुआ, और उनकी अनुपस्थिति हमारे समुदाय में एक गहरा शून्य छोड़ गई है। उनके परिवार में उनकी पत्नी और उनके 6 महीने के तीन जुड़वां बच्चे (triplets) हैं, जो अब एक समर्पित पति और पिता के बिना भविष्य का सामना कर रहे हैं। इस अत्यंत कठिन समय में, हम समुदाय से अपील करते हैं कि वे इस दुखद घड़ी में परिवार को संबल देने के लिए साथ आएं। एकत्र की गई राशि का उपयोग आने वाले महीनों और वर्षों में उनकी पत्नी और बच्चों को स्थिरता प्रदान करने के लिए किया जाएगा। एक अकेली मां के रूप में एक बच्चे का पालन-पोषण करना भी चुनौतीपूर्ण होता है और तीन शिशुओं के साथ, यह जिम्मेदारी बहुत बड़ी है। आपकी उदारता, प्रार्थना और समर्थन इस युवा परिवार के लिए बहुत बड़ा बदलाव ला सकते हैं। यह अवतार सिंह बुल्ट के लिए एकमात्र आधिकारिक GoFundMe पेज है।
भारतीय सोलर पैनल पर अमेरिका ने 126% ड्यूटी लगाई:कहा- चीन भारत के जरिए भेज रहा सस्ते प्रोडक्ट; इससे अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स को नुकसान
डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने भारत से आने वाले सोलर पैनलों और सेल के आयात पर 126% की शुरुआती ड्यूटी लगा दी है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग का कहना है कि भारत अपने मैन्युफैक्चरर्स को गलत तरीके से सब्सिडी दे रहा है, जिससे अमेरिकी घरेलू कंपनियों को नुकसान हो रहा है। भारत के अलावा लाओस और इंडोनेशिया पर भी 81% से 143% तक की लेवी लगाई गई है। शुरुआती जांच के आधार पर यह फैसला लिया गया है। जांच पर अंतिम फैसला 6 जुलाई को आएगा। यानी सब्सिडी की बात साबित हो जाती है, तो यह टैक्स स्थायी हो जाएगा। महंगे होंगे सोलर पैनल, अब अमेरिकी मार्केट में टिकना मुश्किल इस फैसले से भारतीय सोलर एक्सपोर्टर्स के लिए अमेरिकी बाजार में टिकना मुश्किल हो सकता है। 126% ड्यूटी लगने का मतलब है कि इन पैनलों की कीमत अमेरिका में दोगुनी से भी ज्यादा हो जाएगी। ऐसे में अमेरिकी खरीदार भारतीय माल के बजाय लोकल कंपनियों या अन्य देशों से पैनल खरीदना पसंद करेंगे क्योंकि भारतीय प्रोडक्ट अब कॉम्पिटिशन से बाहर हो जाएंगे। इंडोनेशिया पर सबसे ज्यादा 143% टैक्स ट्रम्प के 10% ग्लोबल टैरिफ से अलग है यह ड्यूटी यह टैक्स उन 10% ग्लोबल टैरिफ से अलग है, जिसकी घोषणा ट्रम्प ने हाल ही में की थी। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते ट्रम्प के पुराने टैरिफ प्लान को रद्द कर दिया था जिसके बाद उन्होंने नए सिरे से टैरिफ लगाए थे। अब इस नए फैसले ने इंडस्ट्री की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी बाजार में 57% हिस्सेदारी इन तीन देशों की चीनी प्रोडक्ट को भारत-इंडोनेशिया के जरिए भेजने का आरोप एक्सपर्ट बोले- भारतीय कंपनियों के लिए रास्ता बंद सिटीग्रुप इंक के एनालिस्ट विक्रम बागरी का कहना है कि इतनी ऊंचे टैरिफ लगने के बाद अमेरिकी बाजार अब भारतीय सोलर मैन्युफैक्चरर्स के लिए लगभग बंद हो जाएगा। अमेरिकी कंपनियों का आरोप- सस्ते विदेशी माल से मार्केट को नुकसान अमेरिकी सोलर ग्रुप 'अलायंस फॉर अमेरिकन सोलर मैन्युफैक्चरिंग एंड ट्रेड' ने वाणिज्य विभाग से सब्सिडी की जांच करने की अपील की थी। ग्रुप का कहना था कि अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को बचाने के लिए यह जांच जरूरी है। उन्होंने अब टैरिफ के इस फैसले का स्वागत किया है। अलायंस के मुख्य वकील टिम ब्राइटबिल ने कहा कि आज का फैसला अमेरिकी सोलर मार्केट में निष्पक्ष कॉम्पिटिशन को फिर से बहाल करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने ये भीकहा कि अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स देश की क्षमता बढ़ाने और अच्छी नौकरियां पैदा करने के लिए अरबों डॉलर का निवेश कर रहे हैं। अगर गलत तरीके से आयात किए गए माल को मार्केट बिगाड़ने की अनुमति दी गई, तो यह निवेश कभी सफल नहीं हो पाएगा। सोलर सेल पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी की भी जांच अमेरिकी कॉमर्स डिपार्टमेंट सोलर सेल पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी की भी जांच कर रहा है। इसमें आरोप है कि भारत, इंडोनेशिया और लाओस की कंपनियां जानबूझकर अमेरिका में अपने माल को लागत से भी कम कीमत पर बेच रही हैं। ऐसा वो अमेरिकी बाजार पर कब्जे के लिए कर रही है। अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स ने जुलाई में याचिका दायर कर कहा था कि चीनी कंपनियां भारत, इंडोनेशिया और लाओस के जरिए सस्ता माल अमेरिका भेज रही हैं। इन शिकायतों के बाद अमेरिकी इंटरनेशनल ट्रेड कमीशन ने एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी के दावों की जांच शुरू कर दी थी। नॉलेज बॉक्स: क्या है एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी?
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